हिंदी प्री-बोर्ड (2025-26) – प्रश्न और उत्तर
खंड-क (अपठित बोध)
प्र.1 अपठित गद्यांश (Unseen Passage)
प्रश्न (क): शिशु में स्वावलंबन का विकास किस प्रकार संभव है?
उत्तर: (ii) शिक्षा व सही वातावरण से
तर्क: गद्यांश में लिखा है, “इसके लिए सुनियोजित शिक्षा पद्धति अपरिहार्य है”।
प्रश्न (ख): शिशु के भीतर हीन भावना पनपने का क्या प्रभाव पड़ सकता है?
उत्तर: (ii) केवल कथन (IV) सही है।
(कथन IV: समाज के प्रति ज़िम्मेदारियों का निर्वाह करना कठिन हो जाएगा।)
प्रश्न (ग): कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए।
कथन: हीन भावना से मुक्त शिशु घर का दीप और विश्व का दिवाकर बन सकता है।
कारण: सही परिवेश व चहुँमुखी विकास शिशु को इस योग्य बनाता है कि वह देश-दुनिया को समृद्ध कर सके।
उत्तर: (i) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या है।
प्रश्न (घ): गद्यांश के अनुसार शिशु के लिए किस प्रकार का वातावरण आवश्यक है और क्यों?
उत्तर: शिशु के लिए स्वच्छ, शांत, भयमुक्त और स्वस्थ वातावरण आवश्यक है। ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि उसकी कोमल भावनाएँ सुरक्षित रह सकें और उसका चहुँमुखी विकास निर्बाध गति से हो सके।
प्रश्न (ङ): ‘मेरे’ और ‘अपने’ भाव हटाकर ‘हमारा’ और ‘हमारी’ भाव विकसित करना क्यों जरूरी है?
उत्तर: यह इसलिए जरूरी है ताकि बच्चे में संकीर्णता (narrow-mindedness) समाप्त हो सके और उसके दृष्टिकोण में व्यापकता (Broad-mindedness) आ जाए। इससे उसमें आध्यात्मिक चेतना जागेगी और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव आएगा।
प्र.2 अपठित काव्यांश (Unseen Poem)
प्रश्न (क): प्रस्तुत काव्यांश में किन भावों की प्रधानता है?
उत्तर: (ii) साहस व प्रेरणा
तर्क: काव्यांश में ‘उद्यम’, ‘भुजबल’ और ‘श्रमजल’ जैसे शब्दों का प्रयोग प्रेरणा देने के लिए किया गया है।
प्रश्न (ख): काव्यांश के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
उत्तर: (iv) उद्यम व श्रमजल से मनुष्य बाधाओं को पार कर सकता है।
तर्क: पंक्ति है – “सदा हारती वह मनुष्य के, उद्यम से, श्रमजल से”।
प्रश्न (ग): कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए।
कथन: भाग्य अनुसरण करने से ही व्यक्ति पद और संपत्ति पा सकता है।
कारण: व्यक्ति की बुद्धि व परिश्रम उसकी सफलता सुनिश्चित करते हैं।
उत्तर: (iii) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
तर्क: कथन गलत है क्योंकि कवि भाग्य को ‘पाप का आवरण’ मानते हैं। कारण सही है कि भुजबल से ही सुख मिलता है।
प्रश्न (घ): काव्यांश में ‘अपना सुख उसने अपने, भुजबल से ही पाया है’ से क्या संदेश मिलता है?
उत्तर: इससे यह संदेश मिलता है कि मनुष्य को जीवन में सुख-समृद्धि किसी पहले से लिखे भाग्य या चमत्कार से नहीं मिलती, बल्कि उसे अपनी बाजुओं की ताकत (परिश्रम) और मेहनत से ही हासिल किया जा सकता है।
प्रश्न (ङ): आपके अनुसार मनुष्य की सफलता में ‘भाग्य और परिश्रम’ का क्या महत्व है?
उत्तर: मनुष्य की सफलता में भाग्य का स्थान नगण्य (बहुत कम) है, जबकि परिश्रम ही सब कुछ है। जैसा कि कविता में कहा गया है, “भाग्यवाद आवरण पाप का” है। केवल मेहनत (श्रमजल) ही प्रकृति को झुका सकती है और सफलता दिला सकती है।
खंड-ख (व्यावहारिक व्याकरण)
प्र.3 रचना के आधार पर वाक्य भेद
प्रश्न (क): रास्ते और भी सँकरे होते जा रहे थे। (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए)
उत्तर: सरल वाक्य (Simple Sentence)
प्रश्न (ख): कातिक आने पर बालगोबिन भगत प्रभातियाँ गाना शुरू कर देते। (मिश्र वाक्य में रूपांतरित कीजिए)
उत्तर: जैसे ही कातिक आता, वैसे ही बालगोबिन भगत प्रभातियाँ गाना शुरू कर देते।
प्रश्न (ग): मिठाई की दुकान बढ़ाकर हम लोग घरौंदा बनाते थे। (संयुक्त वाक्य में रूपांतरित कीजिए)
उत्तर: हम लोग मिठाई की दुकान बढ़ाते और घरौंदा बनाते थे।
प्रश्न (घ): शीला अग्रवाल की जोशीली बातों ने रगों में बहते खून को लावे में बदल दिया। (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए)
उत्तर: सरल वाक्य
प्रश्न (ङ): जब कैप्टन की मृत्यु हुई, तब बच्चों ने सरकंडे का चश्मा लगाया। (रेखांकित आश्रित उपवाक्य का भेद लिखिए)
उत्तर: क्रिया-विशेषण आश्रित उपवाक्य (Adverbial Clause)
(क्योंकि ‘जब…तब’ समय का बोध करा रहा है)।
प्र.4 वाच्य (Voice)
प्रश्न (क): लेखक ने एक सफेदपोश सज्जन को सैकेंड क्लास में बैठे हुए देखा है। (कर्मवाच्य में बदलिए)
उत्तर: लेखक द्वारा एक सफेदपोश सज्जन को सैकेंड क्लास में बैठे हुए देखा गया है।
प्रश्न (ख): कैप्टन द्वारा गिने-चुने फ्रेमों को नेताजी की मूर्ति पर फिट कर दिया जाता है। (कर्तृवाच्य में बदलिए)
उत्तर: कैप्टन गिने-चुने फ्रेमों को नेताजी की मूर्ति पर फिट कर देता है।
प्रश्न (ग): अब मैं नहीं सहूँगा। (भाववाच्य में बदलिए)
उत्तर: अब मुझसे सहा नहीं जाएगा।
प्रश्न (घ): मई महीने में शीला अग्रवाल को कॉलेज वालों ने नोटिस थमा दिया। (कर्मवाच्य में बदलिए)
उत्तर: मई महीने में कॉलेज वालों द्वारा शीला अग्रवाल को नोटिस थमा दिया गया।
प्रश्न (ङ): रोगी रातभर सो नहीं सका। (वाच्य भेद लिखिए)
उत्तर: कर्तृवाच्य (Active Voice)
प्र.5 पद-परिचय (Parsing)
प्रश्न (क): गंतोक को मेहनतकश बादशाहों का शहर कहा जाता है। (रेखांकित पद का परिचय)
उत्तर: गंतोक: व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्म कारक।
प्रश्न (ख): सभी लोग सभा में शांतिपूर्वक बैठे हैं। (रेखांकित पद का परिचय)
उत्तर: शांतिपूर्वक: रीतिवाचक क्रिया-विशेषण, ‘बैठे हैं’ क्रिया की विशेषता बता रहा है।
प्रश्न (ग): बिस्मिल्लाह खाँ संगीत के नायाब हीरा माने जाते हैं। (रेखांकित पद का परिचय)
उत्तर: नायाब: गुणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, ‘हीरा’ विशेष्य की विशेषता।
प्रश्न (घ): मंदिर के पास ही एक बगीचा होता था। (रेखांकित पद का परिचय)
उत्तर: बगीचा: जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता कारक।
प्रश्न (ङ): कोई व्यक्ति बाहर खड़ा है। (रेखांकित पद का परिचय)
उत्तर: कोई: सार्वनामिक विशेषण (अनिश्चयवाचक), ‘व्यक्ति’ संज्ञा की विशेषता, एकवचन, पुल्लिंग।
प्र.6 अलंकार (Figure of Speech)
प्रश्न (क): तुम्हारी यह दंतुरित मुस्कान, मृतक में भी डाल देगी जान।
उत्तर: अतिशयोक्ति अलंकार (क्योंकि मरे हुए में जान डालना बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात है)।
प्रश्न (ख): ललित ललित, काले घुँघराले, बाल कल्पना के-से पाले।
उत्तर: पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार (‘ललित-ललित’ की आवृत्ति) / उपमा अलंकार (‘के-से’ शब्द के कारण)।
प्रश्न (ग): हमारे हरि हारिल की लकरी।
उत्तर: रूपक अलंकार (कृष्ण को ही लकड़ी माना गया है) / अनुप्रास अलंकार (‘ह’ वर्ण की आवृत्ति)।
प्रश्न (घ): मानो नील व्योभ उतरा हो आलिंगन के हेतु अशेष।
उत्तर: उत्प्रेक्षा अलंकार (‘मानो’ शब्द का प्रयोग)।
प्रश्न (ङ): है बिखेर देती वसुंधरा मोती, सबके सोने पर।
उत्तर: मानवीकरण अलंकार (वसुंधरा/पृथ्वी को मानवीय क्रिया करते दिखाया गया है)।
खंड-ग (साहित्य – पाठ्यपुस्तक)
प्र.7 पठित गद्यांश (बिस्मिल्ला खाँ)
प्रश्न (क): बिस्मिल्ला खाँ का अन्य नाम था?
उत्तर: (iii) अमीरुद्दीन
प्रश्न (ख): शहनाई के लिए प्रयोग होने वाली ‘नरकट’ है?
उत्तर: (ii) एक प्रकार की घास
प्रश्न (ग): डुमराँव व शहनाई एक दूसरे की प्रसिद्धि के पूरक हैं क्योंकि…
उत्तर: (i) केवल (I) और (III) सही हैं।
(I. रीड डुमराँव की नरकट से बनती है। III. बिस्मिल्ला का जन्म डुमराँव में हुआ।)
प्रश्न (घ): कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए।
कथन: डुमराँव के कारण ही शहनाई जैसा वाद्य बजता है।
कारण: रीड मुख्यतः डुमराँव में सोन नदी के किनारे मिलने वाली ‘नरकट’ से बनाई जाती है।
उत्तर: (iii) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
प्रश्न (ङ): बिस्मिल्ला खाँ के पारिवारिक संगीत इतिहास से संबंधित उचित विकल्प का चयन कीजिए।
उत्तर: (ii) केवल (II) और (III) सही हैं।
(II. संगीत उनके परिवार में पीढ़ी-दर-पीढ़ी है। III. उनका संगीत डुमराँव तक सीमित नहीं रहा।)
प्र.8 गद्य पाठों के प्रश्न (Short Answers)
प्रश्न (क): ‘वैचारिक आधुनिकता के लिए परंपराओं को त्यागना अनिवार्य नहीं होता’ पात्र ‘बालगोविन भगत’ के संदर्भ में इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर: बालगोबिन भगत ने सिद्ध किया कि साधु होने के लिए घर-बार छोड़ना जरूरी नहीं। उन्होंने रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़ा, जैसे- अपनी पतोहू से बेटे की चिता को आग दिलवाना और उसके विधवा विवाह का समर्थन करना। इससे पता चलता है कि विचारों की आधुनिकता ही सच्ची आधुनिकता है।
प्रश्न (ख): ‘संस्कृति’ पाठ में लेखक ने संस्कृति और असंस्कृति के मध्य अंतर का मूल आधार क्या माना है?
उत्तर: लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार, ‘संस्कृति’ वह है जो मानव कल्याण (Human Welfare) की भावना से नई खोज करती है। इसके विपरीत, यदि कोई खोज या ज्ञान मानव विनाश या अकल्याण का कारण बने, तो वह ‘असंस्कृति’ है।
प्रश्न (ग): आपके अनुसार लेखक यशपाल ने ‘लखनवी अंदाज़’ नामक व्यंग्य द्वारा नव कहानीकारों को क्या संदेश दिया है?
उत्तर: लेखक यशपाल ने ‘नई कहानी’ के लेखकों पर व्यंग्य किया है। संदेश यह है कि बिना पात्रों, घटना और विचार के कहानी नहीं लिखी जा सकती, ठीक वैसे ही जैसे बिना खीरा खाए (केवल सूंघकर) पेट नहीं भर सकता।
प्रश्न (घ): एक व्यक्ति तथा कलाकार दोनों ही रूपों में बिस्मिल्लाह खाँ प्रभावित करते हैं पाठ ‘नौबतखाने में इबादत’ के आलोक में सिद्ध कीजिए।
उत्तर: एक कलाकार के रूप में वे शहनाई के ‘सम्राट’ थे, जो ईश्वर की इबादत की तरह रियाज करते थे। एक व्यक्ति के रूप में वे अत्यंत सरल, धर्मनिरपेक्ष और अपनी मिट्टी (बनारस/डुमराँव) से जुड़े इंसान थे।
प्र.9 पठित काव्यांश (आत्मकथ्य)
प्रश्न (क): कवि के अनुसार ‘मधुप’ प्रतीक है?
उत्तर: (i) मन
(मन रूपी भंवरा गुनगुना कर अपनी कहानी कह रहा है)।
प्रश्न (ख): कवि आत्मकथ्य लिखने से बचना चाहते हैं क्योंकि…
उत्तर: (iii) उन्हें भय है कि लोग उनकी व्यथा का उपहास करेंगे।
प्रश्न (ग): कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए।
कथन: कवि जीवन की नश्वरता का अनुभव कर रहे हैं।
कारण: गिरती पत्तियाँ उन्हें जीवन के क्षय का प्रतीक लगती हैं।
उत्तर: (i) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या है।
प्रश्न (घ): ‘गागर रीती’ का आशय है?
उत्तर: (iii) जीवन रिक्त होना
प्रश्न (ङ): निम्नलिखित में से काव्यांश के अनुसार सही है…
उत्तर: (iv) केवल (I), (II) और (III) सही हैं।
(नोट: दिए गए विकल्पों में से यही निकटतम है, हालांकि कवि नहीं चाहते कोई रस ले।)
प्र.10 कविता आधारित प्रश्न
प्रश्न (क): कृष्ण के व्यवहार में आए किस परिवर्तन के कारण गोपियों ने कहा कि वे ‘राजनीति पढ़’ आए हैं। इस कथन से गोपियों का कौन-सा भाव प्रकट होता है?
उत्तर: कृष्ण ने स्वयं न आकर उद्धव के माध्यम से योग का संदेश भेज दिया। गोपियों को लगा कि कृष्ण अब प्रेमी नहीं रहे, बल्कि एक चतुर राजनीतिज्ञ की तरह छल-कपट कर रहे हैं। इससे गोपियों का व्यंग्य और उलाहना (शिकायत) का भाव प्रकट होता है।
प्रश्न (ख): एक बच्चे की मुस्कान कितनी प्रभावशाली हो सकती है? कविता ‘यह दंतुरित मुसकान’ के आधार पर लिखिए।
उत्तर: कवि नागार्जुन के अनुसार, बच्चे की नए दाँतों वाली मुस्कान इतनी प्रभावशाली है कि यह मरे हुए व्यक्ति (हताश इंसान) में भी जान डाल सकती है और पत्थर दिल (कठोर) व्यक्ति को भी पिघलाकर जल बना सकती है।
प्रश्न (ग): ‘उत्साह’ कविता में प्रयुक्त प्रतीकों का विश्लेषण दो बिंदुओं में कीजिए।
उत्तर:
1. बादल: यह क्रांति और बदलाव का प्रतीक है जो पीडितों की प्यास बुझाता है।
2. वज्र: यह विध्वंस और नवनिर्माण की शक्ति का प्रतीक है जो बुराइयों को नष्ट करता है।
प्रश्न (घ): कविता ‘संगतकार’ के आधार पर लिखिए कि सामूहिक सहयोग और निःस्वार्थ भूमिकाएँ एक बेहतर समाज के निर्माण में कैसे सहायक होती हैं।
उत्तर: संगतकार मुख्य गायक का साथ देकर उसकी आवाज को टूटने नहीं देता। वह अपनी प्रसिद्धि की चिंता किए बिना मुख्य गायक को सफल बनाता है। यह सिखाता है कि समाज में जब लोग निःस्वार्थ भाव से एक-दूसरे का सहयोग करते हैं, तभी बड़े काम संभव होते हैं।
प्र.11 पूरक पाठ्यपुस्तक (कृतिका)
प्रश्न (क): बालक भोलानाथ अपने साथियों को देखकर, अपना सारा दुख भूल, खेल में क्यों मग्न हो जाता है? स्पष्ट करते हुए उत्तर लिखिए।
उत्तर: बच्चों का स्वभाव होता है कि वे वर्तमान में जीते हैं और उन्हें अपने हमउम्र दोस्तों के साथ रहना सबसे प्रिय होता है। भोलानाथ गुरुजी की डांट से दुखी था, लेकिन जैसे ही उसने अपने मित्रों की टोली देखी, वह अपनी बाल-सुलभ वृत्ति के कारण सारा दुख-दर्द भूल गया और खेल में शामिल हो गया।
प्रश्न (ख): ‘साना साना हाथ जोड़ि’ शीर्षक का अर्थ स्पष्ट कीजिए। लेखिका ने अपने यात्रा स्थल की आस्था से संबंधित कौन-कौन सी विशेषताएँ उजागर की हैं?
उत्तर: शीर्षक का अर्थ है- “छोटे-छोटे हाथ जोड़कर प्रार्थना करना”। लेखिका ने देखा कि वहां के लोग पाप धोने के लिए ‘धर्म चक्र’ (Prayer Wheel) घुमाते हैं और बुरी आत्माओं को भगाने के लिए घरों के बाहर पत्थर के ढेर लगाते हैं। यह उनकी गहरी आस्था, सरलता और अंधविश्वास को दर्शाता है।
प्रश्न (ग): लेखन में ‘प्रत्यक्ष अनुभव’ और ‘अनुभूति’ में से कौन अधिक मददगार है? पाठ ‘मैं क्यों लिखता हूँ’ के आधार पर तर्क सहित उत्तर लिखिए।
उत्तर: लेखक अज्ञेय के अनुसार, प्रत्यक्ष अनुभव केवल घटना की बाहरी जानकारी देता है, लेकिन ‘अनुभूति’ (संवेदना) लेखक को अंदर से झकझोरती है और उसे लिखने के लिए विवश करती है। इसलिए लेखन के लिए ‘अनुभूति’ अधिक मददगार है, क्योंकि वही सच्चे सृजन का मूल कारण बनती है।
खंड-घ (रचनात्मक लेखन)
प्र.12 अनुच्छेद लेखन
प्रश्न: निम्न विषय पर 120 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए:
(क) योग का महत्व
संकेत बिंदु: • विश्व को भारत की अनुपम देन • शरीर और मन पर प्रभाव • दैनिक अभ्यास में शामिल करने की आवश्यकता
उत्तर:
योग का महत्व
योग भारत द्वारा विश्व को दी गई एक अमूल्य धरोहर है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग का महत्व और भी बढ़ गया है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि मन और आत्मा को जोड़ने का साधन है। नियमित योग और प्राणायाम करने से शरीर स्वस्थ, लचीला और रोगमुक्त रहता है। यह तनाव (Stress) को कम करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। छात्रों के लिए योग एकाग्रता (Concentration) बढ़ाने में बहुत सहायक है। हमें इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए ताकि हम एक स्वस्थ और संतुलित जीवन जी सकें। ‘करो योग, रहो निरोग’ का मंत्र ही सुखी जीवन का आधार है।
प्र.13 पत्र लेखन (Letter Writing)
प्रश्न (क): आप हिमांश/हिमांशी हैं। एक जिम्मेदार युवा नागरिक के रूप में, फिल्मों व ओटीटी मंचों पर प्रसारित हिंसात्मक सामग्री पर नियंत्रण लगाने हेतु प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
मुख्य अधिकारी,
प्रसारण मंत्रालय,
नई दिल्ली।
विषय: ओटीटी मंचों पर प्रसारित हिंसात्मक सामग्री पर रोक लगाने हेतु।महोदय,
मैं, हिमांश, एक जिम्मेदार युवा नागरिक, आपका ध्यान ओटीटी मंचों और फिल्मों में बढ़ती हिंसा और अभद्र भाषा की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। आजकल बिना किसी ठोस नियंत्रण के ऐसी सामग्री परोसी जा रही है, जिसका युवा वर्ग और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इससे समाज में अपराध और आक्रामकता की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इन मंचों के लिए भी सख्त सेंसरशिप नियम और दिशानिर्देश लागू किए जाएं ताकि स्वस्थ मनोरंजन सुनिश्चित हो सके।
सधन्यवाद,
भवदीय,
हिमांश
(पता…)
दिनांक: 21 दिसंबर 2025
प्रश्न (ख): ‘स्वच्छ दिल्ली, समृद्ध दिल्ली’ अभियान में भाग लेने का अनुभव लिखकर अपने मित्र को पत्र लिखिए।
उत्तर:
प्रिय मित्र रोहन,
सप्रेम नमस्ते।आशा है तुम स्वस्थ होगे। आज मैं तुम्हें ‘स्वच्छ दिल्ली, समृद्ध दिल्ली’ अभियान के अपने अनुभव के बारे में बताना चाहता हूँ। पिछले हफ्ते हमारे स्कूल ने इसमें भाग लिया। हमने अपने इलाके की सफाई की और लोगों को जागरूक किया। सफाई के बाद अपनी कॉलोनी की सड़कें साफ-सुथरी देखकर जो सुकून मिला, वह अद्भुत था।मुझे महसूस हुआ कि अगर हम सब मिलकर प्रयास करें, तो दिल्ली कितनी सुंदर बन सकती है। मैं चाहता हूँ कि तुम भी अपनी कॉलोनी में ऐसे अभियान से जुड़ो। इससे न केवल शहर साफ होगा, बल्कि हमें गर्व भी महसूस होगा।
तुम्हारा मित्र,
हिमांश
प्र.14 स्ववृत्त / ई-मेल
प्रश्न (क): आप सोमश्री/सोमेश हैं। संगीत प्रशिक्षक पद हेतु 80 शब्दों में एक स्ववृत्त (Bio-data) तैयार कीजिए।
उत्तर:
स्ववृत्त (Resume)
- नाम: सोमेश कुमार
- पिता का नाम: श्री आर. के. कुमार
- जन्म तिथि: 15 अगस्त 1998
- पता: 12/बी, मॉडल टाउन, दिल्ली।
- संपर्क: 98XXXXXX00
- ई-मेल: somesh@email.com
- शैक्षणिक योग्यता:
- एम.ए. (संगीत) – दिल्ली विश्वविद्यालय (80%)
- बी.ए. (संगीत) – इलाहाबाद विश्वविद्यालय (75%)
- संगीत प्रभाकर – प्रयाग संगीत समिति
- कार्य अनुभव: 2 वर्ष, संगीत प्रशिक्षक, डी.ए.वी. स्कूल।
- उपलब्धियां: राज्य स्तरीय गायन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।
- रुचियाँ: शास्त्रीय गायन, वाद्य यंत्र बजाना।
दिनांक: 21.12.2025
हस्ताक्षर: सोमेश
प्रश्न (ख): शुल्क रसीद में त्रुटि सुधार हेतु प्रधानाचार्य को ई-मेल लिखिए।
उत्तर:
From: somesh@gmail.com
To: principal@school.com
Subject: शुल्क रसीद में त्रुटि सुधार हेतु निवेदन।आदरणीय प्रधानाचार्य जी,सविनय निवेदन है कि मैं कक्षा 10वीं का छात्र सोमेश हूँ। मैंने पिछले सप्ताह (दिनांक 15 दिसंबर) अपने पूरे सत्र का शुल्क जमा किया था। परंतु मुझे जो रसीद प्राप्त हुई है, उसमें जमा की गई राशि कम लिखी गई है। मेरे पास बैंक ट्रांजेक्शन का सबूत है, जिसे मैं इस ई-मेल के साथ संलग्न कर रहा हूँ।
अतः आपसे अनुरोध है कि रसीद में सुधार कर मुझे नई सही रसीद देने की कृपा करें।
धन्यवाद,
सोमेश
कक्षा: 10-अ
प्र.15 विज्ञापन / संदेश
प्रश्न (क): पर्यटन हेतु 40 शब्दों में विज्ञापन लिखिए।
उत्तर:
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प्रश्न (ख): नए वर्ष के लिए अपने मित्र को 40 शब्दों का शुभकामना संदेश लिखिए।
उत्तर:
🎉 शुभकामना संदेश 🎉
दिनांक: 31 दिसंबर 2025
समय: रात्रि 11:00 बजे
प्रिय मित्र राहुल,
तुम्हें और तुम्हारे परिवार को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🎆
ईश्वर करे नया साल तुम्हारे जीवन में खुशियाँ, सफलता और उत्तम स्वास्थ्य लाए।
तुम्हारा मित्र, सोमेश