5: लोकतांत्रिक अधिकार 

अध्याय 5: लोकतांत्रिक अधिकार 

(पेज 1–6 में पूरा परिचय व उदाहरण दिए गए हैं)

यह अध्याय बताता है कि अधिकार क्या होते हैं, ये लोकतंत्र में क्यों ज़रूरी हैं, और भारत के नागरिकों को कौन-कौन से मौलिक अधिकार मिले हैं।

लोकतंत्र में लोग अपने अधिकारों के बिना स्वतंत्र नहीं रह सकते। अधिकार नागरिकों की रक्षा करते हैं और सरकार को मनमानी करने से रोकते हैं।

भारत का संविधान नागरिकों को छह मौलिक अधिकार देता है, जिनकी सुरक्षा न्यायपालिका करती है।


स्टेप-वाइज महत्वपूर्ण नोट्स


1. अधिकार क्या हैं?

(पेज 5)

  • अधिकार वो चीज़ें हैं जिनकी नागरिकों को स्वतंत्र और सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यकता होती है।
  • लोकतंत्र में अधिकार नागरिकों की सुरक्षा करते हैं।

2. मौलिक अधिकारों की आवश्यकता क्यों है?

  1. नागरिकों की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए।
  2. सरकार को अनुचित काम करने से रोकने के लिए।
  3. समाज में समानता बनाए रखने के लिए।
  4. न्याय पाने का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए।

3. भारत के छह मौलिक अधिकार

(पेज 6–14 में विस्तार से)

1) समानता का अधिकार

  • कानून के सामने सब बराबर
  • भेदभाव निषेध
  • सरकारी नौकरियों में समान अवसर

2) स्वतंत्रता का अधिकार

शामिल हैं:

  • भाषण व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  • किसी भी व्यवसाय करने की स्वतंत्रता
  • कहीं भी आने-जाने का अधिकार

3) शोषण के विरुद्ध अधिकार

  • बाल श्रम पर प्रतिबंध
  • मानव तस्करी पर रोक

4) धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार

  • कोई भी धर्म अपनाने, मानने और प्रचार करने का अधिकार

5) सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार

  • अल्पसंख्यक अपने स्कूल/संस्थान बना सकते हैं

6) संवैधानिक उपचार का अधिकार

  • अपने अधिकारों के उल्लंघन पर कोर्ट जा सकते हैं
  • इसे “अधिकारों का रक्षक अधिकार” कहते हैं

4. अधिकारों के बिना जीवन कैसा?

(पेज 2–4 पर बच्चों की डायरी के उदाहरण दिए गए हैं)

अधिकार न होने पर—

  • कोई आपकी बात नहीं सुनेगा
  • आपकी सुरक्षा नहीं होगी
  • सरकारी मनमानी बढ़ेगी

5. मानवाधिकार और बाल अधिकार

(पेज 12–15 में उदाहरण)

  • बाल मजदूरी अपराध है
  • बच्चों का शिक्षा और सुरक्षा पर अधिकार


📌 A. 1 अंक के प्रश्न (बहुत लघु उत्तर)

1. संवैधानिक उपचार का अधिकार किसे कहते हैं?

उत्तर: जब नागरिक अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए कोर्ट जा सकते हैं, इसे संवैधानिक उपचार का अधिकार कहते हैं।

2. मौलिक अधिकार कितने हैं?

उत्तर: छह मौलिक अधिकार।

3. भारत में बाल मजदूरी किस अधिकार का उल्लंघन है?

उत्तर: शोषण के विरुद्ध अधिकार।

4. किस अधिकार को “अधिकारों का रक्षक” कहा जाता है?

उत्तर: संवैधानिक उपचार का अधिकार।


📌 B. 3 अंक के प्रश्न (लघु उत्तर)


1. समानता का अधिकार क्या है?

उत्तर:

  • कानून के सामने सभी बराबर हैं।
  • धर्म, जाति, लिंग आदि के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता।
  • सरकारी नौकरियों में समान अवसर दिए जाते हैं।

2. स्वतंत्रता के अधिकार के मुख्य भाग लिखिए।

उत्तर:

  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  • आवागमन की स्वतंत्रता
  • व्यवसाय/धंधा चुनने की स्वतंत्रता
  • किसी भी स्थान पर बसने का अधिकार

3. संवैधानिक उपचार का अधिकार क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर:

  • नागरिक अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए कोर्ट जा सकते हैं।
  • यह सरकार को मनमानी करने से रोकता है।
  • मौलिक अधिकार तभी सफल हैं जब उनकी रक्षा की व्यवस्था हो।

4. धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार समझाइए।

उत्तर:
इस अधिकार के अनुसार हर नागरिक—

  1. कोई भी धर्म अपना सकता है।
  2. अपने धर्म का प्रचार कर सकता है।
  3. धार्मिक संस्थान चला सकता है।

📌 C. 5 अंक के प्रश्न (दीर्घ उत्तर)


1. भारत के छह मौलिक अधिकार विस्तार से लिखिए।

उत्तर:

  1. समानता का अधिकार – सभी नागरिक कानून के सामने समान।
  2. स्वतंत्रता का अधिकार – बोलने, चलने, रहने, व्यवसाय करने की स्वतंत्रता।
  3. शोषण के विरुद्ध अधिकार – बाल मजदूरी और मानव तस्करी पर रोक।
  4. धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार – किसी भी धर्म को मानने और प्रचार करने की छूट।
  5. सांस्कृतिक व शैक्षिक अधिकार – अल्पसंख्यकों को अपनी शिक्षा संस्थाएँ खोलने का अधिकार।
  6. संवैधानिक उपचार का अधिकार – मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर कोर्ट जाने का अधिकार।

2. अधिकार लोकतंत्र के लिए क्यों आवश्यक हैं?

उत्तर:

  • नागरिकों की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए आवश्यक।
  • सरकार को मनमानी करने से रोकते हैं।
  • जनता को न्याय दिलाने में मदद करते हैं।
  • समाज में समानता और सम्मान बनाए रखते हैं।

3. अगर किसी देश में अधिकार न हों तो क्या समस्याएँ होंगी?

(पेज 2–3 के उदाहरण के आधार पर)

उत्तर:

  • नागरिकों का शोषण होगा।
  • लोग अपनी बात नहीं रख पाएंगे।
  • सरकार का गलत उपयोग बढ़ेगा।
  • समाज में भय और अन्याय बढ़ेगा।

4. शोषण के विरुद्ध अधिकार का महत्व समझाइए।

उत्तर:

  • बच्चों को मजबूर श्रम से सुरक्षा देता है।
  • मानव तस्करी रोकता है।
  • मजदूरों व गरीबों की रक्षा करता है।
  • समाज में मानवता और न्याय सुनिश्चित करता है।



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