कक्षा 10वीं के हिंदी व्याकरण
1. रचना के आधार पर वाक्य भेद (4 अंक)
वाक्य तीन प्रकार के होते हैं:
* सरल वाक्य (Simple Sentence): इसमें एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय होता है। जैसे: “मेहनती व्यक्ति हमेशा सफल होता है।”
* संयुक्त वाक्य (Compound Sentence): दो या दो से अधिक स्वतंत्र वाक्य समुच्चयबोधक (और, किंतु, परंतु, या, इसलिए) से जुड़े होते हैं। जैसे: “उसने मेहनत की और वह सफल हो गया।”
* मिश्र वाक्य (Complex Sentence): इसमें एक मुख्य उपवाक्य होता है और शेष आश्रित उपवाक्य। ये ‘कि’, ‘जो’, ‘क्योंकि’, ‘जब-तब’, ‘जैसा-वैसा’ से जुड़े होते हैं। जैसे: “जो व्यक्ति मेहनत करता है, वह सफल होता है।”
2. वाच्य (Voice) (4 अंक)
वाच्य यह बताता है कि क्रिया का मुख्य विषय कर्ता है, कर्म है या भाव है।
* कर्तृवाच्य: क्रिया कर्ता के अनुसार होती है। जैसे: “अध्यापक बच्चों को पढ़ाते हैं।”
* कर्मवाच्य: क्रिया कर्म के अनुसार होती है। इसमें ‘से’ या ‘के द्वारा’ का प्रयोग होता है। जैसे: “अध्यापक के द्वारा बच्चे पढ़ाए जाते हैं।”
* भाववाच्य: इसमें क्रिया प्रधान होती है, अक्सर असमर्थता दिखाने के लिए। जैसे: “मरीज से चला नहीं जाता।”
3. पद-परिचय (4 अंक)
वाक्य के शब्दों का व्याकरणिक परिचय देना। इसके लिए आपको ये पहचानना आना चाहिए:
* संज्ञा: भेद (व्यक्ति/जाति/भाव), लिंग, वचन, कारक।
* सर्वनाम: भेद (पुरुष/निश्चय/अनिश्चय/प्रश्न/संबंध/निज), लिंग, वचन।
* विशेषण: भेद (गुण/संख्या/परिमाण/सार्वनामिक), विशेष्य।
* क्रिया: भेद (अकर्मक/सकर्मक), काल, वाच्य।
* अव्यय: क्रिया-विशेषण, विस्मयादिबोधक आदि।
4. अलंकार (4 अंक)
CBSE के नए पाठ्यक्रम के अनुसार ये 4 अलंकार मुख्य हैं:
* श्लेष अलंकार: जहाँ एक शब्द के एक से अधिक अर्थ निकलें। जैसे: “रहिमन पानी राखिए…” (यहाँ पानी के तीन अर्थ हैं – चमक, आत्मसम्मान, जल)।
* उत्प्रेक्षा अलंकार: जहाँ उपमेय में उपमान की संभावना हो। पहचान शब्द: मानो, मनु, जानो, जनु। जैसे: “मानो तरु भी झूम रहे हैं।”
* अतिशयोक्ति अलंकार: जहाँ किसी बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहा जाए। जैसे: “हनुमान की पूँछ में लगन न पाई आग, सिगरी लंका जरि गई…”
* मानवीयकरण अलंकार: जहाँ निर्जीव वस्तुओं पर मानवीय भावनाओं का आरोप हो। जैसे: “मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।”
व्याकरण अभ्यास तालिका (Quick Revision Table)
| विषय | मुख्य पहचान / ट्रिक |
|—|—|
| वाक्य | ‘और’ दिखे तो संयुक्त, ‘जो/जैसे/कि’ दिखे तो मिश्र। |
| वाच्य | ‘के द्वारा’ दिखे तो कर्मवाच्य, ‘नहीं जाता’ दिखे तो भाववाच्य। |
| अलंकार | ‘मानो/जनु’ दिखे तो उत्प्रेक्षा, बढ़ा-चढ़ाकर बात हो तो अतिशयोक्ति। |
| पद-परिचय | शब्द का संज्ञा, सर्वनाम, लिंग और वचन पहचानें। |
लेखन कौशल (Writing Skills)
व्याकरण खंड के साथ-साथ परीक्षा में ये विषय भी आते हैं:
- अनुच्छेद लेखन: किसी विषय पर संक्षिप्त विचार।
- पत्र लेखन: औपचारिक (Formal) और अनौपचारिक (Informal) पत्र।
- स्ववृत्त लेखन (Resume): अपनी जानकारी व्यवस्थित रूप से देना।
- ई-मेल लेखन: आधुनिक संचार का तरीका।
- विज्ञापन लेखन (Advertisement): किसी वस्तु या सेवा के प्रचार के लिए।
- संदेश लेखन: त्योहारों या अवसरों पर दिए जाने वाले संदेश।
यहाँ कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर आधारित व्याकरण के महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (MCQs) और उनके उत्तर दिए गए हैं। ये प्रश्न आपकी परीक्षा की तैयारी को पुख्ता करेंगे।
अभ्यास प्रश्नमाला (Grammar Practice Set)
प्रश्न 1: ‘रचना के आधार पर वाक्य भेद’ पहचानिए:
“जब स्टेशन पर पहुँचा, तब गाड़ी जा चुकी थी।”
(क) सरल वाक्य
(ख) संयुक्त वाक्य
(ग) मिश्र वाक्य
(घ) विधानवाचक वाक्य
प्रश्न 2: ‘वाच्य’ परिवर्तन कीजिए:
“बालगोबिन भगत प्रभातियाँ गाते थे।” (कर्मवाच्य में बदलिए)
(क) बालगोबिन भगत से प्रभातियाँ गाई जाती थीं।
(ख) बालगोबिन भगत प्रभातियाँ गा रहे थे।
(ग) बालगोबिन भगत द्वारा प्रभातियाँ गाई जाती थीं।
(घ) प्रभातियाँ बालगोबिन भगत गाते हैं।
प्रश्न 3: ‘पद-परिचय’ का सही विकल्प चुनें:
“वह धीरे-धीरे चलता है।” (रेखांकित पद का परिचय दें)
(क) क्रियाविशेषण, रीतिवाचक, ‘चलता है’ क्रिया की विशेषता।
(ख) संज्ञा, जातिवाचक, पुल्लिंग, एकवचन।
(ग) विशेषण, गुणवाचक, पुल्लिंग।
(घ) अव्यय, विस्मयादिबोधक।
प्रश्न 4: ‘अलंकार’ पहचानिए:
“देखि सुदामा की दीन दसा, करुना करि कै करुनानिधि रोए।”
(क) श्लेष अलंकार
(ख) अतिशयोक्ति अलंकार
(ग) उत्प्रेक्षा अलंकार
(घ) मानवीकरण अलंकार
प्रश्न 5: ‘वाक्य रूपांतरण’ कीजिए:
“सूर्योदय होने पर पक्षी चहचहाने लगे।” (इसे संयुक्त वाक्य में बदलिए)
(क) जैसे ही सूर्योदय हुआ, पक्षी चहचहाने लगे।
(ख) सूर्योदय हुआ और पक्षी चहचहाने लगे।
(ग) पक्षी तब चहचहाने लगे जब सूर्योदय हुआ।
(घ) सूर्योदय होने से पक्षी चहचहाने लगे।