वैश्विक अर्थव्यवस्था का निर्माण

 

🌍 अध्याय का संक्षिप्त सारांश वैश्विक अर्थव्यवस्था का निर्माण

यह अध्याय बताता है कि कैसे 15वीं से 19वीं शताब्दी के बीच व्यापार, औद्योगिकीकरण, उपनिवेशवाद और प्रवास के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) का निर्माण हुआ।
प्राचीन काल में देशों के बीच व्यापार का आदान–प्रदान ज़मीन और समुद्री मार्गों से होता था — जैसे सिल्क रूट (रेशम मार्ग) जिसके ज़रिए भारत, चीन और यूरोप के बीच माल, संस्कृति और विचारों का आदान–प्रदान हुआ।

फिर औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) के बाद उत्पादन बढ़ा, जिससे यूरोपीय देशों ने उपनिवेश (colonies) बनाए ताकि कच्चा माल मिले और उनके उत्पादों का बाज़ार भी। इससे दुनिया आपस में आर्थिक रूप से जुड़ गई।

19वीं सदी में तकनीकी प्रगति (रेल, भाप इंजन, टेलीग्राफ, शिपिंग) ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को तेज़ किया। परंतु उपनिवेशवाद ने अफ्रीका और एशिया के देशों को गरीब बना दिया, जबकि यूरोप समृद्ध हुआ।

20वीं सदी में विश्व युद्धों, महामंदी (Great Depression), और स्वतंत्रता आंदोलनों ने इस व्यवस्था को बदल दिया।


🧭 महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points)

  1. सिल्क रूट (Silk Route): एशिया से यूरोप तक व्यापार का प्रमुख मार्ग।
  2. औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution): इंग्लैंड में 18वीं सदी में शुरू, जिसने उत्पादन की पद्धति बदली।
  3. उपनिवेशवाद (Colonialism): यूरोपीय देशों ने एशिया, अफ्रीका को अपने कब्जे में लिया।
  4. कृषि, उद्योग और श्रमिकों का प्रवास: मजदूरों को अन्य देशों में काम करने भेजा गया।
  5. महामंदी (Great Depression 1929): दुनिया की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।
  6. वैश्वीकरण (Globalisation): दुनिया की अर्थव्यवस्था का एक-दूसरे पर निर्भर होना।

✏️ लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Questions with Answers)

प्र.1. ‘सिल्क रूट’ क्या था?
उ: सिल्क रूट चीन और यूरोप को जोड़ने वाला पुराना व्यापार मार्ग था, जिससे रेशम और अन्य वस्तुएँ जाती थीं।

प्र.2. औद्योगिक क्रांति कहाँ हुई?
उ: औद्योगिक क्रांति इंग्लैंड में 18वीं सदी में हुई।

प्र.3. उपनिवेशवाद का अर्थ क्या है?
उ: जब एक शक्तिशाली देश किसी दूसरे देश पर अधिकार कर उसके संसाधनों का उपयोग अपने लाभ के लिए करे, उसे उपनिवेशवाद कहते हैं।

प्र.4. महामंदी (Great Depression) कब आई थी?
उ: 1929 में महामंदी आई, जिसने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया।

प्र.5. औद्योगिक क्रांति के बाद मजदूरों की स्थिति कैसी रही?
उ: मजदूरों को बहुत कम मजदूरी मिलती थी और उन्हें खराब परिस्थितियों में काम करना पड़ता था।


🧾 मध्यम उत्तरीय प्रश्न (Medium Answer Type)

प्र.1. औद्योगिक क्रांति का विश्व पर क्या प्रभाव पड़ा?
उ:

  • उत्पादन में तेजी आई।
  • वस्तुओं का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बढ़ा।
  • यूरोपीय देशों ने एशिया-अफ्रीका पर उपनिवेश बनाए।
  • नई तकनीकों (रेल, भाप इंजन, टेलीग्राफ) का विकास हुआ।

प्र.2. उपनिवेशवाद के आर्थिक परिणाम क्या हुए?
उ:

  • एशिया और अफ्रीका के देशों के संसाधनों का शोषण हुआ।
  • स्थानीय उद्योग नष्ट हो गए।
  • यूरोपीय देशों की संपत्ति बढ़ी।
  • वैश्विक असमानता बढ़ी।

प्र.3. विश्व व्यापार में भारत की क्या भूमिका थी?
उ: भारत से मसाले, रेशम, कपास और नील जैसी वस्तुएँ निर्यात की जाती थीं। औद्योगिक क्रांति के बाद भारत ब्रिटेन के कपड़ों का बड़ा बाज़ार बन गया।


🧮 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type)

प्र.1. वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण की प्रक्रिया को समझाइए।
उ:
वैश्विक अर्थव्यवस्था का निर्माण कई चरणों में हुआ —

  1. प्राचीन व्यापार मार्गों जैसे सिल्क रूट से विचारों और वस्तुओं का आदान–प्रदान हुआ।
  2. औद्योगिक क्रांति से उत्पादन में वृद्धि हुई।
  3. यूरोपीय उपनिवेशवाद के कारण एशिया-अफ्रीका के देशों को कच्चा माल आपूर्ति करनी पड़ी।
  4. तकनीकी विकास जैसे रेल, जहाज, टेलीग्राफ से व्यापार तेज़ हुआ।
  5. महामंदी और विश्व युद्धों से अर्थव्यवस्था अस्थिर हुई, पर स्वतंत्रता आंदोलनों के बाद नई आर्थिक व्यवस्थाएँ बनीं।

प्र.2. प्रवास (Migration) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित किया?
उ:

  • मजदूरों का बड़े पैमाने पर प्रवास हुआ (भारत, चीन से अफ्रीका व कैरेबियन तक)।
  • मजदूरों ने नए देशों में उद्योग और कृषि को विकसित किया।
  • इससे देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध बढ़े।

प्र.3. 19वीं सदी की आर्थिक व्यवस्था में तकनीकी प्रगति का क्या योगदान था?
उ:

  • रेल और जहाजों से परिवहन सस्ता और तेज़ हुआ।
  • टेलीग्राफ से सूचना संचार आसान हुआ।
  • कृषि और उद्योगों में नई मशीनों से उत्पादन बढ़ा।
  • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का विस्तार हुआ।

📘 अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न (Very Important CBSE Questions)

  1. “औद्योगिक क्रांति ने विश्व को कैसे बदल दिया?”
  2. “महामंदी का विश्व अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा?”
  3. “सिल्क रूट का सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व बताइए।”
  4. “19वीं सदी के वैश्वीकरण की विशेषताएँ क्या थीं?”
  5. “उपनिवेशवाद ने एशिया और अफ्रीका की अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित किया?”

 

🌍 1. औद्योगिक क्रांति ने विश्व को कैसे बदल दिया?

उत्तर:
औद्योगिक क्रांति ने पूरी दुनिया के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक ढाँचे को बदल दिया।
मुख्य प्रभाव इस प्रकार थे –

  1. उत्पादन में वृद्धि: मशीनों के प्रयोग से वस्तुओं का उत्पादन कई गुना बढ़ गया।
  2. व्यापार का विस्तार: वस्तुओं का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बढ़ा और यूरोप विश्व का व्यापारिक केंद्र बना।
  3. श्रमिक वर्ग का जन्म: कारखानों में काम करने वाले मजदूरों की संख्या बढ़ी।
  4. शहरों का विकास: उद्योगों के कारण नई-नई बस्तियाँ और शहर बने।
  5. उपनिवेशवाद को बल: यूरोपीय देशों ने एशिया और अफ्रीका में उपनिवेश बनाए ताकि कच्चा माल और बाज़ार मिल सके।

👉 निष्कर्ष: औद्योगिक क्रांति ने आधुनिक विश्व की नींव रखी और वैश्विक अर्थव्यवस्था की शुरुआत की।


🏛️ 2. महामंदी (Great Depression) का विश्व अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर:
महामंदी 1929 में अमेरिका से शुरू होकर पूरी दुनिया में फैल गई। इसके गहरे प्रभाव पड़े –

  1. व्यापार ठप: वस्तुओं के दाम बहुत गिर गए और व्यापार रुक गया।
  2. बेरोज़गारी: लाखों लोग नौकरियों से निकाल दिए गए।
  3. कृषि संकट: किसानों को अपनी उपज के बहुत कम दाम मिले।
  4. औद्योगिक मंदी: कारखाने बंद होने लगे, उत्पादन घट गया।
  5. सामाजिक अस्थिरता: लोग गरीबी और भूख से परेशान हुए, जिससे कई देशों में असंतोष बढ़ा।

👉 निष्कर्ष: महामंदी ने साबित किया कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।


🧭 3. ‘सिल्क रूट’ का आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व बताइए।

उत्तर:
सिल्क रूट (रेशम मार्ग) एशिया और यूरोप को जोड़ने वाला प्राचीन व्यापार मार्ग था।

  1. आर्थिक महत्व:
    • चीन का रेशम, भारत के मसाले, धातुएँ और कीमती पत्थर इस मार्ग से यूरोप तक जाते थे।
    • व्यापार से देशों की समृद्धि बढ़ी।
  2. सांस्कृतिक महत्व:
    • इस मार्ग से धर्म, कला, भाषा और तकनीक का आदान-प्रदान हुआ।
    • बौद्ध धर्म चीन और जापान तक पहुँचा।

👉 निष्कर्ष: सिल्क रूट ने न केवल व्यापार को बढ़ाया बल्कि संस्कृतियों को भी जोड़ा।


⚙️ 4. 19वीं सदी के वैश्वीकरण (Globalisation) की विशेषताएँ बताइए।

उत्तर:
19वीं सदी का वैश्वीकरण आर्थिक रूप से जुड़ाव का पहला युग था। इसकी मुख्य विशेषताएँ थीं –

  1. व्यापारिक संबंधों का विस्तार।
  2. रेल, जहाज और टेलीग्राफ जैसी नई तकनीकों का विकास।
  3. अंतरराष्ट्रीय श्रमिक प्रवास – भारत और चीन से मजदूर अन्य देशों में गए।
  4. कृषि और औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि।
  5. उपनिवेशों के माध्यम से देशों का आर्थिक शोषण।

👉 निष्कर्ष: इस युग में पूरी दुनिया पहली बार आर्थिक रूप से एक-दूसरे पर निर्भर हुई।


🧾 5. उपनिवेशवाद ने एशिया और अफ्रीका की अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित किया?

उत्तर:
उपनिवेशवाद का एशिया और अफ्रीका पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ा —

  1. कच्चा माल लिया गया: यूरोपीय देशों ने यहाँ से कच्चा माल ले जाकर अपने उद्योग चलाए।
  2. स्थानीय उद्योग नष्ट हुए: ब्रिटिश कपड़ों से भारत के हाथकरघा उद्योग खत्म हो गए।
  3. गरीबी बढ़ी: संसाधनों का दोहन कर उपनिवेश गरीब बनाए गए।
  4. एकपक्षीय व्यापार: यूरोप को फायदा और उपनिवेशों को नुकसान हुआ।
  5. शिक्षा और प्रशासन यूरोपीय ढाँचे में ढाले गए।

👉 निष्कर्ष: उपनिवेशवाद ने एशिया और अफ्रीका के आर्थिक विकास को रोक दिया और उन्हें आश्रित बना दिया।


🚢 6. प्रवास (Migration) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित किया?

उत्तर:
19वीं सदी में एशिया और अफ्रीका के करोड़ों मजदूरों को यूरोपीय उपनिवेशों में काम के लिए भेजा गया।

  1. श्रम की उपलब्धता बढ़ी।
  2. नए उद्योग और कृषि क्षेत्र विकसित हुए।
  3. सांस्कृतिक मिश्रण हुआ।
  4. कई देशों की जनसंख्या संरचना बदली।
  5. श्रमिकों का शोषण भी हुआ।

👉 निष्कर्ष: प्रवास ने विश्व को आर्थिक रूप से जोड़ा, लेकिन सामाजिक असमानताएँ भी बढ़ाईं।


📚 7. तकनीकी प्रगति का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर:

  1. रेल, भाप इंजन, जहाज और टेलीग्राफ से परिवहन व संचार आसान हुआ।
  2. वस्तुओं को एक देश से दूसरे देश तक तेजी से पहुँचाया जा सका।
  3. अंतरराष्ट्रीय व्यापार और उद्योगों का विकास हुआ।
  4. श्रमिकों और पूँजी का प्रवाह बढ़ा।

👉 निष्कर्ष: तकनीक ने दुनिया को “एक आर्थिक गाँव” बना दिया।


🔑 8. ‘मुक्त व्यापार नीति’ (Free Trade Policy) से ब्रिटेन को क्या लाभ हुआ?

उत्तर:

  1. ब्रिटेन के उद्योगों के लिए नए बाज़ार खुले।
  2. भारत जैसे देशों में ब्रिटिश वस्त्रों की बिक्री बढ़ी।
  3. उपनिवेशों से सस्ता कच्चा माल मिला।
  4. ब्रिटेन विश्व व्यापार का केंद्र बन गया।

 

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