Three Forms Of Verb (500 verbs)

Three Forms Of Verb (500 verbs) Verb (V1) V2 (Past) V3 (Past Participle) Hindi Meaning (अर्थ) go went gone जाना come came come आना eat ate eaten खाना drink drank drunk पीना write wrote written लिखना read read read पढ़ना speak spoke spoken बोलना say said said कहना see saw seen देखना hear heard heard … Read more

सूक्ष्मजीव : मित्र और शत्रु

अध्याय “सूक्ष्मजीव : मित्र और शत्रु”                 🌱 सूक्ष्मजीव (Microorganisms) ➤ परिभाषा: सूक्ष्मजीव बहुत छोटे जीव होते हैं जिन्हें हम नंगी आँखों से नहीं देख सकते, केवल सूक्ष्मदर्शी से देखे जा सकते हैं। ➤ प्रकार: जीवाणु (Bacteria) विषाणु (Virus) फफूंद (Fungi) प्रोटोजोआ (Protozoa) शैवाल (Algae) 🌿 सूक्ष्मजीव कहाँ … Read more

फसल उत्पादन एवं प्रबंधन

🌾 फसल उत्पादन एवं प्रबंधन  महत्वपूर्ण बिंदु: बढ़ती जनसंख्या को भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष कृषि पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है। किसी स्थान पर उगाए जाने वाले एक ही प्रकार के पौधों को फसल कहते हैं। भारत में फसलों को ऋतु के आधार पर दो वर्गों में बाँटा जा सकता है: रबी और खरीफ … Read more

FABLES AND FOLK TALES

  🧴 A Bottle of Dew Easy English Summary: Rama Natha, a poor farmer, believed in magic. A sage gave him a bottle of dew, calling it a magic potion. Rama worked hard, thinking the potion helped him. In truth, it was his hard work that brought success. He was angry when he found out … Read more

अध्याय -1 पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति

  अध्याय 1- पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति   1. मानचित्र और उसके घटक मानचित्र किसी क्षेत्र का प्रतीकात्मक चित्रण होता है, जिसमें दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न शामिल होते हैं। मानचित्र के प्रकार: भौतिक मानचित्र राजनीतिक मानचित्र थीमैटिक (विषयगत) मानचित्र 2. अक्षांश और देशांतर अक्षांश (Latitude): भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की दूरी … Read more

संसाधन

  संसाधन अध्याय के मुख्य बिंदु संसाधन की परिभाषा संसाधन वे वस्तुएँ हैं जिनका उपयोग मानव की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। उदाहरण: पानी, बिजली, किताबें, कपड़े, खनिज आदि। संसाधनों के प्रकार प्राकृतिक संसाधन: जो प्रकृति से प्राप्त होते हैं, जैसे हवा, पानी, मिट्टी, खनिज, वन आदि। नवीकरणीय: जो जल्दी … Read more

Wind

Poem: “Wind” by Subramania Bharati Brief Summary (English) The poem personifies the wind as a powerful force that causes destruction—breaking shutters, scattering papers, and crumbling weak structures. The poet initially scolds the wind but later advises resilience: building strong homes, firming the body, and steeling the heart to befriend the wind. The wind’s nature is … Read more