1. संख्या पद्धति (Number System)
प्राकृत संख्याएँ (Natural Numbers): 1, 2, 3, …
पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers): 0, 1, 2, 3, …
पूर्णांक (Integers): …, -2, -1, 0, 1, 2, …
परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers): वे संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ p और q पूर्णांक हैं और q ≠ 0।
अपरिमेय संख्याएँ (Irrational Numbers): वे संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता। (जैसे √2, π)
(a + b)(a – b) = a² – b²
(√a + √b)(√a – √b) = a – b
(a + b)² = a² + b² + 2ab
(a – b)² = a² + b² – 2ab
2. बहुपद (Polynomials)
एकपदी (Monomial): केवल एक पद वाला बहुपद। (जैसे 2x)
द्विपदी (Binomial): दो पदों वाला बहुपद। (जैसे x + 5)
त्रिपदी (Trinomial): तीन पदों वाला बहुपद। (जैसे x² + 2x + 1)
बहुपद का शून्यक (Zero of a Polynomial): x का वह मान जिसके लिए बहुपद का मान शून्य हो जाता है।
शेषफल प्रमेय (Remainder Theorem): यदि एक बहुपद P(x) को (x – a) से भाग दिया जाए, तो शेषफल P(a) होता है।
गुणनखंड प्रमेय (Factor Theorem): यदि P(a) = 0 हो, तो (x – a) बहुपद P(x) का एक गुणनखंड होता है।
कुछ महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ (Identities):
(x + y)² = x² + 2xy + y²
(x – y)² = x² – 2xy + y²
x² – y² = (x – y)(x + y)
(x + a)(x + b) = x² + (a + b)x + ab
(x + y + z)² = x² + y² + z² + 2xy + 2yz + 2zx
(x + y)³ = x³ + y³ + 3xy(x + y) = x³ + y³ + 3x²y + 3xy²
(x – y)³ = x³ – y³ – 3xy(x – y) = x³ – y³ – 3x²y + 3xy²
x³ + y³ = (x + y)(x² – xy + y²)
x³ – y³ = (x – y)(x² + xy + y²)
यदि x + y + z = 0, तो x³ + y³ + z³ = 3xyz
3. दो चर वाले रैखिक समीकरण (Linear Equations in Two Variables)
मानक रूप: ax + by + c = 0, जहाँ a, b, c वास्तविक संख्याएँ हैं और a और b दोनों शून्य नहीं हैं।
4. ज्यामिति (Geometry)
रेखाएँ और कोण (Lines and Angles)
पूरक कोण (Complementary Angles): जिन दो कोणों का योग 90° हो।
संपूरक कोण (Supplementary Angles): जिन दो कोणों का योग 180° हो।
रैखिक युग्म (Linear Pair): एक रेखा पर बने आसन्न कोणों का योग 180° होता है।
शीर्षाभिमुख कोण (Vertically Opposite Angles): जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
समांतर रेखाएँ (Parallel Lines) और तिर्यक रेखा (Transversal):
संगत कोण (Corresponding Angles): बराबर होते हैं।
एकांतर अंतः कोण (Alternate Interior Angles): बराबर होते हैं।
एकांतर बाह्य कोण (Alternate Exterior Angles): बराबर होते हैं।
तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोण (Consecutive Interior Angles): संपूरक होते हैं (योग 180°)।
त्रिभुज (Triangles)
त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
बहिष्कोण प्रमेय (Exterior Angle Theorem): एक त्रिभुज का बहिष्कोण उसके दोनों सम्मुख अंतः कोणों के योग के बराबर होता है।
सर्वांगसमता कसौटियाँ (Congruence Criteria):
SSS (भुजा-भुजा-भुजा): यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की तीनों भुजाओं के बराबर हों।
SAS (भुजा-कोण-भुजा): यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके अंतर्गत कोण दूसरे त्रिभुज की संगत दो भुजाओं और उनके अंतर्गत कोण के बराबर हों।
ASA (कोण-भुजा-कोण): यदि एक त्रिभुज के दो कोण और उनकी अंतर्गत भुजा दूसरे त्रिभुज के संगत दो कोणों और उनकी अंतर्गत भुजा के बराबर हों।
AAS (कोण-कोण-भुजा): यदि एक त्रिभुज के दो कोण और एक गैर-अंतर्गत भुजा दूसरे त्रिभुज के संगत दो कोणों और एक गैर-अंतर्गत भुजा के बराबर हों।
RHS (समकोण-कर्ण-भुजा): यदि दो समकोण त्रिभुजों में कर्ण और एक भुजा बराबर हों।
चतुर्भुज (Quadrilaterals)
चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° होता है।
समांतर चतुर्भुज (Parallelogram):
सम्मुख भुजाएँ समांतर और बराबर होती हैं।
सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
समचतुर्भुज (Rhombus): सभी भुजाएँ बराबर होती हैं। विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
आयत (Rectangle): प्रत्येक कोण 90° होता है। विकर्ण बराबर होते हैं।
वर्ग (Square): सभी भुजाएँ बराबर और प्रत्येक कोण 90° होता है। विकर्ण बराबर होते हैं और एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
वृत्त (Circles)
व्यास (Diameter) = 2 × त्रिज्या (Radius)
परिधि (Circumference) = 2πr
केंद्र पर किसी चाप द्वारा अंतरित कोण परिधि पर किसी भी बिंदु पर उसी चाप द्वारा अंतरित कोण का दुगुना होता है।
एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं।
अर्धवृत्त का कोण समकोण होता है (90°)।
चक्रीय चतुर्भुज (Cyclic Quadrilateral): इसके सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
5. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन (Surface Areas and Volumes)
घनाभ (Cuboid)
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area) = 2(lb + bh + hl)
पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (Lateral Surface Area) = 2h(l + b)
आयतन (Volume) = l × b × h
घन (Cube)
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a²
पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल = 4a²
आयतन = a³
बेलन (Cylinder)
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved Surface Area) = 2πrh
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr(r + h)
आयतन = πr²h
शंकु (Cone)
तिर्यक ऊँचाई (Slant Height) l = √(r² + h²)
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = πr(l + r)
आयतन = (1/3)πr²h
गोला (Sphere)
पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area) = 4πr²
आयतन = (4/3)πr³
अर्धगोला (Hemisphere)
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr²
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 3πr²
आयतन = (2/3)πr³
6. सांख्यिकी (Statistics)
माध्य (Mean):
अवर्गीकृत डेटा के लिए: सभी प्रेक्षणों का योग / प्रेक्षणों की कुल संख्या
प्रत्यक्ष विधि (Direct Method): ∑fi xi / ∑fi
कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method): A + (∑fi di / ∑fi)
पग विचलन विधि (Step Deviation Method): A + h × (∑fi ui / ∑fi)
माध्यक (Median): मध्य मान
यदि n विषम हो: ((n + 1)/2) वाँ प्रेक्षण
यदि n सम हो: (n/2) वाँ प्रेक्षण और ((n/2) + 1) वें प्रेक्षण का औसत
बहुलक (Mode): सबसे अधिक बार आने वाला प्रेक्षण
7. प्रायिकता (Probability)
प्रायिकता P(E) = अनुकूल परिणामों की संख्या / कुल संभावित परिणामों की संख्या
P(निश्चित घटना) = 1
P(असंभव घटना) = 0
0 ≤ P(E) ≤ 1
P(E) + P(नहीं E) = 1