अध्याय 5 -मिश्रण एवं उनके पृथक्करण का अन्वेषण
परिचय
हमारे दैनिक जीवन में अधिकांश पदार्थ मिश्रण के रूप में पाए जाते हैं। चीनी का निर्माण, दूध का प्रसंस्करण, रक्त की जाँच, समुद्री जल से नमक प्राप्त करना आदि सभी मिश्रणों के पृथक्करण पर आधारित हैं। इस अध्याय में मिश्रणों के प्रकार, विलयन, सांद्रता, विलेयता तथा मिश्रणों के पृथक्करण की विभिन्न विधियों का अध्ययन किया गया है।
मिश्रण (Mixture)
दो या दो से अधिक पदार्थों का ऐसा संयोजन जिसमें प्रत्येक पदार्थ अपने मूल गुण बनाए रखता है, मिश्रण कहलाता है।
उदाहरण
- नमक + जल
- चीनी + जल
- रेत + जल
- तेल + जल
मिश्रण के प्रकार
1. समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture)
जिस मिश्रण का संघटन प्रत्येक भाग में समान हो, उसे समांगी मिश्रण कहते हैं।
विशेषताएँ
- पूरे मिश्रण का संघटन समान होता है।
- केवल एक अवस्था दिखाई देती है।
- विलेय के कण दिखाई नहीं देते।
- इसे विलयन भी कहते हैं।
उदाहरण
- नमक का घोल
- चीनी का घोल
- सिरका
- सोडा जल
2. विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture)
जिस मिश्रण का संघटन प्रत्येक भाग में समान न हो, उसे विषमांगी मिश्रण कहते हैं।
विशेषताएँ
- संघटन असमान होता है।
- दो या अधिक अवस्थाएँ दिखाई देती हैं।
- कण स्पष्ट दिखाई देते हैं।
- कुछ समय बाद कण नीचे बैठ सकते हैं।
उदाहरण
- रेत और जल
- तेल और जल
विलयन (Solution)
विलयन एक समांगी मिश्रण होता है।
विलेय (Solute)
जो पदार्थ घुलता है।
विलायक (Solvent)
जिस पदार्थ में विलेय घुलता है।
उदाहरण
नमक + जल
- नमक = विलेय
- जल = विलायक
विलयन की सांद्रता (Concentration)
विलायक की निश्चित मात्रा में घुले हुए विलेय की मात्रा को विलयन की सांद्रता कहते हैं।
सांद्रता का उपयोग दवाइयों, ORS, कृषि, खाद्य पदार्थों तथा प्रयोगशालाओं में किया जाता है।
सांद्रता व्यक्त करने की विधियाँ
1. द्रव्यमान-द्रव्यमान प्रतिशत (% m/m)
सूत्र
विलेय का द्रव्यमान ÷ विलयन का द्रव्यमान × 100
उदाहरण
10 g नमक + 90 g जल
उत्तर = 10% m/m
2. द्रव्यमान-आयतन प्रतिशत (% m/v)
सूत्र
विलेय का द्रव्यमान ÷ विलयन का आयतन × 100
उदाहरण
5 g ग्लूकोज़ को 100 mL विलयन में घोला जाए।
उत्तर = 5% m/v
3. आयतन-आयतन प्रतिशत (% v/v)
सूत्र
विलेय का आयतन ÷ विलयन का आयतन × 100
उदाहरण
1 mL कीटनाशक को 100 mL विलयन में मिलाया जाए।
उत्तर = 1% v/v
विलेयता (Solubility)
किसी निश्चित तापमान पर 100 g या 100 mL विलायक में घुलने वाली विलेय की अधिकतम मात्रा विलेयता कहलाती है।
संतृप्त विलयन
जिस विलयन में और अधिक विलेय नहीं घुल सकता।
असंतृप्त विलयन
जिस विलयन में और अधिक विलेय घुल सकता है।
क्रिस्टलीकरण (Crystallisation)
संतृप्त विलयन से शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त करने की प्रक्रिया को क्रिस्टलीकरण कहते हैं।
सिद्धांत
तापमान कम होने पर विलेयता कम हो जाती है और अतिरिक्त विलेय क्रिस्टल के रूप में अलग हो जाता है।
उपयोग
- नमक का शुद्धिकरण
- कॉपर सल्फेट के क्रिस्टल बनाना
- मिश्री बनाना
लाभ
- शुद्ध पदार्थ प्राप्त होते हैं।
- अशुद्धियाँ अलग हो जाती हैं।
- बड़े और चमकदार क्रिस्टल बनते हैं।
आसवन (Distillation)
दो मिश्रणीय द्रवों को उनके क्वथनांक के अंतर के आधार पर अलग करने की विधि आसवन कहलाती है।
सिद्धांत
कम क्वथनांक वाला द्रव पहले वाष्पित होता है। वाष्प को ठंडा करके पुनः द्रव में बदल लिया जाता है।
उपयोग
- एसीटोन और जल को अलग करना
- शुद्ध जल प्राप्त करना
- विलायक को पुनः प्राप्त करना
प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation)
जब दो द्रवों के क्वथनांकों में अंतर बहुत कम (लगभग 25°C से कम) हो, तब प्रभाजी आसवन का उपयोग किया जाता है।
उपयोग
- पेट्रोलियम शोधन
- LPG
- पेट्रोल
- डीजल
- किरोसीन
- स्नेहक तेल
कागज वर्णलेखिकी (Paper Chromatography)
यह मिश्रण में उपस्थित विभिन्न रंगों या पदार्थों को अलग करने की तकनीक है।
उपयोग
- स्याही के रंगों को अलग करना
- पौधों के रंगद्रव्य अलग करना
- खाद्य रंगों की पहचान करना
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ
मिश्रण – दो या दो से अधिक पदार्थों का भौतिक मिश्रण।
समांगी मिश्रण – जिसका संघटन प्रत्येक भाग में समान हो।
विषमांगी मिश्रण – जिसका संघटन प्रत्येक भाग में समान न हो।
विलयन – समांगी मिश्रण।
विलेय – जो पदार्थ घुलता है।
विलायक – जिसमें विलेय घुलता है।
सांद्रता – विलायक की निश्चित मात्रा में घुले विलेय की मात्रा।
विलेयता – किसी निश्चित तापमान पर घुलने वाली विलेय की अधिकतम मात्रा।
संतृप्त विलयन – जिसमें और विलेय नहीं घुल सकता।
क्रिस्टलीकरण – संतृप्त विलयन से शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त करने की प्रक्रिया।
आसवन – क्वथनांक के अंतर के आधार पर द्रवों का पृथक्करण।
प्रभाजी आसवन – कम क्वथनांक अंतर वाले द्रवों का पृथक्करण।
कागज वर्णलेखिकी – रंगों अथवा पदार्थों को अलग करने की तकनीक।
महत्वपूर्ण सूत्र
1. द्रव्यमान-द्रव्यमान प्रतिशत
विलेय का द्रव्यमान ÷ विलयन का द्रव्यमान × 100
2. द्रव्यमान-आयतन प्रतिशत
विलेय का द्रव्यमान ÷ विलयन का आयतन × 100
3. आयतन-आयतन प्रतिशत
विलेय का आयतन ÷ विलयन का आयतन × 100
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण विषय
- मिश्रण एवं उसके प्रकार
- समांगी एवं विषमांगी मिश्रण
- विलयन, विलेय और विलायक
- सांद्रता की तीनों विधियाँ
- विलेयता
- संतृप्त एवं असंतृप्त विलयन
- क्रिस्टलीकरण
- आसवन
- प्रभाजी आसवन
- कागज वर्णलेखिकी
- सांद्रता आधारित संख्यात्मक प्रश्न
Part 1: Back Exercise (Questions 1–5)
Q1. निम्नलिखित कथन सत्य हैं अथवा असत्य? असत्य कथनों को सही कीजिए।
(i) नमक के विलयन से नमक को वाष्पीकरण अथवा आसवन द्वारा पृथक किया जा सकता है।
उत्तर: सत्य
(ii) आसवन का उपयोग उन दो द्रवों को पृथक करने में भी किया जा सकता है जिनके क्वथनांक समान हों।
उत्तर: असत्य
सही कथन: आसवन का उपयोग केवल उन द्रवों को पृथक करने के लिए किया जाता है जिनके क्वथनांकों में अंतर हो।
(iii) कागज वर्णलेखिकी में प्रयोग के आरंभ में विलायक का स्तर प्रतिदर्श बिंदु से ऊपर होना चाहिए।
उत्तर: असत्य
सही कथन: विलायक का स्तर प्रतिदर्श (स्पॉट) से नीचे होना चाहिए।
(iv) वाष्पीकरण और क्रिस्टलीकरण समान प्रक्रियाएँ हैं।
उत्तर: असत्य
सही कथन: वाष्पीकरण और क्रिस्टलीकरण अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं। क्रिस्टलीकरण से शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त होते हैं, जबकि वाष्पीकरण में केवल विलायक उड़ जाता है।
Q2. तालिका 5.3 में दिए गए मिश्रणों को आप किस प्रकार पृथक करेंगे? कारण भी लिखिए।
| मिश्रण | पृथक्करण विधि | कारण |
|---|---|---|
| पंकिल जल | निस्यंदन (Filtration) | अघुलनशील ठोस कण अलग हो जाते हैं। |
| रक्त से प्लाज़्मा | अपकेंद्रण (Centrifugation) | घनत्व के अंतर के कारण पृथक्करण होता है। |
| नैफ्थलीन और रेत | उर्ध्वपातन (Sublimation) | नैफ्थलीन उर्ध्वपातित होती है, रेत नहीं। |
| चॉक चूर्ण और नमक | नमक को जल में घोलना → निस्यंदन → वाष्पीकरण | नमक घुलता है, चॉक नहीं। |
| नमक और जल | वाष्पीकरण / आसवन | नमक या जल अलग-अलग प्राप्त किए जा सकते हैं। |
| जल और तेल | पृथक्करण कीप (Separating Funnel) | दोनों अमिश्रणीय द्रव हैं। |
| पुष्प के वर्णक | कागज वर्णलेखिकी | विभिन्न वर्णकों की गति अलग होती है। |
Q3. किसी मिश्रण में दो मिश्रणीय द्रव ‘क’ तथा ‘ख’ उपस्थित हैं। ‘क’ का क्वथनांक 60°C तथा ‘ख’ का 90°C है। इन्हें पृथक करने की विधि सुझाइए। नामांकित चित्र भी बनाइए।
उत्तर
विधि: आसवन (Distillation)
कारण:
- ‘क’ का क्वथनांक 60°C है।
- ‘ख’ का क्वथनांक 90°C है।
- पहले ‘क’ वाष्पित होगा।
- संघनित्र में ठंडा होकर पुनः द्रव बन जाएगा।
- इसके बाद ‘ख’ प्राप्त होगा।
(यदि आपको वेबसाइट के लिए चाहिए, तो मैं इसका साफ़ लेबल वाला चित्र भी बना सकता हूँ।)
Q4. वाष्पीकरण, क्रिस्टलीकरण और आसवन की तुलना कीजिए। आप किस स्थिति में एक विधि को दूसरी विधि की अपेक्षा प्राथमिकता देंगे?
| वाष्पीकरण | क्रिस्टलीकरण | आसवन |
|---|---|---|
| विलायक उड़ जाता है। | शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त होते हैं। | वाष्प बनाकर द्रव पुनः प्राप्त किया जाता है। |
| शुद्धिकरण कम होता है। | शुद्धिकरण अधिक होता है। | द्रवों को अलग करने में उपयोगी। |
| नमक प्राप्त करने में उपयोगी। | शुद्ध लवण बनाने में उपयोगी। | जल एवं मिश्रणीय द्रवों को अलग करने में उपयोगी। |
कब उपयोग करें?
- केवल विलेय चाहिए → वाष्पीकरण
- शुद्ध क्रिस्टल चाहिए → क्रिस्टलीकरण
- विलायक भी वापस चाहिए या द्रवों को अलग करना हो → आसवन
Q5. खाद्य तेल के किसी पैकेट पर एक लीटर (910 g) लिखा है। यदि इस तेल को जल के साथ मिश्रित किया जाए तो क्या यह अलग परत बनाएगा? यदि हाँ, तो कौन-सा पदार्थ ऊपर रहेगा? आप इन दोनों परतों को किस प्रकार पृथक करेंगे?
उत्तर
- हाँ, खाद्य तेल और जल अलग-अलग परतें बनाएँगे।
- तेल ऊपर रहेगा, क्योंकि उसका घनत्व जल से कम होता है।
- दोनों को पृथक्करण कीप (Separating Funnel) द्वारा अलग किया जाएगा।
Chapter 5 – Back Exercise (Questions 11–15)
Q11. आपको रेत, साधारण नमक और नैफ्थलीन का एक मिश्रण दिया गया है। मिश्रण के घटकों को पृथक करने की तकनीकों का सही क्रम लिखिए।
उत्तर
सही क्रम:
- उर्ध्वपातन (Sublimation) – सबसे पहले नैफ्थलीन को अलग करें, क्योंकि यह गर्म करने पर सीधे वाष्प बन जाती है।
- नमक को जल में घोलना – अब बचे हुए रेत और नमक के मिश्रण में जल मिलाएँ।
- निस्यंदन (Filtration) – रेत को छानकर अलग करें।
- वाष्पीकरण (Evaporation) – नमक के विलयन से जल को वाष्पित करके नमक प्राप्त करें।
Q12. जल और ऐसीटोन के मिश्रण को पृथक करने के लिए आसवन एक प्रभावी विधि क्यों है?
उत्तर
आसवन प्रभावी विधि है क्योंकि—
- जल और ऐसीटोन मिश्रणीय द्रव हैं।
- दोनों के क्वथनांक अलग-अलग होते हैं।
- ऐसीटोन का क्वथनांक लगभग 56°C तथा जल का 100°C होता है।
- गर्म करने पर ऐसीटोन पहले वाष्पित होकर संघनित हो जाता है, जिससे दोनों द्रव अलग हो जाते हैं।
Q13. तीन विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चीनी के विलयनों की द्रव्यमान प्रतिशत (% m/m) सांद्रता ज्ञात कीजिए तथा बताइए कि सबसे अधिक सांद्र विलयन किसका है।
उत्तर
सूत्र
% m/m = (विलेय का द्रव्यमान ÷ विलयन का द्रव्यमान) × 100
(क)
चीनी = 20 g
जल = 80 g
विलयन = 100 g
सांद्रता = 20%
(ख)
चीनी = 20 g
जल = 100 g
विलयन = 120 g
सांद्रता = (20 ÷ 120) × 100 = 16.67%
(ग)
चीनी = 30 g
जल = 80 g
विलयन = 110 g
सांद्रता = (30 ÷ 110) × 100 = 27.27%
निष्कर्ष
विद्यार्थी ‘ग’ का विलयन सबसे अधिक सांद्र है, क्योंकि उसमें चीनी का द्रव्यमान प्रतिशत सबसे अधिक (27.27%) है।
Q14. चित्र 5.26 को देखकर उत्तर दीजिए।
(i) ‘स’ द्वारा चिह्नित पृथक्करण तकनीक की पहचान कीजिए।
उत्तर: प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation)
(ii) उपकरण क, ख तथा ग के नाम लिखिए।
उत्तर:
- क – आसवन फ्लास्क
- ख – प्रभाजी स्तम्भ (Fractionating Column)
- ग – संघनित्र (Condenser)
(iii) निम्नलिखित मिश्रणों में से किन्हें इस तकनीक द्वारा पृथक किया जा सकता है?
- ✔ जल – ऐसीटोन
- ✔ ऐसीटोन – ऐल्कोहॉल
- ✔ ऐल्कोहॉल – क्लोरोफॉर्म
- ✔ ऐल्कोहॉल – बेंजीन
नहीं किया जा सकता:
- ✘ जल – नमक
- ✘ रेत – नमक
Q15. परियोजना कार्य
उत्तर
विभिन्न कोलॉइड (जैसे दूध, साबुन का घोल, स्टार्च का घोल आदि) लेकर लेज़र प्रकाश की सहायता से टिंडल प्रभाव प्रदर्शित कीजिए। जिन मिश्रणों में प्रकाश का प्रकीर्णन दिखाई देता है, वे कोलॉइड होते हैं। प्रयोग के अवलोकन और निष्कर्ष को अपनी परियोजना रिपोर्ट में लिखिए।
CBSE Class 9 Science
Chapter 5: मिश्रण एवं उनके पृथक्करण का अन्वेषण
CBSE Important Questions with Answers (2026–27 Exam)
ये प्रश्न अध्याय की मुख्य अवधारणाओं पर आधारित हैं।
Very Short Answer Questions (1 Mark)
Q1. मिश्रण क्या है?
उत्तर: दो या दो से अधिक पदार्थों का ऐसा भौतिक संयोजन जिसमें प्रत्येक पदार्थ अपने गुण बनाए रखता है, मिश्रण कहलाता है।
Q2. समांगी मिश्रण क्या है?
उत्तर: जिस मिश्रण का संघटन प्रत्येक भाग में समान हो, उसे समांगी मिश्रण कहते हैं।
Q3. विषमांगी मिश्रण क्या है?
उत्तर: जिस मिश्रण का संघटन प्रत्येक भाग में समान न हो, उसे विषमांगी मिश्रण कहते हैं।
Q4. विलेय किसे कहते हैं?
उत्तर: जो पदार्थ विलायक में घुलता है, उसे विलेय कहते हैं।
Q5. विलायक किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस पदार्थ में विलेय घुलता है, उसे विलायक कहते हैं।
Q6. संतृप्त विलयन क्या है?
उत्तर: वह विलयन जिसमें निश्चित तापमान पर और अधिक विलेय नहीं घुल सकता।
Q7. विलेयता क्या है?
उत्तर: निश्चित तापमान पर 100 g या 100 mL विलायक में घुलने वाली विलेय की अधिकतम मात्रा।
Q8. क्रिस्टलीकरण क्या है?
उत्तर: संतृप्त विलयन से शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त करने की प्रक्रिया।
Q9. आसवन किस सिद्धांत पर आधारित है?
उत्तर: द्रवों के क्वथनांक (Boiling Point) के अंतर पर।
Q10. टिंडल प्रभाव किसमें दिखाई देता है?
उत्तर: कोलॉइड में।
Short Answer Questions (2 Marks)
Q1. समांगी एवं विषमांगी मिश्रण में दो अंतर लिखिए।
उत्तर
| समांगी | विषमांगी |
|---|---|
| संघटन समान | संघटन असमान |
| एक अवस्था | दो या अधिक अवस्थाएँ |
Q2. विलेय और विलायक में अंतर लिखिए।
| विलेय | विलायक |
|---|---|
| घुलने वाला पदार्थ | घोलने वाला पदार्थ |
| मात्रा कम | मात्रा अधिक |
Q3. वाष्पीकरण और क्रिस्टलीकरण में अंतर लिखिए।
| वाष्पीकरण | क्रिस्टलीकरण |
|---|---|
| विलायक उड़ता है | शुद्ध क्रिस्टल बनते हैं |
| अशुद्धियाँ रह सकती हैं | शुद्ध पदार्थ मिलता है |
Q4. आसवन तथा प्रभाजी आसवन में अंतर लिखिए।
| आसवन | प्रभाजी आसवन |
|---|---|
| अधिक क्वथनांक अंतर | कम क्वथनांक अंतर |
| साधारण द्रवों के लिए | निकट क्वथनांक वाले द्रवों के लिए |
Q5. पृथक्करण कीप का उपयोग कहाँ किया जाता है?
उत्तर: दो अमिश्रणीय द्रवों (जैसे तेल और जल) को अलग करने के लिए।
Long Answer Questions (3 Marks)
Q1. नमक और रेत के मिश्रण को कैसे पृथक करेंगे?
उत्तर
- मिश्रण में जल मिलाएँ।
- नमक जल में घुल जाएगा।
- निस्यंदन द्वारा रेत अलग करें।
- नमक के विलयन को वाष्पित करें।
- शुद्ध नमक प्राप्त होगा।
Q2. जल और तेल को पृथक करने की विधि समझाइए।
उत्तर
- जल और तेल अमिश्रणीय द्रव हैं।
- इन्हें पृथक्करण कीप में डालते हैं।
- कुछ समय बाद दो परतें बन जाती हैं।
- नीचे की जल की परत निकाल लेते हैं।
- ऊपर तेल बच जाता है।
Q3. कागज वर्णलेखिकी क्या है? इसके दो उपयोग लिखिए।
उत्तर
कागज वर्णलेखिकी विभिन्न रंगों या पदार्थों को अलग करने की तकनीक है।
उपयोग
- स्याही के रंगों को अलग करना।
- पौधों के वर्णकों को अलग करना।
Q4. क्रिस्टलीकरण के लाभ लिखिए।
उत्तर
- शुद्ध पदार्थ प्राप्त होते हैं।
- अशुद्धियाँ अलग हो जाती हैं।
- सुंदर एवं बड़े क्रिस्टल बनते हैं।
Long Answer Questions (5 Marks)
Q1. वाष्पीकरण, क्रिस्टलीकरण तथा आसवन की तुलना कीजिए।
| वाष्पीकरण | क्रिस्टलीकरण | आसवन |
|---|---|---|
| विलायक उड़ जाता है | शुद्ध क्रिस्टल बनते हैं | द्रव पुनः प्राप्त होता है |
| नमक प्राप्त करने में उपयोगी | शुद्धिकरण के लिए उपयोगी | द्रवों के पृथक्करण में उपयोगी |
| सरल विधि | अधिक शुद्ध विधि | क्वथनांक के अंतर पर आधारित |
Q2. विभिन्न पृथक्करण विधियों का उपयोग उदाहरण सहित लिखिए।
| विधि | उदाहरण |
|---|---|
| निस्यंदन | रेत और जल |
| वाष्पीकरण | नमक और जल |
| क्रिस्टलीकरण | कॉपर सल्फेट |
| आसवन | जल और ऐसीटोन |
| प्रभाजी आसवन | पेट्रोलियम |
| पृथक्करण कीप | तेल और जल |
| कागज वर्णलेखिकी | स्याही |
Assertion–Reason Questions
Q1.
Assertion (A): कोलॉइड टिंडल प्रभाव प्रदर्शित करते हैं।
Reason (R): कोलॉइड के कण प्रकाश का प्रकीर्णन करते हैं।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
Q2.
Assertion (A): नमक और जल को पृथक्करण कीप से अलग किया जा सकता है।
Reason (R): नमक जल में घुल जाता है।
उत्तर: A असत्य, R सत्य।
Q3.
Assertion (A): तेल और जल को पृथक्करण कीप से अलग किया जा सकता है।
Reason (R): दोनों अमिश्रणीय द्रव हैं।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
Case-Based Questions
Case Study 1
रवि ने नमक और जल का विलयन तैयार किया। अब उसे नमक तथा जल दोनों अलग-अलग चाहिए।
प्रश्न
- कौन-सी विधि अपनाएगा?
- नमक कैसे मिलेगा?
- जल कैसे मिलेगा?
उत्तर
- आसवन।
- आसवन फ्लास्क में नमक रह जाएगा।
- संघनित्र में जल एकत्रित होगा।
Case Study 2
रीना ने तेल और जल मिलाया।
प्रश्न
- कितनी परतें बनेंगी?
- ऊपर कौन रहेगा?
- कौन-सी विधि अपनाएँगे?
उत्तर
- दो परतें।
- तेल।
- पृथक्करण कीप।
Most Expected CBSE Exam Questions
- मिश्रण एवं उसके प्रकार समझाइए।
- विलयन, विलेय एवं विलायक में अंतर लिखिए।
- विलेयता क्या है?
- संतृप्त एवं असंतृप्त विलयन में अंतर।
- क्रिस्टलीकरण की प्रक्रिया समझाइए।
- आसवन एवं प्रभाजी आसवन में अंतर।
- टिंडल प्रभाव क्या है?
- पृथक्करण कीप का सिद्धांत लिखिए।
- कागज वर्णलेखिकी का सिद्धांत एवं उपयोग।
- नमक और रेत के मिश्रण को पृथक करने की विधि समझाइए।
Click here for more notes for Class IXth –Click