5: लोकतांत्रिक अधिकार 

⭐ अध्याय 5: लोकतांत्रिक अधिकार  (पेज 1–6 में पूरा परिचय व उदाहरण दिए गए हैं) यह अध्याय बताता है कि अधिकार क्या होते हैं, ये लोकतंत्र में क्यों ज़रूरी हैं, और भारत के नागरिकों को कौन-कौन से मौलिक अधिकार मिले हैं। लोकतंत्र में लोग अपने अधिकारों के बिना स्वतंत्र नहीं रह सकते। अधिकार नागरिकों की … Read more

4 : संस्थाओं का कामकाज 

⭐ अध्याय 4 : संस्थाओं का कामकाज  (पेज 1–7, 8–14) यह अध्याय बताता है कि लोकतंत्र में संस्थाएँ (Parliament, Executive, Judiciary) क्यों ज़रूरी होती हैं और वे कैसे काम करती हैं। किसी भी देश में सरकार को निर्णय लेने, कानून बनाने और न्याय देने के लिए अलग-अलग संस्थाओं की आवश्यकता होती है। संसद कानून बनाती … Read more

3-चुनावी राजनीति

⭐ अध्याय -चुनावी राजनीति (पेज 37–42) यह अध्याय बताता है कि चुनाव क्यों ज़रूरी हैं, चुनाव कैसे कराए जाते हैं, भारत में चुनाव प्रक्रिया कैसी है, चुनाव आयोग क्या काम करता है, राजनीतिक पार्टियाँ कैसे भाग लेती हैं, और वोटिंग का महत्व क्या है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और यहाँ चुनाव नियमित … Read more

2-संवैधानिक मूल्यों व सिद्धांत – संविधान क्यों

⭐  अध्याय: संवैधानिक मूल्यों व सिद्धांत – संविधान क्यों? (स्रोत: पेज 1–6, 10–12) यह अध्याय बताता है कि भारत को संविधान की ज़रूरत क्यों पड़ी। संविधान देश चलाने के नियम तय करता है, नागरिकों के अधिकार देता है, नेताओं की शक्तियों को सीमित करता है तथा सभी नागरिकों के बीच समानता, न्याय और स्वतंत्रता सुनिश्चित … Read more

1-लोकतंत्र क्या? लोकतंत्र क्यों?

⭐ अध्याय : लोकतंत्र क्या? लोकतंत्र क्यों?    ✅ लोकतंत्र का अर्थ ‘लोक’ + ‘तंत्र’ = जनता का शासन। इसमें जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर सरकार बनाती है। ✅ लोकतंत्र की मुख्य विशेषताएँ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव जनता का अंतिम निर्णय पर अधिकार मौलिक अधिकारों की सुरक्षा कानून के सामने सबकी समानता अभिव्यक्ति की आज़ादी … Read more

जलवायु

🧭 अध्याय 4 – जलवायु  भारत की जलवायु को मौसमी (Monsoonal Climate) कहा जाता है। इसका अर्थ है कि यहाँ मौसम में नियमित परिवर्तन होता है और वर्षा मुख्य रूप से मानसून पर निर्भर करती है। 🔹 मुख्य बिंदु (Notes in Easy Hindi) जलवायु (Climate) –किसी क्षेत्र में 30 वर्ष या उससे अधिक समय तक … Read more