Chapter-7 जीव जनन कैसे करते हैं

 

🧾 अध्याय का सारांश (Summary in Easy Hindi)

  1. जनन (Reproduction)
    • जनन वह प्रक्रिया है जिससे जीव अपनी समान संतान उत्पन्न करते हैं।
    • यह जीव के अस्तित्व को बनाए रखता है।
  2. डी.एन.ए. (DNA) का महत्व
    • डी.एन.ए. में जीव के वंशानुगत गुणों की जानकारी होती है।
    • जनन में डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनती है जिससे नए जीव का निर्माण होता है।
  3. अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction)
    • इसमें केवल एक माता-पिता की आवश्यकता होती है।
    • संतति आनुवंशिक रूप से समान होती है।
    • इसके प्रकार हैं—
      • द्विखंडन (Binary Fission) — अमीबा, पैरामीशियम
      • बहुखंडन (Multiple Fission) — प्लास्मोडियम
      • खंडन (Fragmentation) — स्पाइरोगाइरा
      • पुनरुद्भवन (Regeneration) — प्लेनेरिया
      • मुकुलन (Budding) — यीस्ट, हाइड्रा
      • बीजाणुजनन (Spore formation) — राइजोपस (ब्रेड मोल्ड)
      • कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) — आलू, गाजर, गुलाब आदि
  4. लैंगिक जनन (Sexual Reproduction)
    • इसमें दो माता-पिता (नर और मादा) भाग लेते हैं।
    • इससे नई आनुवंशिक विविधता आती है।
    • इसमें गैमेट्स (युग्मक) का संलयन होता है जिससे जायगोट (zygote) बनता है।
  5. पौधों में लैंगिक जनन
    • फूल पौधों का जनन अंग है।
    • परागण (Pollination) – परागकण का वर्तिकाग्र पर गिरना
      • स्वपरागण – एक ही फूल में
      • परपरागण – एक फूल से दूसरे फूल तक
    • निषेचन (Fertilization) – नर युग्मक + मादा युग्मक → जायगोट
    • बीज और फल का निर्माण होता है।
  6. मनुष्यों में लैंगिक जनन
    • नर जनन तंत्र – वृषण (Testes), शुक्राणु (Sperm), लिंग (Penis)
    • मादा जनन तंत्र – अंडाशय (Ovary), गर्भाशय (Uterus), योनि (Vagina)
    • निषेचन आंतरिक होता है।
    • गर्भावस्था लगभग 9 महीने की होती है।
    • भ्रूण को प्लेसेंटा (Placenta) द्वारा पोषण मिलता है।
  7. यौवन (Puberty) और जनन स्वास्थ्य
    • शरीर में हार्मोनल परिवर्तन होते हैं (लड़कों में टेस्टोस्टेरोन, लड़कियों में इस्ट्रोजन)।
    • स्वच्छता और जनसंख्या नियंत्रण महत्वपूर्ण हैं।

📘 महत्वपूर्ण नोट्स (Important Notes)

विषयप्रमुख बिंदु
डी.एन.ए.वंशानुगत गुणों का वाहक
अलैंगिक जननएक ही जीव से नई संतति
लैंगिक जननदो जीवों की भागीदारी से
निषेचननर और मादा युग्मकों का मिलन
परागणपरागकण का वर्तिकाग्र पर पहुँचना
भ्रूणजायगोट से विकसित होता है
प्लेसेंटाभ्रूण को पोषण देने वाली संरचना
जनन स्वास्थ्यस्वच्छता, संतुलित आहार और सुरक्षित व्यवहार आवश्यक

✍️ CBSE परीक्षा हेतु प्रश्न-उत्तर

🔹 लघु प्रश्न (1 मार्क वाले)

  1. जनन क्या है?
    👉 जीवों द्वारा अपनी संतति उत्पन्न करने की प्रक्रिया जनन कहलाती है।
  2. डी.एन.ए. की भूमिका क्या है?
    👉 यह वंशानुगत गुणों को एक पीढ़ी से दूसरी में ले जाता है।
  3. अमीबा में जनन किस प्रकार होता है?
    👉 द्विखंडन (Binary Fission) द्वारा।
  4. स्पाइरोगाइरा में जनन की विधि क्या है?
    👉 खंडन (Fragmentation)।
  5. मनुष्यों में निषेचन कहाँ होता है?
    👉 अंडवाहिनी (Fallopian Tube) में।

🔹 मध्यम प्रश्न (3 मार्क वाले)

  1. लैंगिक जनन और अलैंगिक जनन में अंतर लिखिए।
लैंगिक जननअलैंगिक जनन
दो माता-पिता की आवश्यकताएक माता-पिता पर्याप्त
आनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती हैसभी संतति समान
युग्मकों का संलयन होता हैकोषिका विभाजन द्वारा
  1. बीजाणुजनन क्या है?
    👉 राइजोपस जैसे जीवों में बीजाणु बनते हैं। ये अनुकूल स्थिति में नए जीव उत्पन्न करते हैं।
  2. परागण के प्रकार लिखिए।
    👉 (i) स्वपरागण (Self Pollination)
    👉 (ii) परपरागण (Cross Pollination)
  3. यौवन अवस्था में कौन-कौन से परिवर्तन होते हैं?
    👉 लड़कों में दाढ़ी-मूँछ, भारी आवाज़, शुक्राणु उत्पादन; लड़कियों में स्तन विकास, रजोधर्म (menstruation)।

🔹 दीर्घ प्रश्न (5 मार्क वाले)

  1. मनुष्य के नर और मादा जनन तंत्र का वर्णन चित्र सहित कीजिए।
    👉 नर तंत्र में वृषण, शुक्रवाहिनी, लिंग, और शुक्राणु;
    मादा तंत्र में अंडाशय, अंडवाहिनी, गर्भाशय, योनि शामिल हैं।
    (चित्र सहित विवरण)
  2. पौधों में लैंगिक जनन की प्रक्रिया समझाइए।
    👉

    • परागकण का स्थानांतरण (परागण)
    • निषेचन → जायगोट
    • बीज व फल का निर्माण
    • बीज का अंकुरण → नया पौधा
  3. अलैंगिक जनन के प्रकारों को उदाहरण सहित समझाइए।
    👉

    • द्विखंडन – अमीबा
    • बहुखंडन – प्लास्मोडियम
    • मुकुलन – यीस्ट, हाइड्रा
    • खंडन – स्पाइरोगाइरा
    • बीजाणुजनन – राइजोपस
    • कायिक प्रवर्धन – आलू, गुलाब

ज़रूर 😊 नीचे दिए गए हैं —
“CBSE बोर्ड में बार-बार पूछे जाने वाले प्रमुख टॉपिक”
का बहुत आसान हिंदी संस्करण (Exam के लिए याद रखने लायक भाषा में) 👇


📘 अध्याय – जीव जनन कैसे करते हैं (Chapter 7)

🧠 CBSE बोर्ड में बार-बार पूछे गए प्रमुख टॉपिक (Easy Hindi Notes)


🌱 1. लैंगिक और अलैंगिक जनन में अंतर

क्रमांकलैंगिक जननअलैंगिक जनन
1️⃣इसमें दो जीव (नर और मादा) भाग लेते हैं।इसमें केवल एक जीव भाग लेता है।
2️⃣इसमें निषेचन (Fertilization) होता है।इसमें कोशिका विभाजन से नई संतति बनती है।
3️⃣इससे नई विविधता (differences) पैदा होती है।इससे समान प्रकार की संतति बनती है।
🧩 उदाहरणमनुष्य, फूलदार पौधेअमीबा, यीस्ट, स्पाइरोगाइरा

🌺 2. पौधों में परागण और निषेचन की प्रक्रिया

  • परागण (Pollination):
    यह वह प्रक्रिया है जिसमें फूल के पुंकेसर से परागकण (pollen grain)
    फूल के वर्तिकाग्र (stigma) पर पहुँचता है।
  • परागण के दो प्रकार:
    1. स्वपरागण (Self Pollination) – एक ही फूल में।
    2. परपरागण (Cross Pollination) – एक फूल से दूसरे फूल में।
  • निषेचन (Fertilization):
    नर युग्मक (male gamete) और मादा युग्मक (female gamete) के मिलने से
    जायगोट (zygote) बनता है, जिससे बीज (seed) बनता है।

👩‍🔬 3. मनुष्य के जनन तंत्र (Reproductive System)

🔹 नर जनन तंत्र:

  • मुख्य अंग — वृषण (Testes), शुक्रवाहिनी (Sperm Duct), लिंग (Penis)
  • शुक्राणु वृषण में बनते हैं और शुक्रवाहिनी से बाहर निकलते हैं।

🔹 मादा जनन तंत्र:

  • मुख्य अंग — अंडाशय (Ovary), अंडवाहिनी (Fallopian Tube), गर्भाशय (Uterus), योनि (Vagina)
  • अंडाशय से अंडाणु (Egg) निकलता है।
  • निषेचन अंडवाहिनी में होता है।
  • भ्रूण (Embryo) गर्भाशय में विकसित होता है।

🧬 4. बीजाणुजनन और कायिक प्रवर्धन

🔹 बीजाणुजनन (Spore Formation):

  • यह प्रक्रिया राइजोपस (ब्रेड मोल्ड) जैसे कवक में होती है।
  • बीजाणु (spores) थैली में बनते हैं और अनुकूल स्थिति में नए जीव बनाते हैं।

🔹 कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation):

  • पौधे के जड़, तना या पत्ती के भाग से नया पौधा बनता है।
  • उदाहरण: आलू (Potato), गुलाब (Rose), गन्ना (Sugarcane)
  • इस तरीके से पौधे जल्दी और समान रूप से उगते हैं।

🩸 5. रजोधर्म (Menstruation) और उसका महत्व

  • जब निषेचन नहीं होता, तो गर्भाशय की अंदरूनी परत टूटकर रक्त के रूप में बाहर निकलती है।
  • इस प्रक्रिया को रजोधर्म या मासिक धर्म कहते हैं।
  • यह हर 28 दिन में होती है।
  • इसका उद्देश्य — गर्भाशय को हर माह नए भ्रूण के लिए तैयार करना

👨‍👩‍👧 6. जनसंख्या नियंत्रण और जनन स्वास्थ्य

  • जनन स्वास्थ्य का अर्थ है — शरीर और मन दोनों का स्वस्थ और जिम्मेदार व्यवहार
  • जनसंख्या नियंत्रण के उपाय:
    • कंडोम या कॉपर-T जैसे साधन का उपयोग
    • परिवार नियोजन
    • विवाह की सही उम्र (लड़कियाँ – 18 वर्ष, लड़के – 21 वर्ष)
    • जनन के बीच उचित अंतर

 

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