अध्याय 2: आँकड़ों का संग्रह  (S)

      अध्याय 2: आँकड़ों का संग्रह  (S) 1. चर एवं प्रेक्षण (Variable & Observation) चर (Variable): वे मूल्य जो परिवर्तनशील होते हैं और समय अथवा परिस्थिति के साथ बदलते रहते हैं, उन्हें चर कहा जाता है (जैसे—विभिन्न वर्षों में खाद्यान्न का उत्पादन या अलग-अलग व्यक्तियों की आय)। इन्हें $X, Y, Z$ द्वारा दर्शाया … Read more

अध्याय 1: स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था (M)

अध्याय 1: स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था (M) 1. औपनिवेशिक शासन का मुख्य उद्देश्य मूल लक्ष्य: ब्रिटेन में तेज़ी से विकसित हो रहे औद्योगिक आधार के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था को केवल एक कच्चा माल प्रदायक (Raw Material Supplier) तथा ब्रिटेन के निर्मित सामानों का आयातक बाज़ार बनाना। राष्ट्रीय आय का आकलन: ब्रिटिश सरकार … Read more

अध्याय 1: परिचय  (सांख्यिकी) (S)

अध्याय 1: परिचय  (सांख्यिकी)(S) 1. अर्थशास्त्र की मूल समस्या: दुर्लभता (Scarcity) और चयन (Choice) असीमित इच्छाएँ (Unlimited Wants): मनुष्य की आवश्यकताएँ और इच्छाएँ असीमित होती हैं। सीमित संसाधन (Limited Resources): हमारी आवश्यकताओं को पूरा करने वाले संसाधन (जैसे आय, समय, प्राकृतिक संसाधन) सीमित/दुर्लभ होते हैं। वैकल्पिक उपयोग (Alternative Uses): इन सीमित संसाधनों के कई उपयोग … Read more