“विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव” (Magnetic Effects of Electric Current)
🧲 अध्याय-“विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव” (Magnetic Effects of Electric Current)
- विद्युत धारा और चुंबकत्व का संबंध:
हैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड ने खोज की कि जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। - चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field):
चुंबक के चारों ओर वह क्षेत्र जिसमें चुंबकीय बल कार्य करता है, उसे चुंबकीय क्षेत्र कहते हैं। इसकी दिशा चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं से बताई जाती है। - दक्षिण–हस्त (Right-Hand Thumb) नियम:
यदि दाहिने हाथ के अंगूठे को विद्युत धारा की दिशा में रखा जाए, तो मुड़ी हुई उंगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दर्शाती हैं। - फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम (Fleming’s Left Hand Rule):
यदि बायें हाथ की तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में, मध्यमा विद्युत धारा की दिशा में रखी जाए, तो अंगूठा बल की दिशा दर्शाता है। - विद्युतचुंबक (Electromagnet):
जब किसी लोहे की छड़ के चारों ओर तार की कुंडली लपेटकर उसमें विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो वह अस्थायी चुंबक बन जाता है। - विद्युत मोटर (Electric Motor):
यह विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने वाला उपकरण है। यह विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव पर आधारित है। - घरेलू विद्युत परिपथ:
घरों में हमें 220 V का प्रत्यावर्ती धारा (AC) प्राप्त होती है। इसमें तीन तार होते हैं —
🔴 लाल (लाइव/फेज)
⚫ काला (न्यूट्रल)
🟢 हरा (अर्थिंग)
📘 महत्वपूर्ण नोट्स (Important Points)
| विषय | मुख्य तथ्य |
|---|
| खोजकर्ता | हैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड (1820) |
| चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ | उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव की ओर बाहर जाती हैं |
| चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता | जहाँ रेखाएँ पास-पास होती हैं, वहाँ अधिक होती है |
| बल की दिशा निर्धारण | फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम |
| धारा की दिशा निर्धारण | दायाँ अंगूठा नियम |
| उपकरण | मोटर, जनित्र, टेलीग्राफ, इलेक्ट्रोमैग्नेट आदि |
| सुरक्षा उपकरण | फ्यूज़, अर्थिंग |
| घरेलू वोल्टेज | 220 वोल्ट, 50 हर्ट्ज़ |
🧩 प्रश्नोत्तर (CBSE Board Important Q&A)
🔹 लघु प्रश्न (Short Questions)
- ऑर्स्टेड का प्रयोग क्या दर्शाता है?
👉 यह दर्शाता है कि विद्युत धारा से चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। - चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ क्या हैं?
👉 चुंबक के चारों ओर चुंबकीय बल की दिशा दर्शाने वाली कल्पित रेखाएँ। - फ्यूज़ का कार्य क्या है?
👉 फ्यूज़ परिपथ को अधिक धारा से बचाता है, पिघलकर परिपथ को तोड़ देता है। - अर्थिंग का उद्देश्य क्या है?
👉 उपकरण के धातु आवरण में धारा आने पर झटका लगने से बचाव करना।
🔹 मध्यम प्रश्न (Medium Questions)
- दक्षिण-हस्त अंगूठा नियम समझाइए।
👉 यदि हम अपने दाहिने हाथ के अंगूठे को विद्युत धारा की दिशा में रखें, तो मुड़ी हुई उंगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती हैं। - फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम का उपयोग किसलिए किया जाता है?
👉 किसी विद्युत धारा-वाही चालक पर चुंबकीय क्षेत्र में लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करने के लिए। - विद्युत मोटर का कार्य सिद्धांत बताइए।
👉 जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है और वह चुंबकीय क्षेत्र में होता है, तो उस पर बल लगता है जिससे चालक घूमता है — यही सिद्धांत मोटर का है।
🔹 दीर्घ प्रश्न (Long Questions)
- विद्युत धारा से चुंबकीय क्षेत्र कैसे उत्पन्न होता है, समझाइए प्रयोग सहित।
👉 ऑर्स्टेड के प्रयोग में जब तार में धारा प्रवाहित की गई, तो उसके पास रखी चुंबकीय सुई विचलित हो गई। इसका अर्थ है कि विद्युत धारा से चुंबकीय क्षेत्र बनता है। - घरेलू विद्युत परिपथ की व्याख्या कीजिए।
👉 घर में तीन तार होते हैं — लाइव (लाल), न्यूट्रल (काला), और अर्थिंग (हरा)। फ्यूज़ और स्विच के माध्यम से इनसे विभिन्न उपकरणों को जोड़ा जाता है। सभी उपकरण समानांतर रूप में जुड़े रहते हैं ताकि समान वोल्टेज मिल सके। - विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव के तीन व्यावहारिक उपयोग लिखिए।
👉
(i) विद्युत मोटर में
(ii) विद्युत घंटी में
(iii) विद्युतचुंबक में
ब
🧲 1 मार्क प्रश्न (Very Short Answer Type – 1 Mark)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|
| 1. चुंबकीय क्षेत्र क्या है? | वह क्षेत्र जिसमें चुंबक का बल कार्य करता है, चुंबकीय क्षेत्र कहलाता है। |
| 2. ऑर्स्टेड ने क्या खोज की? | विद्युत धारा से चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। |
| 3. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ किस दिशा में होती हैं? | उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव की ओर। |
| 4. विद्युत धारा प्रवाहित करने वाले चालक के चारों ओर किस प्रकार का क्षेत्र बनता है? | चुंबकीय क्षेत्र। |
| 5. चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने का नियम कौन-सा है? | दायाँ हाथ अंगूठा नियम। |
| 6. फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम किसलिए है? | बल की दिशा ज्ञात करने के लिए। |
| 7. विद्युत मोटर में कौन-सी ऊर्जा रूपांतरण होता है? | विद्युत ऊर्जा → यांत्रिक ऊर्जा। |
| 8. घर में प्रयुक्त धारा का प्रकार क्या है? | प्रत्यावर्ती धारा (AC)। |
| 9. घरेलू वोल्टेज का मान क्या होता है? | 220 वोल्ट। |
| 10. अर्थिंग का कार्य क्या है? | विद्युत झटके से सुरक्षा देना। |
⚡ 2 मार्क प्रश्न (Short Answer Type – 2 Marks)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|
| 1. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ क्या होती हैं और वे क्या दर्शाती हैं? | चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ काल्पनिक रेखाएँ होती हैं जो चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दर्शाती हैं। उनकी दिशा चुंबक के उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव की ओर होती है। |
| 2. दक्षिण-हस्त अंगूठा नियम बताइए। | यदि दाएँ हाथ के अंगूठे को विद्युत धारा की दिशा में रखें तो मुड़ी हुई उंगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दर्शाती हैं। |
| 3. फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम को लिखिए। | यदि बाएँ हाथ की तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में, मध्यमा विद्युत धारा की दिशा में रखी जाए, तो अंगूठा बल की दिशा दर्शाता है। |
| 4. विद्युतचुंबक क्या है और इसका एक उपयोग लिखिए। | जब किसी लोहे की छड़ के चारों ओर तार की कुंडली में धारा प्रवाहित की जाती है, तो वह चुंबक बन जाता है। इसका उपयोग विद्युत घंटी में होता है। |
| 5. फ्यूज़ का कार्य क्या है? | जब परिपथ में धारा अधिक हो जाती है तो फ्यूज़ पिघलकर परिपथ को तोड़ देता है, जिससे उपकरण सुरक्षित रहते हैं। |
| 6. घरेलू विद्युत परिपथ में तीन तारों के नाम लिखिए। | लाइव (लाल), न्यूट्रल (काला), अर्थिंग (हरा)। |
| 7. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को काटती क्यों नहीं हैं? | क्योंकि ऐसा होने पर उस बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दो दिशाएँ हो जाएँगी, जो असंभव है। |
| 8. विद्युत मोटर का सिद्धांत बताइए। | जब किसी चालक में धारा प्रवाहित की जाती है और वह चुंबकीय क्षेत्र में होता है, तो उस पर बल लगता है जिससे वह घूमता है। |
🔋 3 मार्क प्रश्न (Long Answer Type – 3 Marks)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|
| 1. ऑर्स्टेड का प्रयोग समझाइए और निष्कर्ष लिखिए। | जब धारा-वाहक तार के पास चुंबकीय सुई रखी गई, तो सुई विचलित हो गई। इससे सिद्ध हुआ कि विद्युत धारा से चुंबकीय क्षेत्र बनता है। |
| 2. चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के चार गुण लिखिए। | (i) ये उत्तर से दक्षिण ध्रुव तक जाती हैं। (ii) दो रेखाएँ कभी नहीं कटतीं। (iii) घनी रेखाएँ अधिक क्षेत्र बल दर्शाती हैं। (iv) चुंबक के अंदर दक्षिण से उत्तर ध्रुव तक बंद पथ बनाती हैं। |
| 3. विद्युत मोटर की कार्य विधि लिखिए। | मोटर में एक आयताकार कुण्डली चुंबकीय क्षेत्र में होती है। जब उसमें धारा प्रवाहित की जाती है, तो एक ओर ऊपर की ओर व दूसरी ओर नीचे की ओर बल लगता है। इससे कुण्डली घूमती है। इस प्रकार विद्युत ऊर्जा यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है। |
| 4. घरेलू विद्युत परिपथ का आरेख बनाइए और समझाइए। | इसमें तीन तार होते हैं — लाइव, न्यूट्रल और अर्थिंग। प्रत्येक सर्किट में फ्यूज़ और स्विच होते हैं। उपकरण समानांतर रूप से जुड़े रहते हैं ताकि समान वोल्टेज मिले और सुरक्षा बनी रहे। |
| 5. विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव के तीन उपयोग बताइए। | (i) विद्युत मोटर में(ii) विद्युत घंटी में(iii) विद्युतचुंबक में |