अध्याय 8: विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’

अध्याय 8: विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’ पुस्तक: समाज का अध्ययन: भारत और उसके आगे (Exploring Society) मुख्य विचार (Core Concept): यह अध्याय समझाता है कि भारत में ऊपर से देखने पर बहुत अंतर (विविधता) हैं, लेकिन गहराई में हम सब एक हैं। श्री अरविंद ने इसे भारत का “स्वाभाविक स्वभाव” कहा है। … Read more

अध्याय 7: भारत की सांस्कृतिक जड़ें

अध्याय 7: भारत की सांस्कृतिक जड़ें (India’s Cultural Roots) यह अध्याय हमें प्राचीन भारत की समृद्ध संस्कृति, साहित्य और विचारों के बारे में बताता है। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: 1. वेद (The Vedas): भारत के सबसे पुराने साहित्य को ‘वेद’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है ‘ज्ञान’। चार वेद हैं: ऋग्वेद (सबसे पुराना), सामवेद, यजुर्वेद, … Read more

अध्याय 2: महासागर एवं महाद्वीप

अध्याय 2: महासागर एवं महाद्वीप — महत्वपूर्ण बिंदु  🔷 मुख्य बिंदु (Important Points) पृथ्वी का अधिकांश भाग जल से ढका हुआ है – पृथ्वी की सतह का लगभग 71% भाग महासागरों द्वारा ढका है। महासागर – बड़े जल निकाय जिन्हें हम ग्लोब पर नीले रंग से देखते हैं। ये आपस में जुड़े हुए होते हैं। … Read more

अध्याय -1 पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति

  अध्याय 1- पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति   1. मानचित्र और उसके घटक मानचित्र किसी क्षेत्र का प्रतीकात्मक चित्रण होता है, जिसमें दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न शामिल होते हैं। मानचित्र के प्रकार: भौतिक मानचित्र राजनीतिक मानचित्र थीमैटिक (विषयगत) मानचित्र 2. अक्षांश और देशांतर अक्षांश (Latitude): भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की दूरी … Read more