2-संवैधानिक मूल्यों व सिद्धांत – संविधान क्यों

⭐  अध्याय: संवैधानिक मूल्यों व सिद्धांत – संविधान क्यों?

(स्रोत: पेज 1–6, 10–12)

यह अध्याय बताता है कि भारत को संविधान की ज़रूरत क्यों पड़ी। संविधान देश चलाने के नियम तय करता है, नागरिकों के अधिकार देता है, नेताओं की शक्तियों को सीमित करता है तथा सभी नागरिकों के बीच समानता, न्याय और स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।

संविधान में ‘न्याय’, ‘स्वतंत्रता’, ‘समानता’, ‘बंधुत्व’, ‘धर्मनिरपेक्षता’, ‘लोकतंत्र’ और ‘सभ्यता’ जैसे मूल्य शामिल हैं।
यह भी बताया गया है कि संविधान सिर्फ कानूनों का सेट नहीं है, बल्कि एक ऐसी किताब है जो नागरिकों को सुरक्षा, अधिकार और बेहतर जीवन जीने की गारंटी देती है।


महत्वपूर्ण नोट्स (Step-by-Step Notes)

1. संविधान क्या है?

  • देश चलाने के लिए बनाए गए नियमों का संग्रह।
  • सरकार, न्यायपालिका और नागरिकों के अधिकार/कर्तव्य तय करता है।

2. संविधान की आवश्यकता क्यों होती है?

(पेज 3–5)

  1. देश में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए।
  2. नागरिकों को समान अधिकार देने के लिए।
  3. सरकार की शक्तियों पर नियंत्रण रखने के लिए।
  4. जनता और सरकार के बीच संबंध स्पष्ट करने के लिए।

3. संविधान की विशेषताएँ

  1. लिखित संविधान
  2. मौलिक अधिकार
  3. राज्य के नीति निर्देशक तत्व
  4. धर्मनिरपेक्षता
  5. लोकतांत्रिक शासन
  6. न्यायपालिका की स्वतंत्रता
    (पेज 10–12)

4. प्रस्तावना (Preamble) – मुख्य मूल्य

  1. न्याय: सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक
  2. स्वतंत्रता: विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म
  3. समानता: अवसर और स्थिति में समानता
  4. बंधुत्व: व्यक्ति की गरिमा एवं अखंडता
  5. धर्मनिरपेक्षता

5. संविधान बनाने की प्रक्रिया

  • संविधान सभा 1946 में बनी।
  • 2 वर्ष 11 महीने 18 दिनों में संविधान बना।
  • डॉ. भीमराव अंबेडकर मुख्य वास्तुकार।
  • संविधान 26 जनवरी 1950 से लागू।

6. संविधान के लाभ

  1. नागरिकों को सुरक्षा।
  2. सरकार नियंत्रित रहती है।
  3. अधिकारों की रक्षा होती है।
  4. सभी के लिए समानता।

महत्वपूर्ण प्रश्न

(आसान हिंदी)


📌 A. बहुत लघु उत्तर (1 मार्क)

1. संविधान क्या है?

उत्तर: देश चलाने के नियमों का लिखित दस्तावेज संविधान है।

2. भारत का संविधान कब लागू हुआ?

उत्तर: 26 जनवरी 1950।

3. संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे?

उत्तर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद।

4. संविधान के मुख्य वास्तुकार कौन थे?

उत्तर: डॉ. भीमराव अंबेडकर।


📌 B. लघु उत्तर (3 मार्क)

1. संविधान की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर:

  • देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए।
  • नागरिकों को समान अधिकार देने के लिए।
  • सरकार की शक्तियों पर सीमा लगाने के लिए।

2. संविधान द्वारा दिए गए तीन मुख्य मूल्य लिखिए।

उत्तर:

  1. न्याय
  2. स्वतंत्रता
  3. समानता

3. प्रस्तावना में ‘बंधुत्व’ का क्या अर्थ है?

उत्तर:
बंधुत्व का अर्थ है सभी नागरिकों में भाईचारा, सम्मान और एकता का भाव।


4. धर्मनिरपेक्षता का क्या अर्थ है?

उत्तर:
उत्तर: राज्य किसी धर्म को अपना धर्म नहीं मानता और सभी धर्मों को समान दृष्टि से देखता है।


📌 C. दीर्घ उत्तर (5 मार्क)

1. संविधान क्यों आवश्यक है? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:
संविधान देश को सही ढंग से चलाने हेतु आवश्यक है। यह नागरिकों के अधिकार तय करता है, सरकार की शक्तियों को नियंत्रित करता है और कानूनों का आधार बनता है। उदाहरण के लिए, यदि संविधान न हो तो सरकार मनमानी कर सकती है, नागरिकों के अधिकार छिन सकते हैं और देश में अराजकता फैल सकती है।


2. प्रस्तावना के प्रमुख सिद्धांतों को समझाइए।

उत्तर:

  • न्याय: सभी को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय।
  • स्वतंत्रता: विचार, अभिव्यक्ति, धर्म और विश्वास की स्वतंत्रता।
  • समानता: सभी नागरिक कानून के सामने समान।
  • बंधुत्व: सभी नागरिकों में भाईचारा और सम्मान।
  • धर्मनिरपेक्षता: राज्य सभी धर्मों को समान महत्व देता है।

3. संविधान बनाने की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
1946 में संविधान सभा का गठन हुआ। डॉ. बी. आर. अंबेडकर ने मसौदा समिति का नेतृत्व किया। लगभग तीन वर्ष में संविधान तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। यह प्रक्रिया विचार-विमर्श, बहस, सुझाव और संशोधनों से भरी थी।


4. भारतीय संविधान की विशेषताओं को विस्तार से लिखिए।

उत्तर:
भारतीय संविधान लिखित है, इसमें मौलिक अधिकार, नीति निर्देशक तत्व, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, संघीय संरचना, स्वतंत्र न्यायपालिका, और समानता जैसे सिद्धांत शामिल हैं। संविधान नागरिकों को स्वतंत्रता, सम्मान और सुरक्षा की गारंटी देता है।



Click Here for More Notes –Click

Leave a comment