📘 अध्याय – उद्योग (Industries)
🌿 अध्याय का सारांश (Summary of the Chapter)
यह अध्याय उद्योगों, उनके वर्गीकरण, और उनके स्थान को प्रभावित करने वाले कारकों के बारे में बताता है। साथ ही यह औद्योगिक प्रणाली, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र, और लौह-इस्पात उद्योग के उदाहरणों (जमशेदपुर और पिट्सबर्ग) का वर्णन करता है।
अध्याय बताता है कि कैसे कच्चा माल (जैसे लकड़ी, कपास, लौह अयस्क) विभिन्न प्रक्रियाओं से होकर तैयार उत्पादों (जैसे कॉपी, कपड़ा, इस्पात) में बदलता है। यह पूरी प्रक्रिया द्वितीयक क्रियाकलाप (Manufacturing) कहलाती है।
🏭 उद्योग की परिभाषा (Definition of Industry)
उद्योग एक आर्थिक गतिविधि है जो वस्तुओं के उत्पादन, खनिजों के निष्कर्षण या सेवाओं के प्रदान से जुड़ी होती है।
उदाहरण:
- वस्तु उत्पादन – लौह और इस्पात उद्योग
- खनिज निष्कर्षण – कोयला खनन
- सेवा क्षेत्र – पर्यटन
⚙️ उद्योगों का वर्गीकरण (Classification of Industries)
1️⃣ कच्चे माल के आधार पर (On the Basis of Raw Material)
| प्रकार | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| कृषि आधारित उद्योग | पौधों और जानवरों से प्राप्त उत्पादों का उपयोग | सूती वस्त्र, डेयरी, चमड़ा |
| खनिज आधारित उद्योग | खनिज अयस्कों पर आधारित | लौह-इस्पात, सीमेंट |
| समुद्र आधारित उद्योग | समुद्री उत्पादों पर आधारित | मछली का तेल, समुद्री खाद्य प्रसंस्करण |
| वन आधारित उद्योग | वनों से प्राप्त उत्पादों पर आधारित | कागज, फर्नीचर, दवाएँ |
2️⃣ आकार के आधार पर (On the Basis of Size)
| प्रकार | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| लघु उद्योग (Small-scale) | कम पूंजी और श्रमिकों से चलते हैं | मिट्टी के बर्तन, हस्तशिल्प |
| बृहत् उद्योग (Large-scale) | बड़ी पूंजी और आधुनिक तकनीक से चलते हैं | ऑटोमोबाइल, भारी मशीनरी |
3️⃣ स्वामित्व के आधार पर (On the Basis of Ownership)
| प्रकार | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| निजी क्षेत्र | व्यक्तियों के स्वामित्व में | रिलायंस इंडस्ट्रीज़ |
| सार्वजनिक क्षेत्र | सरकार के स्वामित्व में | स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) |
| संयुक्त क्षेत्र | सरकार व निजी दोनों के स्वामित्व में | मारुति उद्योग लिमिटेड |
| सहकारी क्षेत्र | श्रमिकों/किसानों के समूह द्वारा संचालित | अमूल, सुधा डेयरी |
🧭 उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Affecting Location)
- कच्चा माल
- भूमि और जल
- श्रम शक्ति
- पूंजी
- परिवहन सुविधा
- बाजार की उपलब्धता
- सरकारी नीतियाँ
सरकार पिछड़े क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सस्ती बिजली, कर छूट और बेहतर परिवहन उपलब्ध कराती है।
🔄 औद्योगिक तंत्र (Industrial System)
| घटक | विवरण |
|---|---|
| निवेश (Inputs) | कच्चा माल, श्रम, भूमि, पूंजी, बिजली |
| प्रक्रिया (Processes) | कच्चे माल को तैयार वस्तु में बदलना |
| निर्गत (Outputs) | तैयार वस्तु और उससे हुई आय |
उदाहरण: सूती वस्त्र उद्योग – ओटाई → कताई → बुनाई → रंगाई → छपाई → कमीज़ तैयार।
🗺️ औद्योगिक प्रदेश (Industrial Regions)
विश्व के प्रमुख औद्योगिक प्रदेश:
- पूर्वी उत्तर अमेरिका
- पश्चिमी और मध्य यूरोप
- पूर्वी एशिया
भारत के प्रमुख औद्योगिक प्रदेश:
- मुंबई–पुणे समूह
- बेंगलुरु–तमिलनाडु क्षेत्र
- हुगली प्रदेश
- अहमदाबाद–वडोदरा बेल्ट
- छोटानागपुर पेटी
- विशाखापट्टनम–गुंटूर बेल्ट
- दिल्ली–गुड़गांव–मेरठ क्षेत्र
⚠️ औद्योगिक विपदाएँ (Industrial Disasters)
उदाहरण:
- भोपाल गैस त्रासदी (1984, भारत)
- गैस कुएँ विस्फोट (2005, चीन)
रोकथाम के उपाय:
- औद्योगिक क्षेत्र आबादी से दूर हों।
- चेतावनी और अग्निशमन प्रणाली में सुधार।
- खतरनाक पदार्थों का सीमित भंडारण।
- प्रदूषण नियंत्रण और जन-जागरूकता।
🏗️ लौह और इस्पात उद्योग (Iron and Steel Industry)
यह पोषक उद्योग (Basic Industry) है क्योंकि इसका उत्पाद अन्य उद्योगों के लिए कच्चा माल होता है।
स्थान परिवर्तन का इतिहास:
| काल | स्थान की विशेषता |
|---|---|
| 1800 से पहले | कच्चे माल और जल स्रोतों के पास |
| 1850–1950 | कोयला क्षेत्रों और परिवहन नेटवर्क के पास |
| 1950 के बाद | समुद्री बंदरगाहों के पास |
(A) जमशेदपुर (भारत)
- स्थापना: 1907 में टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO)
- स्थान लाभ:
- लौह अयस्क – ओडिशा, छत्तीसगढ़
- कोयला – झरिया क्षेत्र
- जल – खरकाई और सुवर्णरेखा नदियाँ
- परिवहन – बंगाल-नागपुर रेलवे के पास
- बाजार – कोलकाता
- पूंजी – सरकारी सहयोग
- परिणाम: क्षेत्र में कई अन्य उद्योगों का विकास।
(B) पिट्सबर्ग (अमेरिका)
- कोयला स्थानीय रूप से उपलब्ध
- लौह अयस्क मिनेसोटा से (1500 किमी दूर)
- परिवहन – ग्रेट लेक्स और रेलमार्ग
- नदियाँ – ओहियो, मोनोगहेला, एल्घनी
- अब मुख्य रूप से तैयार इस्पात पर केंद्रित उद्योग हैं।
📖 प्रश्न-उत्तर (Question Answers)
1. ‘उद्योग’ शब्द का क्या तात्पर्य है?
👉 उद्योग आर्थिक गतिविधि है जो वस्तुओं के उत्पादन, खनिज निष्कर्षण या सेवाओं से संबंधित होती है।
2. उद्योग की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक कौन से हैं?
👉 कच्चा माल, भूमि, जल, श्रम, शक्ति, पूंजी, परिवहन और बाजार की उपलब्धता।
3. कौन-सा उद्योग आधुनिक उद्योग का मेरुदंड है? क्यों?
👉 लौह-इस्पात उद्योग, क्योंकि इसके बिना अन्य उद्योगों का विकास संभव नहीं है।
📊 अंतर बताइए
| विशेषता | कृषि आधारित उद्योग | खनिज आधारित उद्योग |
|---|---|---|
| कच्चा माल | पौधों व जानवरों से | खनिज अयस्कों से |
| उदाहरण | सूती वस्त्र, डेयरी | लौह-इस्पात, सीमेंट |
| विशेषता | सार्वजनिक क्षेत्र | संयुक्त क्षेत्र |
|---|---|---|
| स्वामित्व | सरकार | सरकार व निजी व्यक्ति |
| उदाहरण | SAIL | मारुति उद्योग लिमिटेड |
📝 महत्वपूर्ण प्रश्न (Important CBSE Questions)
लघु प्रश्न (2-3 अंक)
- विनिर्माण क्या है?
→ कच्चे माल को मूल्यवान उत्पादों में बदलना।
उदाहरण: लकड़ी → कागज। - लघु और बृहत् उद्योग में अंतर बताइए।
→ लघु उद्योग – कम पूंजी, हस्तनिर्मित उत्पाद
बृहत् उद्योग – अधिक पूंजी, मशीनों का उपयोग।
दीर्घ प्रश्न (5 अंक)
1️⃣ उद्योगों का वर्गीकरण समझाइए।
→ कच्चा माल, आकार और स्वामित्व के आधार पर (ऊपर वर्णित अनुसार)।
2️⃣ औद्योगिक तंत्र का वर्णन सूती वस्त्र उद्योग के संदर्भ में कीजिए।
→ इनपुट, प्रक्रिया, आउटपुट के चरण।
3️⃣ लौह और इस्पात उद्योग की अवस्थिति में हुए परिवर्तन पर चर्चा कीजिए।
→ 1800 से पहले जलस्रोतों के पास → बाद में कोयला क्षेत्रों के पास → अब समुद्री बंदरगाहों के पास।
4️⃣ जमशेदपुर और पिट्सबर्ग की तुलना कीजिए।
| पहलू | जमशेदपुर | पिट्सबर्ग |
|---|---|---|
| देश | भारत | अमेरिका |
| कच्चा माल | स्थानीय रूप से उपलब्ध | दूर से आयातित |
| जल स्रोत | सुवर्णरेखा व खरकाई नदियाँ | ओहियो, मोनोगहेला, एल्घनी |
| विकास कारण | टाटा समूह की पहल | कोयला और जलमार्ग |
| वर्तमान स्थिति | सक्रिय इस्पात केंद्र | इस्पात उपयोग उद्योगों की ओर शिफ्ट |
🌍 विश्व के प्रमुख उद्योग
| उद्योग | देश |
|---|---|
| लौह-इस्पात | जर्मनी, अमेरिका, चीन, जापान |
| वस्त्र | भारत, जापान, दक्षिण कोरिया |
| आईटी (IT) | सिलिकॉन वैली (USA), बेंगलुरु (भारत) |
✅ सारांश रूप में याद रखें:
“कच्चे माल से तैयार उत्पाद तक की यात्रा — यही है उद्योग।”