अध्याय–2 : पृथ्वी की सतह का निर्माण

पृथ्वी की सतह का निर्माण

✨ परिचय

पृथ्वी की सतह हमेशा एक जैसी नहीं रहती। पृथ्वी के अंदर और बाहर कार्य करने वाली प्राकृतिक शक्तियाँ लगातार इसकी सतह को बदलती रहती हैं। इन्हीं शक्तियों के कारण पर्वत, मैदान, पठार, घाटियाँ, ज्वालामुखी और महासागर बनते हैं।


📖 प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics)

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत W. J. Morgan द्वारा दिया गया था।

इस सिद्धांत के अनुसार—

  • पृथ्वी की बाहरी परत (Crust) एक ही टुकड़ा नहीं है।
  • यह कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेटों में बँटी हुई है।
  • ये प्लेटें पृथ्वी के अर्ध-द्रव (Asthenosphere) पर धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं।
  • इन्हीं की गति से भूकंप, ज्वालामुखी और पर्वतों का निर्माण होता है।

🌍 पृथ्वी की आंतरिक संरचना

पृथ्वी की तीन मुख्य परतें होती हैं—

1. भूपर्पटी (Crust)

  • सबसे बाहरी परत।
  • इसी पर हम रहते हैं।

2. मैंटल (Mantle)

  • भूपर्पटी के नीचे स्थित।
  • बहुत मोटी और गर्म परत।

3. क्रोड (Core)

  • सबसे अंदर की परत।
  • अत्यधिक गर्म तथा भारी।

स्थलमंडल (Lithosphere) = भूपर्पटी + मैंटल का ऊपरी भाग

एस्थेनोस्फीयर (Asthenosphere) = अर्ध-पिघली हुई परत जिस पर प्लेटें चलती हैं।


🌎 टेक्टोनिक प्लेटों के प्रकार

  1. महाद्वीपीय प्लेट (Continental Plate) – महाद्वीपों को ढोती है।
  2. महासागरीय प्लेट (Oceanic Plate) – महासागर तल को ढोती है।
  3. मिश्रित प्लेट (Mixed Plate) – महाद्वीप और महासागर दोनों को ढोती है।

मुख्य प्लेटें—

  • प्रशांत प्लेट
  • यूरेशियन प्लेट
  • अफ्रीकी प्लेट
  • उत्तर अमेरिकी प्लेट
  • दक्षिण अमेरिकी प्लेट
  • इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट
  • अंटार्कटिक प्लेट

🔥 प्लेटें क्यों चलती हैं?

मैंटल में संवहन धाराएँ (Convection Currents) बनती हैं।

  • गर्म पदार्थ ऊपर उठता है।
  • ठंडा पदार्थ नीचे जाता है।
  • यही प्रक्रिया प्लेटों को धक्का देती है और वे धीरे-धीरे चलती रहती हैं।

📍 प्लेट सीमाएँ (Plate Boundaries)

1. अभिसारी सीमा (Convergent Boundary)

  • दो प्लेटें एक-दूसरे की ओर आती हैं।
  • पर्वत, ज्वालामुखी और भूकंप बनते हैं।
  • उदाहरण – हिमालय

2. अपसारी सीमा (Divergent Boundary)

  • दो प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं।
  • मैग्मा ऊपर आता है।
  • नई भूपर्पटी बनती है।
  • उदाहरण – मिड-अटलांटिक रिज

3. रूपांतरण सीमा (Transform Boundary)

  • प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर फिसलती हैं।
  • मुख्य रूप से भूकंप आते हैं।
  • उदाहरण – San Andreas Fault

🌋 प्लेट विवर्तनिकी का महत्व

प्लेटों की गति से—

  • पर्वत बनते हैं।
  • घाटियाँ बनती हैं।
  • महासागर बनते हैं।
  • ज्वालामुखी फटते हैं।
  • भूकंप आते हैं।

प्रशांत महासागर के चारों ओर का क्षेत्र “Ring of Fire” कहलाता है, जहाँ सबसे अधिक भूकंप और ज्वालामुखी आते हैं।


🌪 अपक्षय (Weathering)

अपक्षय वह प्रक्रिया है जिसमें चट्टानें अपने स्थान पर ही टूटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल जाती हैं।

अपक्षय के प्रकार

1. भौतिक अपक्षय

तापमान, हवा, बर्फ आदि के कारण।

2. रासायनिक अपक्षय

जल, वायु या अम्लों की रासायनिक क्रिया से।

3. जैविक अपक्षय

पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं और सूक्ष्म जीवों द्वारा।


🌊 अपरदन (Erosion)

अपरदन वह प्रक्रिया है जिसमें मिट्टी और चट्टानों का कटाव होकर वे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँच जाती हैं।

अपरदन के प्रकार

  • जल अपरदन
  • वायु अपरदन
  • हिमानी अपरदन
  • तटीय अपरदन

अपरदन से—

  • उपजाऊ मिट्टी नष्ट होती है।
  • खेतों की पैदावार घटती है।
  • घर और सड़कें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।

⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत – W. J. Morgan
  • पृथ्वी की तीन परतें – भूपर्पटी, मैंटल, क्रोड
  • प्लेटों की गति का कारण – संवहन धाराएँ
  • प्लेट सीमाओं के तीन प्रकार – अभिसारी, अपसारी, रूपांतरण
  • अपक्षय में चट्टानें टूटती हैं, स्थान नहीं बदलतीं
  • अपरदन में मिट्टी और चट्टानें एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचती हैं
  • Ring of Fire भूकंप और ज्वालामुखियों का प्रमुख क्षेत्र है।

    ✍️ महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर (हिंदी)

    🔹 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)

    प्रश्न 1. प्लेट विवर्तनिकी क्या है?

    उत्तर: प्लेट विवर्तनिकी वह सिद्धांत है जिसके अनुसार पृथ्वी की भूपर्पटी कई टेक्टोनिक प्लेटों में बँटी है, जो धीरे-धीरे गतिशील रहती हैं।

    प्रश्न 2. प्लेट विवर्तनिकी का सिद्धांत किसने दिया?

    उत्तर: डब्ल्यू. जे. मॉर्गन (W. J. Morgan) ने।

    प्रश्न 3. पृथ्वी की तीन मुख्य परतें कौन-सी हैं?

    उत्तर:

    1. भूपर्पटी (Crust)
    2. मैंटल (Mantle)
    3. क्रोड (Core)

    प्रश्न 4. स्थलमंडल (Lithosphere) क्या है?

    उत्तर: भूपर्पटी तथा मैंटल के ऊपरी भाग को मिलाकर स्थलमंडल कहते हैं।

    प्रश्न 5. एस्थेनोस्फीयर क्या है?

    उत्तर: यह स्थलमंडल के नीचे स्थित अर्ध-पिघली हुई परत है, जिस पर टेक्टोनिक प्लेटें चलती हैं।

    प्रश्न 6. प्लेट सीमाओं के तीन प्रकार कौन-से हैं?

    उत्तर:

    • अभिसारी सीमा
    • अपसारी सीमा
    • रूपांतरण सीमा

    प्रश्न 7. अपक्षय (Weathering) क्या है?

    उत्तर: चट्टानों का अपने स्थान पर टूटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बदलना अपक्षय कहलाता है।

    प्रश्न 8. अपरदन (Erosion) क्या है?

    उत्तर: मिट्टी और चट्टानों का कटकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँच जाना अपरदन कहलाता है।


    🔹 लघु उत्तरीय प्रश्न (2–3 अंक)

    प्रश्न 1. प्लेटों की गति का कारण क्या है?

    उत्तर:
    मैंटल में बनने वाली संवहन धाराएँ (Convection Currents) प्लेटों की गति का मुख्य कारण हैं। गर्म पदार्थ ऊपर उठता है और ठंडा पदार्थ नीचे जाता है, जिससे प्लेटें धीरे-धीरे खिसकती हैं।


    प्रश्न 2. अभिसारी सीमा क्या है?

    उत्तर:
    जब दो प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, तो उसे अभिसारी सीमा कहते हैं। इससे पर्वत, ज्वालामुखी और भूकंप बनते हैं। हिमालय इसका प्रमुख उदाहरण है।


    प्रश्न 3. अपसारी सीमा क्या है?

    उत्तर:
    जब दो प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं, तो उसे अपसारी सीमा कहते हैं। इससे मैग्मा ऊपर आता है और नई भूपर्पटी बनती है। मिड-अटलांटिक रिज इसका उदाहरण है।


    प्रश्न 4. रूपांतरण सीमा क्या है?

    उत्तर:
    जब दो प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर फिसलती हैं, तो उसे रूपांतरण सीमा कहते हैं। इससे मुख्य रूप से भूकंप आते हैं।


    प्रश्न 5. अपक्षय और अपरदन में अंतर लिखिए।

    अपक्षयअपरदन
    चट्टानें टूटती हैं।चट्टानें और मिट्टी एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचती हैं।
    पदार्थ का स्थान नहीं बदलता।पदार्थ का स्थान बदलता है।
    यह ताप, जल और जैविक कारणों से होता है।यह जल, वायु, हिम और समुद्री लहरों से होता है।

    प्रश्न 6. अपरदन का किसानों पर क्या प्रभाव पड़ता है?

    उत्तर:

    • उपजाऊ मिट्टी बह जाती है।
    • फसल उत्पादन कम हो जाता है।
    • खेतों की उर्वरता घटती है।
    • किसानों को आर्थिक हानि होती है।

    🔹 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)

    प्रश्न 1. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत का वर्णन कीजिए।

    उत्तर:
    प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी की बाहरी परत कई टेक्टोनिक प्लेटों में विभाजित है। ये प्लेटें एस्थेनोस्फीयर पर धीरे-धीरे चलती रहती हैं। इनकी गति संवहन धाराओं के कारण होती है। प्लेटों के टकराने, अलग होने या फिसलने से पर्वत, ज्वालामुखी, भूकंप, घाटियाँ और महासागर बनते हैं। यह सिद्धांत पृथ्वी की सतह में होने वाले परिवर्तनों को समझने में बहुत महत्वपूर्ण है।


    प्रश्न 2. अपक्षय और अपरदन पृथ्वी की सतह को कैसे प्रभावित करते हैं?

    उत्तर:
    अपक्षय चट्टानों को तोड़ता है, जबकि अपरदन टूटे हुए पदार्थ को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाता है। इन दोनों प्रक्रियाओं से घाटियाँ, मैदान, डेल्टा, गुफाएँ और अन्य स्थलाकृतियाँ बनती हैं। साथ ही, मिट्टी का कटाव होने से कृषि और मानव जीवन भी प्रभावित होता है।


    प्रश्न 3. स्थलरूप (Landforms) मानव जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं?

    उत्तर:
    स्थलरूप मानव जीवन पर अनेक प्रकार से प्रभाव डालते हैं।

    • पर्वत जलवायु और सुरक्षा प्रदान करते हैं।
    • मैदान कृषि के लिए उपयुक्त होते हैं।
    • नदियाँ सिंचाई और परिवहन में सहायता करती हैं।
    • समुद्री तट व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देते हैं।
    • डेल्टा क्षेत्र उपजाऊ होते हैं और घनी आबादी को सहारा देते हैं।

    🎯 CBSE परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न

    1. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत क्या है? समझाइए।
    2. पृथ्वी की आंतरिक संरचना का चित्र सहित वर्णन कीजिए।
    3. प्लेट सीमाओं के प्रकार उदाहरण सहित समझाइए।
    4. अपक्षय और अपरदन में अंतर लिखिए।
    5. संवहन धाराएँ प्लेटों की गति कैसे कराती हैं?
    6. Ring of Fire क्या है?
    7. भूकंप और ज्वालामुखी प्लेट सीमाओं पर अधिक क्यों आते हैं?
    8. अपरदन का मानव जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    9. नदी द्वारा निर्मित प्रमुख स्थलरूपों का वर्णन कीजिए।
    10. समुद्री लहरों और हिमनदों द्वारा निर्मित स्थलरूपों का वर्णन कीजिए।

     

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