Class xth कृतिका भाग 2
🔹 अध्याय 1: माता का अँचल (शिवपूजन सहाय)
📖 सारांश
यह कहानी 1930 के दशक के ग्रामीण जीवन का चित्रण करती है। इसमें लेखक (भोलानाथ) का अपने पिता के साथ बहुत गहरा जुड़ाव दिखाया गया है। वे साथ में पूजा करते, खेलते और घूमते थे। लेकिन अंत में, जब भोलानाथ साँप के डर से काँपता हुआ घर भागता है, तो वह पिता की गोद में जाने के बजाय सीधे माँ की शरण में जाकर छिप जाता है।
❓ महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न: भोलानाथ अपने पिता के साथ इतना समय बिताता था, फिर भी मुसीबत में माँ के पास ही क्यों गया?
उत्तर: क्योंकि माँ के आँचल में जो ममता, प्रेम और सुरक्षा की अनुभूति होती है, वह पिता के लाड़-प्यार से अलग और अधिक गहरी होती है।
🔹 अध्याय 2: साना-साना हाथ जोड़ि… (मधु कांकरिया)
📖 सारांश
यह एक यात्रा-वृत्तांत है जिसमें लेखिका ने सिक्किम की राजधानी गंतोक और हिमालय की पहाड़ियों की यात्रा का वर्णन किया है। वह वहाँ की प्राकृतिक सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो जाती हैं, लेकिन साथ ही वहाँ की महिलाओं और बच्चों के कठिन जीवन (पत्थर तोड़ना, पीठ पर बच्चों को लादकर काम करना) को देखकर भावुक भी हो जाती हैं।
❓ महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न: गंतोक को ‘मेहनतकश बादशाहों का शहर’ क्यों कहा गया है?
उत्तर: क्योंकि यहाँ के लोगों ने अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष से पहाड़ों को काटकर रास्ते बनाए और इतने कठिन इलाके को भी बेहद खूबसूरत और जीवंत बना दिया है।
🔹 अध्याय 3: मैं क्यों लिखता हूँ? (अज्ञेय)
📖 सारांश
इस निबंध में लेखक ने लिखने के पीछे के मनोवैज्ञानिक कारणों पर चर्चा की है। उनके अनुसार, एक लेखक केवल शोहरत या पैसे के लिए नहीं लिखता, बल्कि अपने भीतर की ‘आंतरिक विवशता’ या तड़प को अभिव्यक्त करने के लिए लिखता है। उन्होंने हिरोशिमा पर हुए परमाणु हमले के अनुभव को अपनी कविता के माध्यम से व्यक्त करने का उदाहरण भी दिया है।
❓ महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न: लेखक के अनुसार ‘प्रत्यक्ष अनुभव’ और ‘अनुभूति’ में क्या अंतर है?
उत्तर: प्रत्यक्ष अनुभव वह है जो हम अपनी आँखों से देखते हैं, लेकिन अनुभूति वह है जो हृदय और संवेदना के स्तर पर हमें झकझोर देती है और लिखने के लिए विवश करती है।
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माता का अँचल (शिवपूजन सहाय)
❓ प्रश्न 1
‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर बताइए कि बच्चे का अपने पिता से अधिक जुड़ाव था, फिर भी विपत्ति के समय वह पिता के पास न जाकर माँ की शरण क्यों लेता है?
उत्तर:
बच्चे का पिता के साथ समय बिताना और खेलना एक बाहरी जुड़ाव था। लेकिन माँ की ममता और उसका आँचल सुरक्षा का सबसे गहरा प्रतीक होता है। विपत्ति के समय बच्चा मानसिक शांति और डर से मुक्ति चाहता है, जो उसे माँ की कोमल गोद और उसके आँचल की छाया में ही मिलती है।
❓ प्रश्न 2
बच्चे अपने माता-पिता के प्रति अपने प्रेम को कैसे अभिव्यक्त करते हैं?
उत्तर:
बच्चे माता-पिता की गोद में बैठकर, उनके साथ खेलकर, उनके कार्यों में हाथ बँटाकर और कभी-कभी ज़िद करके अपना प्रेम प्रकट करते हैं।
🔹 2. साना-साना हाथ जोड़ि… (मधु कांकरिया)
❓ प्रश्न 1
गंतोक को ‘मेहनतकश बादशाहों का शहर’ क्यों कहा गया है?
उत्तर:
गंतोक के लोगों ने अपनी कड़ी मेहनत से पहाड़ों को काटकर रास्ते बनाए और एक कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाले स्थान को सुंदर और विकसित शहर बनाया। यहाँ के निवासियों का जीवन संघर्षपूर्ण है, फिर भी वे इसे शान से जीते हैं, इसलिए इसे ‘मेहनतकश बादशाहों का शहर’ कहा गया है।
❓ प्रश्न 2
लेखिका ने जब पहाड़ी महिलाओं को पत्थर तोड़ते देखा, तो उनके मन में क्या विचार आए?
उत्तर:
लेखिका को लगा कि जहाँ प्रकृति इतनी सुंदर है, वहीं वहाँ के लोगों का जीवन उतना ही कठोर है। सुंदर नज़ारों के पीछे भूख, मौत और गरीबी का संघर्ष छिपा हुआ है।
🔹 3. मैं क्यों लिखता हूँ? (अज्ञेय)
❓ प्रश्न 1
लेखक के अनुसार किसी रचनाकार के लिखने के पीछे ‘आंतरिक विवशता’ क्या होती है?
उत्तर:
‘आंतरिक विवशता’ का अर्थ है लेखक के मन के भीतर की वह तड़प या बेचैनी जिसे वह तब तक शांत नहीं कर पाता जब तक कि वह उसे शब्दों के माध्यम से कागज़ पर उतार न दे। यह दबाव उसे लिखने के लिए मजबूर करता है ताकि वह उस मानसिक बोझ से मुक्त हो सके।
❓ प्रश्न 2
लेखक ने हिरोशिमा पर कविता कब लिखी और क्यों?
उत्तर:
लेखक ने हिरोशिमा का दौरा किया और वहाँ एक पत्थर पर उभरी मानव की छाया को देखा, जो परमाणु विस्फोट का परिणाम थी। इस ‘अनुभूति’ ने उनके मन में गहरी पीड़ा जगाई, जिससे विवश होकर उन्होंने भारत वापस आकर यह कविता लिखी।