Chapter 8 – आनुवंशिकता

 

🧬 अध्याय 8 – आनुवंशिकता (Heredity)

🌱 अध्याय का सारांश (Summary in Easy Hindi):

  1. जनन और समानता:
    जनन से नए जीव उत्पन्न होते हैं जो अपने माता-पिता जैसे दिखते हैं, परंतु उनमें कुछ अंतर (कविभिन्नताएँ) भी होते हैं।
  2. आनुवंशिकता (Heredity):
    वह प्रक्रिया जिससे माता-पिता के लक्षण उनकी संतान में आते हैं, आनुवंशिकता कहलाती है।
  3. कविभिन्नता (Variation):
    किसी प्रजाति के व्यक्तियों में छोटे-छोटे अंतर ही कविभिन्नता कहलाते हैं। ये ही प्राकृतिक चयन और विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  4. मेंडल के प्रयोग (Mendel’s Experiments):
    • मेंडल ने मटर के पौधों पर प्रयोग किए।
    • उन्होंने पाया कि लक्षण दो प्रकार के होते हैं –
      प्रभावी (Dominant) और अप्रभावी (Recessive)
    • जब लंबे और बौने पौधे मिलाए गए तो पहली पीढ़ी में सभी लंबे (प्रभावी) निकले,
      लेकिन दूसरी पीढ़ी (F₂) में 3 लंबे और 1 बौना (3:1 अनुपात) मिला।
  5. लक्षणों की स्वतंत्रता (Independent Assortment):
    एक लक्षण दूसरे लक्षण से स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ता है।
    जैसे – पौधे की लंबाई और बीज का रंग एक-दूसरे से स्वतंत्र हैं।
  6. जीन (Gene) और गुणसूत्र (Chromosome):
    • जीन DNA का वह भाग है जो किसी लक्षण को नियंत्रित करता है।
    • प्रत्येक जीन के दो रूप होते हैं (copies) – एक माता से और एक पिता से।
    • जीन गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं।
  7. लिंग निर्धारण (Sex Determination):
    • मानव में स्त्री के गुणसूत्र XX और पुरुष के XY होते हैं।
    • बच्चा लड़की (XX) होगा यदि पिता से X गुणसूत्र मिले,
      और लड़का (XY) होगा यदि पिता से Y गुणसूत्र मिले।
      👉 इसलिए बच्चे का लिंग पिता द्वारा निर्धारित होता है।

📘 महत्वपूर्ण बिंदु (Important Notes):

  • आनुवंशिकता से संतति अपने माता-पिता के लक्षण प्राप्त करती है।
  • प्रभावी लक्षण हमेशा अप्रभावी लक्षण पर हावी रहता है।
  • लक्षण पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीन के माध्यम से चलते हैं।
  • प्रत्येक व्यक्ति के पास गुणसूत्रों के दो सेट होते हैं – एक माँ से और एक पिता से।
  • जीन में परिवर्तन (Mutation) से विविधता उत्पन्न होती है।

✍️ प्रश्नोत्तर (Question Answers)

🟢 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs – Short Type):

  1. आनुवंशिकता का अध्ययन किसने किया?
    उत्तर: ग्रेगर जॉन मेंडल ने।
  2. मानव में नर के गुणसूत्र कौन से होते हैं?
    उत्तर: XY
  3. मटर के पौधों में लक्षणों का अध्ययन किसने किया था?
    उत्तर: मेंडल ने।
  4. जीन क्या है?
    उत्तर: DNA का वह भाग जो किसी लक्षण को नियंत्रित करता है।

🟡 संक्षिप्त उत्तर प्रश्न (Short Answer Type):

  1. प्रभावी और अप्रभावी लक्षण में क्या अंतर है?
    उत्तर:

    • प्रभावी लक्षण वह होता है जो संतति में दिखाई देता है।
    • अप्रभावी लक्षण दब जाता है और तभी प्रकट होता है जब दोनों जीन उसके समान हों।
      (उदाहरण: लंबा पौधा – प्रभावी, बौना पौधा – अप्रभावी)
  2. लिंग निर्धारण कैसे होता है?
    उत्तर:

    • स्त्री में XX और पुरुष में XY गुणसूत्र होते हैं।
    • यदि पिता X देता है तो बच्ची (XX), और यदि Y देता है तो बच्चा (XY) पैदा होता है।
  3. कविभिन्नता क्यों महत्वपूर्ण है?
    उत्तर:
    कविभिन्नता से जीवों में विविधता आती है जो उन्हें पर्यावरण में जीवित रहने में मदद करती है।
  4. मेंडल के नियम क्या हैं?
    उत्तर:

    • प्रभावीता का नियम (Law of Dominance)
    • विभाजन का नियम (Law of Segregation)
    • स्वतंत्र वर्गीकरण का नियम (Law of Independent Assortment)

🔵 दीर्घ उत्तर प्रश्न (Long Answer Type):

  1. मेंडल के प्रयोग का वर्णन करें और उनके निष्कर्ष लिखें।
    उत्तर:
    मेंडल ने मटर के पौधों पर प्रयोग किया। उन्होंने विपरीत लक्षणों वाले पौधों (जैसे लंबा और बौना) को पार किया।

    • पहली पीढ़ी (F₁) में सभी पौधे लंबे थे (प्रभावी लक्षण)।
    • दूसरी पीढ़ी (F₂) में 3 लंबे और 1 बौना पौधा पाया गया (3:1 अनुपात)।
      इससे उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि हर लक्षण दो कारकों (जीनों) द्वारा नियंत्रित होता है और एक प्रभावी तथा दूसरा अप्रभावी होता है।
  2. आनुवंशिकता और कविभिन्नता में क्या अंतर है?
    उत्तर:

    आधारआनुवंशिकताकविभिन्नता
    अर्थमाता-पिता से लक्षणों का संचारएक ही प्रजाति के व्यक्तियों में अंतर
    कारणजीन और गुणसूत्रपर्यावरण और उत्परिवर्तन
    महत्वसंतति समान बनती हैजीवों में अनुकूलता और विकास में सहायक

🧠 परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले टॉपिक:

  • मेंडल का प्रयोग और उनके तीन नियम
  • प्रभावी एवं अप्रभावी लक्षण
  • लिंग निर्धारण (X और Y गुणसूत्रों द्वारा)
  • जीन की परिभाषा और कार्य
  • कविभिन्नता का महत्व

यह रहे अध्याय 8 – आनुवंशिकता (Heredity) के
📘 अतिरिक्त CBSE परीक्षा में बार-बार पूछे गए प्रश्न और उनके उत्तर (2023–2025 के पेपरों से)
पूरी तरह सरल हिंदी में 👇


🧬 अध्याय 8: आनुवंशिकता – अतिरिक्त प्रश्नोत्तर


🟢 1. अलैंगिक जनन में भी कविभिन्नता क्यों पाई जाती है?

उत्तर:
अलैंगिक जनन में नए जीव एक ही जनक से बनते हैं, परंतु DNA प्रतिकृति के समय सूक्ष्म त्रुटियाँ (mutation) हो जाती हैं।
इन्हीं कारणों से थोड़ी बहुत कविभिन्नता उत्पन्न होती है।


🟢 2. कविभिन्नता जीवों के लिए क्यों आवश्यक है?

उत्तर:
कविभिन्नता जीवों को बदलते पर्यावरण में अनुकूलन (adaptation) करने में मदद करती है।
जिनमें उपयोगी कविभिन्नताएँ होती हैं, वे जीवित रहते हैं — यही प्राकृतिक चयन (natural selection) का आधार है।


🟢 3. मेंडल ने मटर के पौधों को ही अपने प्रयोग के लिए क्यों चुना?

उत्तर:
मेंडल ने मटर चुना क्योंकि —

  1. यह जल्दी बढ़ता है और कई लक्षणों में अंतर स्पष्ट होता है।
  2. आत्मपरागण और परपरागण दोनों आसानी से होते हैं।
  3. इसके बीजों में भिन्न-भिन्न लक्षण (जैसे – लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार) पाए जाते हैं।

🟢 4. मेंडल के तीन नियम बताइए।

उत्तर:

  1. प्रभावीता का नियम (Law of Dominance):
    एक लक्षण दूसरे पर हावी रहता है।
  2. विभाजन का नियम (Law of Segregation):
    प्रत्येक लक्षण के दो जीन अलग-अलग पीढ़ियों में अलग हो जाते हैं।
  3. स्वतंत्र वर्गीकरण का नियम (Law of Independent Assortment):
    एक लक्षण का दूसरे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

🟢 5. जीन और गुणसूत्र में क्या संबंध है?

उत्तर:
जीन, DNA का वह भाग है जो गुणसूत्रों (Chromosomes) पर स्थित होता है।
गुणसूत्र जीन को कोशिका के केंद्रक से संतति तक पहुँचाते हैं।


🟢 6. प्रभावी (Dominant) और अप्रभावी (Recessive) लक्षण में अंतर लिखिए।

क्रमप्रभावी लक्षणअप्रभावी लक्षण
1संतति में प्रकट होता हैदबा रहता है
2केवल एक जीन से प्रकट होता हैतभी प्रकट होता है जब दोनों जीन समान हों
3उदाहरण – लंबा पौधा (T)बौना पौधा (t)

🟢 7. एक लंबे (TT) और बौने (tt) मटर के पौधे के संकरण से क्या परिणाम मिलेगा?

उत्तर:

  • F₁ पीढ़ी में सभी पौधे लंबे (Tt) होंगे, क्योंकि T प्रभावी है।
  • F₂ पीढ़ी में अनुपात होगा – 3 लंबे : 1 बौना (3:1)

🟢 8. मानव में लिंग निर्धारण कैसे होता है? (बहुत महत्वपूर्ण)

उत्तर:

  • स्त्री के गुणसूत्र = XX
  • पुरुष के गुणसूत्र = XY
    सभी बच्चे माता से X गुणसूत्र लेते हैं।
    👉 यदि पिता X देता है → लड़की (XX)
    👉 यदि पिता Y देता है → लड़का (XY)
    इसलिए बच्चे का लिंग पिता पर निर्भर करता है।

🟢 9. ‘DNA’ क्या है और इसका कार्य क्या है?

उत्तर:
DNA (Deoxyribonucleic Acid) एक रासायनिक पदार्थ है जिसमें जीव के सभी लक्षणों की आनुवंशिक जानकारी होती है।
इसका कार्य है —

  • वंशागत लक्षणों का संचार करना।
  • प्रोटीन निर्माण के लिए सूचना देना।

🟢 10. किसी जाति का अस्तित्व बनाए रखने में विविधता (variation) कैसे मदद करती है?

उत्तर:
विविधता के कारण कुछ जीव कठोर परिस्थितियों (गर्मी, सूखा आदि) में भी जीवित रहते हैं।
इस प्रकार विविधता प्राकृतिक चयन और विकास (evolution) में सहायक है।


🟢 11. मानव में रक्त समूह निर्धारण किस प्रकार होता है?

उत्तर:
रक्त समूह तीन जीनों (IA, IB, i) द्वारा नियंत्रित होता है।

  • IA और IB → प्रभावी
  • i → अप्रभावी
    इससे चार रक्त समूह बनते हैं — A, B, AB और O।

🟢 12. गुणसूत्रों की संख्या स्थिर क्यों रहती है?

उत्तर:
गुणसूत्रों की संख्या स्थिर रहने का कारण है –
गैमेट (जनन कोशिका) बनने के समय संख्या आधी हो जाती है,
और निषेचन के समय फिर से पूर्ण संख्या बन जाती है।
इससे हर प्रजाति में संख्या स्थिर रहती है।


🟢 13. मानव कोशिका में कितने गुणसूत्र होते हैं?

उत्तर:
मानव शरीर की सामान्य कोशिकाओं में 46 (23 जोड़े) गुणसूत्र होते हैं।


🟢 14. संतति में कौन-कौन से लक्षण माता-पिता से प्राप्त होते हैं? (उदाहरण सहित)

उत्तर:
संतति में बालों का रंग, आँखों का रंग, रक्त समूह, ऊँचाई आदि लक्षण माता-पिता से जीन द्वारा प्राप्त होते हैं।


🟢 15. मेंडल के प्रयोग से क्या निष्कर्ष निकले?

उत्तर:

  1. लक्षण जीनों द्वारा नियंत्रित होते हैं।
  2. प्रत्येक लक्षण के दो जीन होते हैं।
  3. एक लक्षण प्रभावी और दूसरा अप्रभावी हो सकता है।
  4. लक्षण पीढ़ी दर पीढ़ी स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ते हैं।

🎯 CBSE परीक्षा के लिए अति-महत्वपूर्ण विषय:

  1. मेंडल के प्रयोग और उनके तीन नियम
  2. प्रभावी और अप्रभावी लक्षण का अंतर
  3. लिंग निर्धारण (XX, XY प्रणाली)
  4. जीन और गुणसूत्र का संबंध
  5. कविभिन्नता का महत्व
  6. 3:1 अनुपात और Punnett Square का सिद्धांत

 


🧬 अध्याय 8 – आनुवंशिकता (Heredity)

📘 CBSE बोर्ड के लिए पूर्ण प्रश्नोत्तर संग्रह (2023–2025 आधारित)


1️⃣ अलैंगिक जनन में भी कविभिन्नता क्यों पाई जाती है?

उत्तर:
अलैंगिक जनन में नए जीव एक ही जनक से बनते हैं।
परंतु जब DNA की प्रतिकृति बनती है, तो उसमें सूक्ष्म परिवर्तन या त्रुटियाँ (mutation) आ जाती हैं।
इन्हीं छोटे परिवर्तनों के कारण संतति में कविभिन्नता पाई जाती है।


2️⃣ कविभिन्नता जीवों के लिए क्यों आवश्यक है?

उत्तर:
कविभिन्नता जीवों को पर्यावरण के अनुसार अनुकूल (adapt) होने में मदद करती है।
जो जीव नई परिस्थितियों को सहन कर लेते हैं, वही जीवित रहते हैं।
इससे प्राकृतिक चयन (Natural Selection) होता है और प्रजातियों का विकास (Evolution) संभव होता है।


3️⃣ मेंडल ने मटर के पौधों को अपने प्रयोग के लिए क्यों चुना?

उत्तर:
मेंडल ने मटर चुना क्योंकि –

  1. मटर जल्दी बढ़ती है और फूलने में कम समय लेती है।
  2. मटर में स्पष्ट विपरीत लक्षण पाए जाते हैं (जैसे – लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार बीज)।
  3. इसमें आत्म-परागण और पर-परागण दोनों आसानी से किए जा सकते हैं।

4️⃣ मेंडल के तीन प्रमुख नियम बताइए।

उत्तर:

  1. प्रभावीता का नियम (Law of Dominance):
    प्रत्येक लक्षण के दो रूप होते हैं, जिनमें से एक प्रभावी (Dominant) और दूसरा अप्रभावी (Recessive) होता है।
    प्रभावी लक्षण हमेशा संतति में दिखाई देता है।
  2. विभाजन का नियम (Law of Segregation):
    किसी लक्षण को नियंत्रित करने वाले दो जीन गैमेट (जनन कोशिका) बनते समय अलग हो जाते हैं।
  3. स्वतंत्र वर्गीकरण का नियम (Law of Independent Assortment):
    अलग-अलग लक्षण एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं।

5️⃣ जीन और गुणसूत्र में क्या संबंध है?

उत्तर:

  • गुणसूत्र (Chromosome) कोशिका के नाभिक में पाए जाते हैं।
  • इन पर ही जीन (Gene) स्थित होते हैं।
  • जीन किसी विशेष लक्षण (Trait) को नियंत्रित करते हैं।
  • अतः जीन गुणसूत्र का एक अंश है जो वंशानुगत सूचना (hereditary information) को आगे बढ़ाता है।

6️⃣ प्रभावी (Dominant) और अप्रभावी (Recessive) लक्षण में अंतर लिखिए।

क्रमप्रभावी लक्षण (Dominant Trait)अप्रभावी लक्षण (Recessive Trait)
1जो लक्षण संतति में दिखाई देता हैजो लक्षण दबा रहता है
2एक जीन से प्रकट होता हैदोनों समान जीन होने पर ही प्रकट होता है
3उदाहरण – लंबा पौधा (T)उदाहरण – बौना पौधा (t)

7️⃣ लंबे (TT) और बौने (tt) मटर पौधे के संकरण से क्या परिणाम मिलेगा?

उत्तर:

  • F₁ पीढ़ी → सभी पौधे लंबे होंगे (Tt), क्योंकि T प्रभावी है।
  • F₂ पीढ़ी → 3 लंबे और 1 बौना पौधा मिलेगा।
    👉 अनुपात = 3 : 1
    यह प्रभावीता के नियम को सिद्ध करता है।

8️⃣ मानव में लिंग निर्धारण कैसे होता है?

उत्तर:

  • स्त्री (Female): XX गुणसूत्र
  • पुरुष (Male): XY गुणसूत्र
    प्रत्येक बच्चे को माता से हमेशा X गुणसूत्र मिलता है।
    अब पिता से यदि —
  • X गुणसूत्र मिले → बच्ची (XX)
  • Y गुणसूत्र मिले → बच्चा (XY)
    अतः बच्चे का लिंग पिता द्वारा निर्धारित होता है।

9️⃣ DNA क्या है? इसका कार्य क्या है?

उत्तर:
DNA (Deoxyribonucleic Acid) एक रासायनिक पदार्थ है जिसमें सभी आनुवंशिक सूचनाएँ होती हैं।
कार्य:

  1. वंशागत लक्षणों का संचार करना।
  2. प्रोटीन निर्माण की सूचना देना।
  3. जीव की बनावट और कार्य को नियंत्रित करना।

🔟 किसी जाति का अस्तित्व बनाए रखने में विविधता कैसे मदद करती है?

उत्तर:
विविधता के कारण कुछ जीव कठोर परिस्थितियों जैसे गर्मी, सर्दी या बीमारी में भी जीवित रहते हैं।
जो जीव परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं, वही प्राकृतिक चयन से आगे बढ़ते हैं।
इस प्रकार विविधता किसी जाति के जीवित रहने और विकास में सहायक है।


11️⃣ मानव में रक्त समूह निर्धारण किस प्रकार होता है?

उत्तर:

  • रक्त समूह तीन जीनों द्वारा नियंत्रित होता है – IA, IB, i
  • IA और IB → प्रभावी जीन
  • i → अप्रभावी जीन
    इससे 4 प्रकार के रक्त समूह बनते हैं:
  1. IA IA या IA i → A समूह
  2. IB IB या IB i → B समूह
  3. IA IB → AB समूह
  4. i i → O समूह

12️⃣ गुणसूत्रों की संख्या स्थिर क्यों रहती है?

उत्तर:
जनन कोशिकाओं (गैमेट्स) के निर्माण के समय गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।
जब निषेचन (fertilization) होता है तो यह संख्या फिर से पूरी हो जाती है।
इस प्रकार हर पीढ़ी में गुणसूत्रों की संख्या स्थिर बनी रहती है।


13️⃣ मानव शरीर में कितने गुणसूत्र पाए जाते हैं?

उत्तर:
मानव की प्रत्येक शरीर कोशिका में 46 गुणसूत्र (23 जोड़े) होते हैं।
इनमें से 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) होता है।


14️⃣ माता-पिता से संतति में कौन-कौन से लक्षण आते हैं?

उत्तर:
संतति में माता-पिता से निम्नलिखित लक्षण आते हैं —

  • बालों का रंग
  • आँखों का रंग
  • त्वचा का रंग
  • रक्त समूह
  • ऊँचाई
    ये सभी लक्षण जीन द्वारा नियंत्रित होते हैं।

15️⃣ मेंडल के प्रयोग से क्या निष्कर्ष निकले?

उत्तर:
मेंडल के प्रयोगों से यह पता चला कि —

  1. लक्षण जीनों द्वारा नियंत्रित होते हैं।
  2. प्रत्येक लक्षण के दो जीन होते हैं।
  3. एक प्रभावी होता है और दूसरा अप्रभावी।
  4. लक्षण पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ते हैं।
  5. आनुवंशिकता निश्चित नियमों का पालन करती है।

16️⃣ मेंडल के प्रयोग का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
मेंडल ने मटर के पौधों में विपरीत लक्षणों (लंबा-बौना, गोल-झुर्रीदार बीज) का संकरण किया।

  • पहली पीढ़ी (F₁) में सभी पौधे लंबे निकले – प्रभावी लक्षण।
  • दूसरी पीढ़ी (F₂) में 3 लंबे और 1 बौना – अनुपात 3:1
    इससे उन्होंने तीन नियम बताए:
    प्रभावीता, विभाजन और स्वतंत्र वर्गीकरण।

17️⃣ आनुवंशिकता और कविभिन्नता में क्या अंतर है?

आधारआनुवंशिकताकविभिन्नता
अर्थमाता-पिता से लक्षणों का संतति में संचारएक ही प्रजाति के व्यक्तियों में अंतर
कारणजीन और गुणसूत्रDNA परिवर्तन और पर्यावरण
परिणामसमान लक्षणनई विशेषताएँ
उदाहरणबालों का रंग माता जैसाएक बच्चा माता से ऊँचा या नीचा होना

18️⃣ मानव में बच्चे का लिंग पिता द्वारा कैसे निर्धारित होता है?

उत्तर:
स्त्री के पास XX गुणसूत्र और पुरुष के पास XY गुणसूत्र होते हैं।
माता हमेशा X देती है, पर पिता X या Y में से कोई दे सकता है।

  • यदि पिता X देता है → बच्ची (XX)
  • यदि पिता Y देता है → बच्चा (XY)
    इस प्रकार बच्चे का लिंग पिता के गुणसूत्र पर निर्भर करता है।

19️⃣ जीन किसे कहते हैं?

उत्तर:
जीन DNA का वह अंश है जो किसी विशेष लक्षण को नियंत्रित करता है।
यह माता-पिता से संतति तक लक्षणों को स्थानांतरित करता है।


20️⃣ विविधता किस प्रकार उत्पन्न होती है?

उत्तर:

  1. DNA की प्रतिकृति के समय त्रुटियों से (Mutation)
  2. लिंगजनन के दौरान जीनों के नए संयोजन से (Genetic Recombination)
  3. पर्यावरणीय प्रभाव से
    इन्हीं कारणों से जीवों में विविधता आती है।

 

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