अध्याय 4 : अपने परिवेश में गति का वर्णन

 

अपने परिवेश में गति का वर्णन

1. विराम एवं गति

यदि कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति बदलती है, तो वह गतिमान कहलाती है। यदि उसकी स्थिति नहीं बदलती, तो वह विराम में होती है। अध्याय में यह भी बताया गया है कि गति और विराम संदर्भ बिंदु (Reference Point) पर निर्भर करते हैं।


2. दूरी (Distance)

  • किसी वस्तु द्वारा तय किए गए वास्तविक पथ की कुल लंबाई दूरी कहलाती है।
  • दूरी कभी ऋणात्मक नहीं होती।

3. विस्थापन (Displacement)

  • प्रारम्भिक स्थिति से अंतिम स्थिति तक की सबसे छोटी सीधी दूरी विस्थापन कहलाती है।
  • यदि वस्तु पुनः अपनी प्रारम्भिक स्थिति पर लौट आए, तो उसका विस्थापन शून्य होगा, जबकि दूरी शून्य नहीं होगी।

दूरी और विस्थापन में अंतर

दूरीविस्थापन
वास्तविक पथ की लंबाईसबसे छोटी सीधी दूरी
अदिश राशिसदिश राशि
हमेशा धनात्मकशून्य भी हो सकता है

4. चाल (Speed)

चाल = चली गई दूरी / समय

  • चाल केवल परिमाण बताती है।
  • दिशा का कोई महत्व नहीं होता।

5. माध्य चाल

पूरी यात्रा में चली गई कुल दूरी को कुल समय से भाग देने पर माध्य चाल प्राप्त होती है।


6. वेग (Velocity)

वेग = विस्थापन / समय

वेग में परिमाण और दिशा दोनों महत्वपूर्ण होते हैं।


7. तात्क्षणिक वेग

किसी विशिष्ट क्षण पर वस्तु का वेग तात्क्षणिक वेग कहलाता है। अध्याय में बताया गया है कि जैसे-जैसे समयांतराल बहुत छोटा किया जाता है, वैसे-वैसे प्राप्त वेग तात्क्षणिक वेग कहलाता है।


8. माध्य त्वरण

वेग में परिवर्तन की दर को माध्य त्वरण कहते हैं।

सूत्र

माध्य त्वरण = (अंतिम वेग – प्रारम्भिक वेग) / समयांतराल

SI मात्रक = m/s²

यदि वेग बढ़ता है तो त्वरण वेग की दिशा में होता है और यदि वेग घटता है तो त्वरण वेग की दिशा के विपरीत होता है।


9. स्थिति–समय ग्राफ

अध्याय में बताया गया है कि—

  • सीधी रेखा का अर्थ है कि वस्तु नियत वेग से चल रही है।
  • वक्र रेखा का अर्थ है कि वस्तु का वेग बदल रहा है (त्वरित गति)।

10. ग्राफ से क्या ज्ञात होता है?

स्थिति–समय ग्राफ से—

  • किसी भी समय वस्तु की स्थिति ज्ञात की जा सकती है।
  • रेखा की प्रवणता (Slope) से वेग का अनुमान लगाया जा सकता है।

11. वेग–समय ग्राफ

अध्याय के अनुसार—

  • वेग–समय ग्राफ की प्रवणता = त्वरण
  • वेग–समय ग्राफ और समय-अक्ष के बीच का क्षेत्रफल = विस्थापन

12. गति के समीकरण

अध्याय में नियत त्वरण के लिए निम्न समीकरण दिए गए हैं—

  • v = u + at

इसके आधार पर आगे के गति समीकरण निकाले गए हैं।


13. एकसमान वृत्तीय गति

जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ पर अचर चाल से चलती है, तो उसकी गति एकसमान वृत्तीय गति कहलाती है।

  • चाल अचर रहती है।
  • वेग की दिशा लगातार बदलती रहती है, इसलिए वस्तु त्वरित गति में होती है।

महत्वपूर्ण सूत्र

  • चाल = दूरी / समय
  • वेग = विस्थापन / समय
  • माध्य त्वरण = (अंतिम वेग – प्रारम्भिक वेग) / समय
  • v = u + at

 

 

 

 

अध्याय 4 : अपने परिवेश में गति का वर्णन

अभ्यास प्रश्न (Q1–Q5)

Q1. पिताजी 250 m दूर दुकान गए, घर लौटे, फिर दुकान गए और वापस घर आए। कुल दूरी एवं विस्थापन ज्ञात कीजिए।
मार्गदूरी
घर → दुकान250 m
दुकान → घर250 m
घर → दुकान250 m
दुकान → घर250 m
कुल दूरी = 1000 m
विस्थापन = 0 m
Q2. विद्यार्थी भूतल से चौथी मंजिल तक गया और दूसरी मंजिल पर लौटा। प्रत्येक मंजिल की ऊँचाई 3 m है।

(i) चली गई दूरी

12 m + 6 m = 18 m

(ii) विस्थापन

भूतल से दूसरी मंजिल

6 m (ऊपर की ओर)
Q3. यदि स्कूटर का स्पीडोमीटर स्थिर हो तो क्या स्कूटर त्वरित हो सकता है?

हाँ।

यदि स्कूटर गोल मोड़ पर चल रहा हो तो उसकी चाल समान रहती है लेकिन दिशा बदलती रहती है।

दिशा बदलने से वेग बदलता है इसलिए स्कूटर त्वरित माना जाएगा।

Q4. एक कार विराम से चलती है और 6 s में 24 m/s वेग प्राप्त करती है। त्वरण एवं दूरी ज्ञात कीजिए।

u = 0 m/s

v = 24 m/s

t = 6 s

त्वरण

a=(v-u)/t

24÷6=4

त्वरण = 4 m/s²

दूरी

s = ut + ½at²

=0+½×4×36

=72

दूरी = 72 m
Q5. 28 m/s वेग से चल रही कार 98 m चलकर रुक जाती है। त्वरण एवं समय ज्ञात कीजिए।

u = 28 m/s

v = 0

s = 98 m

त्वरण

v²=u²+2as

0=28²+2×98×a

a = -4 m/s²

समय

v=u+at

0=28-4t

t = 7 s

 

Q6. चित्र 4.27 ऐसी वस्तुओं A एवं B का स्थिति–समय ग्राफ दर्शाता है जो समान्तर सरल रेखीय पथों पर एक ही दिशा में गतिमान हैं। क्या वस्तुएँ A एवं B कभी बराबर वेग से चलेंगी? अपने उत्तर के समर्थन में तर्क दीजिए।

उत्तर:

हाँ।

स्थिति–समय (Position–Time) ग्राफ की प्रवणता (Slope) वस्तु का
वेग दर्शाती है।

  • चित्र 4.27 में A और B के ग्राफ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद (Intersect) करते हैं।
  • प्रतिच्छेदन बिंदु पर दोनों ग्राफ की प्रवणता समान होती है।
  • अतः उस क्षण दोनों वस्तुओं का वेग समान होगा।
निष्कर्ष :
दोनों वस्तुएँ एक क्षण पर समान वेग से चलेंगी क्योंकि उस समय उनके
स्थिति–समय ग्राफ की प्रवणता समान होती है।
Q7. चित्र 4.28 में दिए गए ग्राफ के आधार पर निम्नलिखित कथनों को सही (✔) अथवा गलत (✘) लिखिए तथा कारण दीजिए।
कथनउत्तरकारण
(i) 10 s समयांतराल में दोनों का माध्य वेग बराबर है क्योंकि उनकी प्रारम्भिक एवं अंतिम स्थितियाँ समान हैं।✔ सहीदोनों का विस्थापन समान है तथा समय भी समान (10 s) है, इसलिए दोनों का
माध्य वेग समान होगा।
(ii) 10 s समयांतराल में दोनों की माध्य चाल बराबर है क्योंकि दोनों समान समय में समान दूरी चलते हैं।✔ सहीदोनों ने समान दूरी समान समय में तय की है, इसलिए माध्य चाल समान होगी।
(iii) 10 s समयांतराल में A की माध्य चाल, B की माध्य चाल से कम है।✘ गलतचित्र के अनुसार दोनों ने समान दूरी तय की है, इसलिए दोनों की माध्य चाल समान होगी।
(iv) 10 s समयांतराल में A की माध्य चाल, B की माध्य चाल से अधिक है क्योंकि कुछ समय-खंडों में B की चाल कम है।✘ गलतकुछ समय के लिए चाल कम या अधिक होने से माध्य चाल नहीं बदलती। कुल दूरी और कुल समय समान होने पर माध्य चाल भी समान रहती है।
Q8. 54 km h-1 की चाल से ट्रक चला रहा चालक सड़क के किनारे लगा यातायात निर्देश-पट्ट देखता है, जिसमें ट्रकों के लिए गति सीमा 40 km h-1 दी गई है। वह 36 s में अपनी चाल 54 km h-1 से 40 km h-1 कर लेता है। इस समय में उसके द्वारा चली गई दूरी कितनी होगी? यदि चाल घटाने की अवधि में उसका त्वरण अचर था, तो उसका त्वरण ज्ञात कीजिए।

दिया गया :

  • प्रारम्भिक चाल (u) = 54 km/h = 15 m/s
  • अंतिम चाल (v) = 40 km/h = 11.11 m/s
  • समय (t) = 36 s

(i) त्वरण

a = (v – u) / t

a = (11.11 − 15) / 36

a = −0.108 m/s²

त्वरण = −0.108 m/s²

(ii) चली गई दूरी

s = [(u + v) / 2] × t

= [(15 + 11.11) / 2] × 36

= 13.055 × 36

= 470 m (लगभग)

चली गई दूरी = 470 m (लगभग)
Q9. एक कार विरामावस्था से गति प्रारम्भ करती है और एकसमान त्वरण से 5 s में 20 m/s का वेग प्राप्त करती है। इसके बाद 10 s तक इसी वेग से चलती है तथा अंत में ब्रेक लगाकर एकसमान त्वरण से 6 s में रुक जाती है। कुल दूरी ज्ञात कीजिए।

पहला चरण

s₁ = (u + v) / 2 × t

= (0 + 20) / 2 × 5

= 50 m

दूसरा चरण

s₂ = vt

= 20 × 10

= 200 m

तीसरा चरण

s₃ = (20 + 0) / 2 × 6

= 60 m

कुल दूरी = 50 + 200 + 60 = 310 m
Q10. एक बस 36 km h-1 की चाल से चल रही है। चालक को 30 m आगे एक अवरोध दिखाई देता है। चालक 0.5 s बाद ब्रेक लगाता है तथा बस 2.5 m/s² के नियत मंदन से चलती है। क्या बस अवरोध तक पहुँचने से पहले रुक जाएगी?

दिया गया :

  • u = 36 km/h = 10 m/s
  • प्रतिक्रिया समय = 0.5 s
  • मंदन = 2.5 m/s²
  • अवरोध की दूरी = 30 m

प्रतिक्रिया समय में चली दूरी

= 10 × 0.5 = 5 m

ब्रेक लगाने के बाद रुकने की दूरी

v² = u² + 2as

0 = 10² + 2(−2.5)s

s = 20 m

कुल दूरी = 5 + 20 = 25 m
निष्कर्ष:
बस 25 m में रुक जाएगी। चूँकि अवरोध 30 m दूर है, इसलिए बस अवरोध तक पहुँचने से पहले ही रुक जाएगी।
Q11. किसी विद्यार्थी ने कहा, “पृथ्वी सूर्य के चारों ओर गति करती है।” इस संदर्भ में चर्चा कीजिए कि क्या पृथ्वी पर रखी किसी वस्तु को विरामावस्था में माना जा सकता है?

उत्तर :

हाँ। गति तथा विराम सापेक्ष (Relative) होते हैं।

  • यदि संदर्भ बिंदु पृथ्वी को माना जाए, तो पृथ्वी पर रखी वस्तुएँ विरामावस्था में मानी जाएँगी।
  • यदि संदर्भ बिंदु सूर्य को माना जाए, तो वही वस्तुएँ पृथ्वी के साथ गति करती हुई दिखाई देंगी।
अतः गति एवं विराम संदर्भ बिंदु पर निर्भर करते हैं।

Q12. किसी साइकिल चालक के लिए 0 s से 120 s के बीच का वेग-समय ग्राफ चित्र 4.30 में दिया गया है। उस क्षेत्रफल को छायांकित कीजिए जो उसका विस्थापन निरूपित करता है, जब—

(i) साइकिल चालक नियत वेग से चल रहा हो।

(ii) साइकिल चालक का वेग कम हो रहा हो।

0–120 s में विस्थापन एवं माध्य त्वरण की गणना भी कीजिए।

(i) नियत वेग वाले भाग में ग्राफ के नीचे बना आयताकार क्षेत्रफल विस्थापन दर्शाता है।

(ii) जहाँ वेग कम हो रहा है वहाँ ग्राफ के नीचे का समलंब (Trapezium) क्षेत्रफल विस्थापन दर्शाता है।

कुल विस्थापन = वेग–समय ग्राफ के नीचे का कुल क्षेत्रफल

माध्य त्वरण = (अंतिम वेग − प्रारम्भिक वेग) / कुल समय
विस्थापन ज्ञात करने के लिए ग्राफ के नीचे के सभी क्षेत्रफलों का योग किया जाता है।
Q13. एक लड़की अपनी पहली मैराथन दौड़ प्रतियोगिता की तैयारी कर रही है। चित्र 4.31 में उसके वेग-समय ग्राफ को देखकर उसकी दौड़ी गई दूरी का आकलन कीजिए।

उत्तर :

लड़की द्वारा तय की गई दूरी वेग–समय ग्राफ के नीचे के कुल क्षेत्रफल के बराबर होगी।

इस प्रश्न में दूरी ज्ञात करने के लिए ग्राफ को छोटे-छोटे आयतों एवं समलंबों में बाँटकर उनके क्षेत्रफल का योग किया जाता है।

दूरी = वेग–समय ग्राफ के नीचे का कुल क्षेत्रफल
Q14. किसी राजमार्ग पर एक कार पहले 2 मिनट तक 6 m/s की नियत चाल से चलती है और फिर 6 सेकंड तक 1 m/s² के नियत त्वरण से त्वरित होती है। इस कार का वेग–समय ग्राफ बनाइए। 2 मिनट 6 सेकंड की अवधि में कार का विस्थापन ज्ञात कीजिए।

दिया गया :

  • प्रारम्भिक वेग (u) = 6 m/s
  • पहले 2 मिनट = 120 s
  • त्वरण (a) = 1 m/s²
  • त्वरण का समय = 6 s

पहले 120 s में विस्थापन

s₁ = v × t

= 6 × 120

= 720 m

अगले 6 s में विस्थापन

s₂ = ut + ½at²

= (6 × 6) + ½ × 1 × 6²

= 36 + 18

= 54 m

कुल विस्थापन = 720 + 54 = 774 m

वेग–समय ग्राफ :

  • 0–120 s तक 6 m/s पर क्षैतिज रेखा।
  • 120–126 s तक वेग 6 m/s से 12 m/s तक बढ़ती हुई सीधी रेखा।
Q15. दो कारें A एवं B विरामावस्था से नियत त्वरण से चलना प्रारम्भ करती हैं। कार A, 5 s में 5 m/s तथा कार B, 10 s में 3 m/s का वेग प्राप्त करती है। एक ही ग्राफ पर दोनों का वेग–समय ग्राफ बनाइए। ग्राफ का उपयोग करके दोनों समयावधियों में विस्थापन तथा त्वरण ज्ञात कीजिए।

कार A

त्वरण = (5 − 0) / 5 = 1 m/s²
विस्थापन = ½ × 5 × 5 = 12.5 m

कार B

त्वरण = (3 − 0) / 10 = 0.3 m/s²
विस्थापन = ½ × 10 × 3 = 15 m
कारत्वरणविस्थापन
A1 m/s²12.5 m
B0.3 m/s²15 m

Q16. रोहन शाम 6:00 बजे से 7:30 बजे तक विज्ञान का अध्ययन करता है। उसकी दीवार घड़ी (चित्र 4.32) की मिनट वाली सुई की लंबाई 7 cm है। इस समयावधि में मिनट की सुई के लिए निम्नलिखित ज्ञात कीजिए—

(i) चली गई दूरी

(ii) विस्थापन

(iii) चाल

(iv) वेग

दिया गया :

  • त्रिज्या (r) = 7 cm
  • समय = 90 मिनट = 5400 s
  • 90 मिनट में मिनट की सुई = 1.5 चक्कर

(i) चली गई दूरी

दूरी = 1.5 × 2πr

= 1.5 × 2 × 22/7 × 7

= 66 cm

(ii) विस्थापन

6:00 से 7:30 तक मिनट की सुई 12 से 6 पर पहुँचती है।

विस्थापन = 2r = 14 cm

(iii) चाल

चाल = दूरी / समय

= 66 / 5400

= 0.0122 cm/s

(iv) वेग

वेग = विस्थापन / समय

= 14 / 5400

= 0.0026 cm/s

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