यह अध्याय “हमारा पर्यावरण” (Chapter 13 – कक्षा 10 विज्ञान) का सारांश, महत्वपूर्ण बिंदु और परीक्षा के लिए प्रश्न–उत्तर नीचे दिए गए हैं 👇
🌿 अध्याय का सारांश (Summary in Easy Hindi)
यह अध्याय हमारे पर्यावरण (Environment) और उसके संतुलन को बनाए रखने वाले घटकों की चर्चा करता है। इसमें बताया गया है कि सभी जीव-जंतु, पौधे, सूक्ष्मजीव और भौतिक तत्त्व आपस में कैसे निर्भर रहते हैं और मिलकर एक पारितंत्र (Ecosystem) बनाते हैं।
🔹 मुख्य विषय (Main Topics):
- पारितंत्र (Ecosystem)
- जीवित (Biotic) और अजैव (Abiotic) घटकों से मिलकर बनता है।
- उदाहरण: जंगल, तालाब, झील, बगीचा आदि।
- प्रकार: प्राकृतिक (Natural) और कृत्रिम (Artificial) पारितंत्र।
- आहार श्रृंखला (Food Chain)
- एक जीव दूसरे जीव पर भोजन के लिए निर्भर रहता है।
- उदाहरण:
घास → हिरण → शेर
इसमें घास उत्पादक, हिरण उपभोक्ता, और शेर तृतीय उपभोक्ता है।
- आहार जाल (Food Web)
- कई आहार श्रंखलाओं के मिलकर बनने से आहार जाल बनता है।
- यह पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखता है।
- ऊर्जा प्रवाह (Energy Flow)
- ऊर्जा सूर्य से शुरू होकर उत्पादकों से उपभोक्ताओं तक जाती है।
- हर पोषी स्तर पर केवल 10% ऊर्जा अगले स्तर तक जाती है।
- जैव आवर्धन (Biological Magnification)
- हानिकारक रसायन जैसे DDT, कीटनाशक आदि भोजन श्रृंखला में ऊपर के स्तरों पर अधिक मात्रा में इकट्ठे हो जाते हैं, जिससे मनुष्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।
- ओज़ोन परत (Ozone Layer)
- यह पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है।
- CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) जैसे रसायन इसे नष्ट करते हैं।
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) में इन रसायनों के उपयोग पर नियंत्रण का निर्णय लिया गया।
- कचरा प्रबंधन (Waste Management)
- जैव अपघटनीय (Biodegradable): जो सड़-गलकर मिट्टी में मिल जाएँ (जैसे—फलों के छिलके)।
- अजैव अपघटनीय (Non-biodegradable): जो नहीं गलते (जैसे—प्लास्टिक, धातु)।
- कचरे को अलग-अलग करके निपटाना और पुनर्चक्रण आवश्यक है।
📘 महत्वपूर्ण नोट्स (Important Notes for Exams)
| विषय | प्रमुख बिंदु |
|---|---|
| पारितंत्र | जीवित व निर्जीव घटक मिलकर पारितंत्र बनाते हैं। |
| उत्पादक | पौधे और शैवाल जो सूर्य के प्रकाश से भोजन बनाते हैं। |
| उपभोक्ता | शाकाहारी, मांसाहारी और सर्वाहारी जीव। |
| अपघटक | फफूंदी और जीवाणु जो मृत जीवों को विघटित करते हैं। |
| ऊर्जा प्रवाह | हर स्तर पर केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित होती है। |
| जैव आवर्धन | हानिकारक रसायन जीवों के शरीर में जमा होकर बढ़ते हैं। |
| ओज़ोन परत | पृथ्वी को UV किरणों से बचाती है। |
| CFC | रेफ्रिजरेटर और स्प्रे में पाई जाती है; ओज़ोन को नुकसान पहुँचाती है। |
| कचरा | दो प्रकार — जैव अपघटनीय और अजैव अपघटनीय। |
📝 प्रश्न–उत्तर (Question–Answers for CBSE Exams)
(A) बहुत छोटे प्रश्न (Short Questions – 1 मार्क्स)
- पारितंत्र क्या है?
उत्तर: जीवित और निर्जीव घटकों का एक तंत्र जो एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं, पारितंत्र कहलाता है। - आहार श्रृंखला क्या होती है?
उत्तर: जीवों की वह श्रृंखला जिसमें प्रत्येक जीव अगले जीव के लिए भोजन का कार्य करता है। - जैव अपघटनीय पदार्थ क्या हैं?
उत्तर: वे पदार्थ जो सूक्ष्मजीवों द्वारा सड़-गलकर मिट्टी में मिल जाते हैं। - ओज़ोन परत का कार्य क्या है?
उत्तर: यह सूर्य की पराबैंगनी किरणों से पृथ्वी की रक्षा करती है। - CFC क्या है और इसका प्रभाव क्या है?
उत्तर: क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैसें ओज़ोन परत को नष्ट करती हैं।
(B) मध्यम प्रश्न (Medium Questions – 3 मार्क्स)
- ऊर्जा प्रवाह को समझाइए।
उत्तर:- सूर्य से ऊर्जा उत्पादकों (पौधों) को मिलती है।
- उत्पादक इसे उपभोक्ताओं तक पहुँचाते हैं।
- प्रत्येक पोषी स्तर पर केवल 10% ऊर्जा अगले स्तर तक जाती है।
- शेष ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
- जैव आवर्धन क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: हानिकारक रासायनिक पदार्थ जैसे DDT, आहार श्रृंखला में ऊपर जाते-जाते अधिक मात्रा में एकत्र हो जाते हैं।
उदाहरण: कीटनाशक मिट्टी → पौधों → शाकाहारी → मांसाहारी → मनुष्य तक पहुँचते हैं। - जैव अपघटनीय और अजैव अपघटनीय पदार्थों में अंतर बताइए।
जैव अपघटनीय अजैव अपघटनीय सूक्ष्मजीवों द्वारा सड़-गलते हैं सड़-गलते नहीं हैं उदाहरण: सब्जी के छिलके उदाहरण: प्लास्टिक, धातु पर्यावरण को नुकसान नहीं पर्यावरण को हानि पहुँचाते हैं
(C) दीर्घ प्रश्न (Long Questions – 5 मार्क्स)
- पारितंत्र के घटकों और ऊर्जा प्रवाह का वर्णन कीजिए।
उत्तर:- पारितंत्र में जैव (पौधे, जानवर, सूक्ष्मजीव) और अजैव (जल, वायु, मिट्टी) घटक होते हैं।
- पौधे सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं।
- यह ऊर्जा उपभोक्ताओं तक पहुँचती है और प्रत्येक स्तर पर 10% ऊर्जा ही अगले स्तर को मिलती है।
- इससे पारितंत्र का ऊर्जा संतुलन बना रहता है।
- ओज़ोन परत के क्षय के कारण और उसके प्रभाव बताइए।
उत्तर:- कारण: CFCs, एरोसोल, रेफ्रिजरेटर, अग्निशमन में प्रयुक्त गैसें।
- प्रभाव:
- UV किरणें सीधे पृथ्वी पर आने लगती हैं।
- त्वचा कैंसर, आँखों की बीमारियाँ बढ़ती हैं।
- पारिस्थितिक असंतुलन उत्पन्न होता है।
- समाधान:
- CFCs का उपयोग बंद करना।
- ओज़ोन-दिवस (16 सितम्बर) मनाना।
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल लागू करना।
- कचरा प्रबंधन की आवश्यकता और उपाय समझाइए।
उत्तर:- आवश्यकता: पर्यावरण प्रदूषण कम करने, भूमि और जल को सुरक्षित रखने हेतु।
- उपाय:
- जैव और अजैव कचरे को अलग-अलग करना।
- पुनर्चक्रण (Recycling) को बढ़ावा देना।
- ‘Reduce, Reuse, Recycle’ नीति अपनाना।
- प्लास्टिक का प्रयोग कम करना।
💠 अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर (Extra Important CBSE Questions & Answers)
🌿 1 मार्क्स के प्रश्न (Very Short Answer Questions)
- पोषी स्तर (Trophic Level) क्या है?
👉 किसी आहार श्रृंखला में जीवों का वह स्थान जहाँ वे ऊर्जा प्राप्त करते हैं, पोषी स्तर कहलाता है। - उत्पादक (Producers) कौन होते हैं?
👉 वे जीव जो सूर्य के प्रकाश से अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, जैसे हरे पौधे और शैवाल। - अपघटक (Decomposers) क्या हैं? उदाहरण दीजिए।
👉 वे जीव जो मृत पौधों और जानवरों को सड़ाकर सरल पदार्थों में बदल देते हैं।
उदाहरण: बैक्टीरिया, कवक (Fungi) - आहार जाल क्या है?
👉 अनेक आहार श्रंखलाओं का परस्पर जुड़ना आहार जाल कहलाता है। - जैव आवर्धन (Biological Magnification) का क्या अर्थ है?
👉 भोजन श्रृंखला में हानिकारक रसायनों (जैसे DDT) का क्रमशः अधिक मात्रा में इकट्ठा होना जैव आवर्धन कहलाता है। - ओज़ोन परत पृथ्वी की किस प्रकार रक्षा करती है?
👉 यह सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को रोकती है। - CFCs का पूरा नाम लिखिए और यह कहाँ उपयोग होता है?
👉 क्लोरोफ्लोरोकार्बन (Chlorofluorocarbon); यह रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर और एरोसोल स्प्रे में प्रयुक्त होती है। - अजैव अपघटनीय पदार्थों का एक उदाहरण दीजिए।
👉 प्लास्टिक, टिन, धातु, कांच आदि। - ‘Reduce’ शब्द का पर्यावरणीय अर्थ क्या है?
👉 संसाधनों के अनावश्यक उपयोग को कम करना। - मानव आहार श्रृंखला का एक उदाहरण दीजिए।
👉 पौधे → बकरी → मनुष्य
🌎 3 मार्क्स के प्रश्न (Short/Medium Answer Questions)
- ऊर्जा प्रवाह के 10% नियम को उदाहरण सहित समझाइए।
👉 जब ऊर्जा एक पोषी स्तर से दूसरे में जाती है, तो केवल 10% ऊर्जा ही अगले स्तर तक पहुँचती है।
उदाहरण:- घास (1000J) → हिरण (100J) → शेर (10J)
- हर स्तर पर 90% ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
- आहार श्रृंखला के किसी एक स्तर के जीवों के समाप्त हो जाने पर क्या होगा?
👉- आहार श्रृंखला असंतुलित हो जाएगी।
- उससे ऊपर वाले जीवों को भोजन नहीं मिलेगा।
- नीचे वाले जीवों की संख्या बढ़ जाएगी।
- पारितंत्र का संतुलन बिगड़ जाएगा।
- प्लास्टिक पर्यावरण के लिए हानिकारक क्यों है?
👉- यह अजैव अपघटनीय है।
- भूमि और जल प्रदूषण फैलाता है।
- जल निकासी रोकता है।
- पशु इसे खाकर मर जाते हैं।
- ‘जैव अपघटनीय’ और ‘अजैव अपघटनीय’ पदार्थों में तीन अंतर लिखिए।
| आधार | जैव अपघटनीय | अजैव अपघटनीय |
|---|---|---|
| अपघटन | सूक्ष्मजीवों द्वारा सड़ते हैं | नहीं सड़ते |
| हानिकारक प्रभाव | कम या नहीं | अधिक |
| उदाहरण | फल के छिलके, लकड़ी | प्लास्टिक, काँच |
- पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए तीन उपाय लिखिए।
👉- पेड़ लगाना और वन क्षेत्र बढ़ाना।
- प्लास्टिक का उपयोग कम करना।
- कचरे को अलग-अलग निपटाना (Dry & Wet waste)।
- ओज़ोन परत के क्षय के कारण और रोकथाम के उपाय लिखिए।
👉
कारण:- CFCs, हैलॉन, नाइट्रस ऑक्साइड का उत्सर्जन।
- रेफ्रिजरेटर और एरोसोल से गैसों का निकलना।
रोकथाम: - CFC-मुक्त उत्पादों का प्रयोग।
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का पालन।
- ओज़ोन दिवस (16 सितम्बर) मनाना।
🌳 5 मार्क्स के प्रश्न (Long Answer Questions)
- आहार श्रृंखला और आहार जाल में अंतर समझाइए तथा इनके महत्व लिखिए।
👉- आहार श्रृंखला: ऊर्जा का प्रवाह एक दिशा में होता है।
उदाहरण: घास → बकरी → शेर। - आहार जाल: अनेक श्रृंखलाएँ मिलकर जाल बनाती हैं।
उदाहरण: जंगल में कई जीव एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं।
महत्व: - पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखता है।
- जीवों में ऊर्जा प्रवाह सुनिश्चित करता है।
- प्रकृति के चक्र को चालू रखता है।
- आहार श्रृंखला: ऊर्जा का प्रवाह एक दिशा में होता है।
- मानव क्रियाओं से पर्यावरण को हुए चार प्रमुख नुकसान लिखिए।
👉- वनों की कटाई और जैव विविधता का ह्रास।
- वायु, जल और मिट्टी प्रदूषण।
- ओज़ोन परत का क्षय।
- ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन।
- ‘Reduce, Reuse, Recycle’ सिद्धांत का पर्यावरणीय महत्व लिखिए।
👉- Reduce: संसाधनों का कम उपयोग।
- Reuse: चीजों का बार-बार प्रयोग।
- Recycle: पुराने पदार्थों से नई वस्तुएँ बनाना।
🌱 यह सिद्धांत कचरा कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में मदद करता है।
- जैव आवर्धन (Biological Magnification) से मनुष्य को क्या हानि होती है?
👉- शरीर में हानिकारक रसायन (DDT आदि) जमा हो जाते हैं।
- तंत्रिका, यकृत और गुर्दे पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
- बच्चों में विकृतियाँ और बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं।
- जल और मिट्टी प्रदूषण बढ़ता है।
- ‘कचरा प्रबंधन’ के पाँच व्यावहारिक उपाय लिखिए।
👉- कचरे को जैव और अजैव रूप में अलग करना।
- कम्पोस्ट खाद बनाना।
- पुनर्चक्रण योग्य वस्तुओं को रीसायकल करना।
- प्लास्टिक और पॉलीथीन का उपयोग बंद करना।
- सार्वजनिक स्थानों पर सफाई रखना।
📚 CBSE में बार-बार पूछे गए HOTS (High Order Thinking Skills) प्रश्न
- यदि ओज़ोन परत पूरी तरह नष्ट हो जाए तो पृथ्वी पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
👉- पराबैंगनी किरणें सीधे पृथ्वी पर आएँगी।
- मनुष्यों में त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और पौधों की क्षति होगी।
- समुद्री जीवन प्रभावित होगा।
- आहार श्रृंखला में ऊर्जा प्रवाह एकतरफा क्यों होता है?
👉 क्योंकि ऊर्जा का कुछ भाग हर स्तर पर ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाता है और वापस नहीं आता। - आप अपने घर में पर्यावरण को बचाने के तीन कदम क्या उठा सकते हैं?
👉- बिजली और पानी की बचत।
- प्लास्टिक का उपयोग कम करना।
- सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग रखना।