Class 9 Math Formulas Hindi

1. संख्या पद्धति (Number System)

  • प्राकृत संख्याएँ (Natural Numbers): 1, 2, 3, …

  • पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers): 0, 1, 2, 3, …

  • पूर्णांक (Integers): …, -2, -1, 0, 1, 2, …

  • परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers): वे संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ p और q पूर्णांक हैं और q ≠ 0।

  • अपरिमेय संख्याएँ (Irrational Numbers): वे संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता। (जैसे √2, π)

  • (a + b)(a – b) = a² – b²

  • (√a + √b)(√a – √b) = a – b

  • (a + b)² = a² + b² + 2ab

  • (a – b)² = a² + b² – 2ab

2. बहुपद (Polynomials)

  • एकपदी (Monomial): केवल एक पद वाला बहुपद। (जैसे 2x)

  • द्विपदी (Binomial): दो पदों वाला बहुपद। (जैसे x + 5)

  • त्रिपदी (Trinomial): तीन पदों वाला बहुपद। (जैसे x² + 2x + 1)

  • बहुपद का शून्यक (Zero of a Polynomial): x का वह मान जिसके लिए बहुपद का मान शून्य हो जाता है।

  • शेषफल प्रमेय (Remainder Theorem): यदि एक बहुपद P(x) को (x – a) से भाग दिया जाए, तो शेषफल P(a) होता है।

  • गुणनखंड प्रमेय (Factor Theorem): यदि P(a) = 0 हो, तो (x – a) बहुपद P(x) का एक गुणनखंड होता है।

कुछ महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ (Identities):

  • (x + y)² = x² + 2xy + y²

  • (x – y)² = x² – 2xy + y²

  • x² – y² = (x – y)(x + y)

  • (x + a)(x + b) = x² + (a + b)x + ab

  • (x + y + z)² = x² + y² + z² + 2xy + 2yz + 2zx

  • (x + y)³ = x³ + y³ + 3xy(x + y) = x³ + y³ + 3x²y + 3xy²

  • (x – y)³ = x³ – y³ – 3xy(x – y) = x³ – y³ – 3x²y + 3xy²

  • x³ + y³ = (x + y)(x² – xy + y²)

  • x³ – y³ = (x – y)(x² + xy + y²)

  • यदि x + y + z = 0, तो x³ + y³ + z³ = 3xyz

3. दो चर वाले रैखिक समीकरण (Linear Equations in Two Variables)

  • मानक रूप: ax + by + c = 0, जहाँ a, b, c वास्तविक संख्याएँ हैं और a और b दोनों शून्य नहीं हैं।

4. ज्यामिति (Geometry)

  • रेखाएँ और कोण (Lines and Angles)

    • पूरक कोण (Complementary Angles): जिन दो कोणों का योग 90° हो।

    • संपूरक कोण (Supplementary Angles): जिन दो कोणों का योग 180° हो।

    • रैखिक युग्म (Linear Pair): एक रेखा पर बने आसन्न कोणों का योग 180° होता है।

    • शीर्षाभिमुख कोण (Vertically Opposite Angles): जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।

    • समांतर रेखाएँ (Parallel Lines) और तिर्यक रेखा (Transversal):

      • संगत कोण (Corresponding Angles): बराबर होते हैं।

      • एकांतर अंतः कोण (Alternate Interior Angles): बराबर होते हैं।

      • एकांतर बाह्य कोण (Alternate Exterior Angles): बराबर होते हैं।

      • तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोण (Consecutive Interior Angles): संपूरक होते हैं (योग 180°)।

  • त्रिभुज (Triangles)

    • त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।

    • बहिष्कोण प्रमेय (Exterior Angle Theorem): एक त्रिभुज का बहिष्कोण उसके दोनों सम्मुख अंतः कोणों के योग के बराबर होता है।

    • सर्वांगसमता कसौटियाँ (Congruence Criteria):

      • SSS (भुजा-भुजा-भुजा): यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की तीनों भुजाओं के बराबर हों।

      • SAS (भुजा-कोण-भुजा): यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके अंतर्गत कोण दूसरे त्रिभुज की संगत दो भुजाओं और उनके अंतर्गत कोण के बराबर हों।

      • ASA (कोण-भुजा-कोण): यदि एक त्रिभुज के दो कोण और उनकी अंतर्गत भुजा दूसरे त्रिभुज के संगत दो कोणों और उनकी अंतर्गत भुजा के बराबर हों।

      • AAS (कोण-कोण-भुजा): यदि एक त्रिभुज के दो कोण और एक गैर-अंतर्गत भुजा दूसरे त्रिभुज के संगत दो कोणों और एक गैर-अंतर्गत भुजा के बराबर हों।

      • RHS (समकोण-कर्ण-भुजा): यदि दो समकोण त्रिभुजों में कर्ण और एक भुजा बराबर हों।

  • चतुर्भुज (Quadrilaterals)

    • चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° होता है।

    • समांतर चतुर्भुज (Parallelogram):

      • सम्मुख भुजाएँ समांतर और बराबर होती हैं।

      • सम्मुख कोण बराबर होते हैं।

      • विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

    • समचतुर्भुज (Rhombus): सभी भुजाएँ बराबर होती हैं। विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।

    • आयत (Rectangle): प्रत्येक कोण 90° होता है। विकर्ण बराबर होते हैं।

    • वर्ग (Square): सभी भुजाएँ बराबर और प्रत्येक कोण 90° होता है। विकर्ण बराबर होते हैं और एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।

  • वृत्त (Circles)

    • व्यास (Diameter) = 2 × त्रिज्या (Radius)

    • परिधि (Circumference) = 2πr

    • केंद्र पर किसी चाप द्वारा अंतरित कोण परिधि पर किसी भी बिंदु पर उसी चाप द्वारा अंतरित कोण का दुगुना होता है।

    • एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं।

    • अर्धवृत्त का कोण समकोण होता है (90°)।

    • चक्रीय चतुर्भुज (Cyclic Quadrilateral): इसके सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।

5. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन (Surface Areas and Volumes)

  • घनाभ (Cuboid)

    • कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area) = 2(lb + bh + hl)

    • पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (Lateral Surface Area) = 2h(l + b)

    • आयतन (Volume) = l × b × h

  • घन (Cube)

    • कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a²

    • पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल = 4a²

    • आयतन = a³

  • बेलन (Cylinder)

    • वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved Surface Area) = 2πrh

    • कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr(r + h)

    • आयतन = πr²h

  • शंकु (Cone)

    • तिर्यक ऊँचाई (Slant Height) l = √(r² + h²)

    • वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl

    • कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = πr(l + r)

    • आयतन = (1/3)πr²h

  • गोला (Sphere)

    • पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area) = 4πr²

    • आयतन = (4/3)πr³

  • अर्धगोला (Hemisphere)

    • वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr²

    • कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 3πr²

    • आयतन = (2/3)πr³

6. सांख्यिकी (Statistics)

  • माध्य (Mean):

    • अवर्गीकृत डेटा के लिए: सभी प्रेक्षणों का योग / प्रेक्षणों की कुल संख्या

    • प्रत्यक्ष विधि (Direct Method): ∑fi xi / ∑fi

    • कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method): A + (∑fi di / ∑fi)

    • पग विचलन विधि (Step Deviation Method): A + h × (∑fi ui / ∑fi)

  • माध्यक (Median): मध्य मान

    • यदि n विषम हो: ((n + 1)/2) वाँ प्रेक्षण

    • यदि n सम हो: (n/2) वाँ प्रेक्षण और ((n/2) + 1) वें प्रेक्षण का औसत

  • बहुलक (Mode): सबसे अधिक बार आने वाला प्रेक्षण

7. प्रायिकता (Probability)

  • प्रायिकता P(E) = अनुकूल परिणामों की संख्या / कुल संभावित परिणामों की संख्या

  • P(निश्चित घटना) = 1

  • P(असंभव घटना) = 0

  • 0 ≤ P(E) ≤ 1

  • P(E) + P(नहीं E) = 1

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