Class xth हिंदी (क्षितिज भाग-2)

 Class xth हिंदी (क्षितिज भाग-2)

(CBSE 2025–26 बोर्ड परीक्षा हेतु अत्यंत उपयोगी)


काव्य खंड (Poetry Section)

1. सूरदास के पद

  • सारांश:
    यहाँ गोपियाँ उद्धव के ज्ञान और योग के संदेश को नकारती हैं। वे उद्धव पर कटाक्ष (Sarcasm) करती हैं कि वे प्रेम के धागे से कभी बंधे ही नहीं। गोपियाँ अपने प्रेम को चींटी और गुड़ के उदाहरण से समझाती हैं।
  • मुख्य संदेश:
    तर्क और ज्ञान पर प्रेम और भक्ति की विजय।

2. राम–लक्ष्मण–परशुराम संवाद (तुलसीदास)

  • सारांश:
    शिव धनुष टूटने के बाद क्रोधित परशुराम और चंचल लक्ष्मण के बीच हुआ संवाद है। जहाँ लक्ष्मण व्यंग्य का सहारा लेते हैं, वहीं श्री राम अपनी विनम्रता से स्थिति को संभालते हैं।
  • मुख्य संदेश:
    क्रोध विनाशकारी है और विनय (Politeness) हर संकट का समाधान है।

3. आत्मकथ्य (जयशंकर प्रसाद)

  • सारांश:
    कवि बताते हैं कि वे अपनी आत्मकथा क्यों नहीं लिखना चाहते। उनका मानना है कि उनका जीवन साधारण रहा है और उसमें ऐसी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है जिसे दुनिया के सामने रखा जाए।
  • मुख्य संदेश:
    सादगी और अपनी कमियों को उजागर न करने की शालीनता।

4. उत्साह / अट नहीं रही है (सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’)

  • सारांश:
    ‘उत्साह’ में बादलों को क्रांति का प्रतीक मानकर आह्वान किया गया है।
    ‘अट नहीं रही है’ में फागुन मास (बसंत) की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन है जो आँखों में नहीं समा रही।
  • मुख्य संदेश:
    सामाजिक बदलाव और प्रकृति का अनुपम सौंदर्य।

5. यह दंतुरित मुस्कान / फसल (नागार्जुन)

  • सारांश:
    ‘दंतुरित मुस्कान’ में एक छोटे बच्चे की पहली मुस्कान देख पिता के मन में जगे प्रेम का वर्णन है।
    ‘फसल’ कविता बताती है कि अनाज सिर्फ जादू नहीं, बल्कि मिट्टी, पानी, धूप और मनुष्य के परिश्रम का परिणाम है।
  • मुख्य संदेश:
    मानवीय रिश्तों का महत्व और प्रकृति–मनुष्य का सह-अस्तित्व।

गद्य खंड (Prose Section)

7. नेताजी का चश्मा (स्वयं प्रकाश)

  • सारांश:
    ‘कैप्टन’ नाम का एक गरीब चश्मे वाला नेताजी की मूर्ति पर बार-बार चश्मा बदलता है क्योंकि उसे बिना चश्मे की मूर्ति अच्छी नहीं लगती। उसकी मृत्यु के बाद छोटे बच्चों का सरकंडे का चश्मा लगाना दिखाता है कि देशभक्ति अभी जीवित है।
  • मुख्य संदेश:
    देशभक्ति बड़े नारों में नहीं, छोटे-छोटे कार्यों में होती है।

8. बालगोबिन भगत (रामवृक्ष बेनीपुरी)

  • सारांश:
    भगत जी एक गृहस्थ होते हुए भी सच्चे संन्यासी थे। उन्होंने बेटे की मृत्यु पर विलाप करने के बजाय उत्सव मनाया और अपनी पतोहू (बहू) का पुनर्विवाह कराकर समाज की रूढ़ियों को तोड़ा।
  • मुख्य संदेश:
    दिखावे की जगह कर्म और आचरण से संन्यासी बनना।

9. लखनवी अंदाज़ (यशपाल)

  • सारांश:
    एक नवाब साहब ट्रेन में लेखक के सामने खीरे को छीलते हैं, नमक-मिर्च लगाते हैं, लेकिन खाते नहीं; सिर्फ सूंघकर खिड़की से बाहर फेंक देते हैं ताकि वे अपनी रईसी दिखा सकें।
  • मुख्य संदेश:
    पतनशील सामंती वर्ग की बनावटी जीवन शैली पर करारा व्यंग्य।

10. एक कहानी यह भी (मन्नू भंडारी)

  • सारांश:
    यह लेखिका की आत्मकथा का अंश है। इसमें उनके पिता के अंतर्विरोधों और उनकी शिक्षिका शीला अग्रवाल के प्रभाव का वर्णन है, जिन्होंने उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
  • मुख्य संदेश:
    नारी के व्यक्तित्व का विकास और वैचारिक स्वतंत्रता।

11. नौबतखाने में इबादत (यतीन्द्र मिश्र)

  • सारांश:
    यह शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ का व्यक्ति-चित्र है। इसमें उनकी सादगी, संगीत के प्रति समर्पण और उनकी धार्मिक सहिष्णुता (गंगा-जमूनी तहजीब) को दर्शाया गया है।
  • मुख्य संदेश:
    कला के प्रति अटूट आस्था और सांप्रदायिक एकता।

12 – संस्कृति (भदंत आनंद कौसल्यायन)

सारांश: इस पाठ में लेखक ने ‘सभ्यता’ और ‘संस्कृति’ के बीच के सूक्ष्म अंतर को स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, मनुष्य की वह योग्यता जो उसे नए आविष्कार करने की प्रेरणा देती है, वह ‘संस्कृति’ है, और उस आविष्कार से जो लाभ प्राप्त होता है, वह ‘सभ्यता’ है।


क्षितिज–2 (CBSE Class 10) – महत्वपूर्ण प्रश्न

(Previous Years Board Exams पर आधारित)

यहाँ क्षितिज–2 (CBSE Class 10) के सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं जो पिछले वर्षों (Previous Years) की बोर्ड परीक्षाओं में बार-बार पूछे गए हैं।


I. काव्य खंड (Poetry Section)

1. सूरदास के पद

  • प्रश्न:
    ‘उद्धव को बड़भागी (भाग्यशाली) कहने में क्या व्यंग्य निहित है?’
    उत्तर:
    गोपियाँ उद्धव को भाग्यशाली कहकर असल में उनका मजाक उड़ा रही हैं। वे कहना चाहती हैं कि उद्धव बहुत अभागे हैं क्योंकि वे प्रेम के सागर कृष्ण के पास रहकर भी प्रेम के अनुभव से वंचित रहे।
  • प्रश्न:
    ‘गोपियों ने अपने प्रेम को गुड़ और चींटी के उदाहरण से क्यों समझाया है?’
    उत्तर:
    जिस प्रकार चींटी गुड़ के प्रति इतनी आकर्षित होती है कि उससे चिपक जाती है और अपनी जान दे देती है, वैसे ही गोपियाँ भी कृष्ण के प्रेम में पूरी तरह डूबी हुई हैं।

2. राम–लक्ष्मण–परशुराम संवाद

  • प्रश्न:
    ‘परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए क्या-क्या तर्क दिए?’
    उत्तर:
    लक्ष्मण ने तर्क दिया कि—

    1. हमने बचपन में ऐसे बहुत से धनुष तोड़े हैं।
    2. यह धनुष बहुत पुराना और कमजोर था।
    3. श्री राम ने तो इसे बस छुआ था और यह खुद ही टूट गया।
  • प्रश्न:
    ‘परशुराम की क्रोध रूपी अग्नि को किसने और कैसे शांत किया?’
    उत्तर:
    श्री राम ने अपनी शीतल और मधुर वाणी से परशुराम के क्रोध को शांत किया।

3. उत्साह / अट नहीं रही है

  • प्रश्न:
    ‘कवि ने बादलों को गरजने के लिए ही क्यों कहा है, बरसने के लिए क्यों नहीं?’
    उत्तर:
    क्योंकि ‘गरजना’ क्रांति और बदलाव का प्रतीक है। कवि समाज में नई चेतना पैदा करना चाहते हैं, इसलिए वे बादलों को विप्लव (Revolution) के लिए आमंत्रित करते हैं।

II. गद्य खंड (Prose Section)

4. नेताजी का चश्मा

  • प्रश्न:
    ‘सेनानी न होते हुए भी चश्मे वाले को लोग “कैप्टन” क्यों कहते थे?’
    उत्तर:
    चश्मे वाले के मन में नेताजी और देश के प्रति अगाध प्रेम और सम्मान था। उसकी इसी देशभक्ति की भावना को देखकर लोग उसे सम्मानवश “कैप्टन” कहते थे।
  • प्रश्न:
    ‘मूर्तिकार अंत में चश्मा बनाना क्यों भूल गया होगा?’
    उत्तर:
    संभवतः मूर्तिकार ने पत्थर का पारदर्शी चश्मा बनाने की कोशिश की होगी जो टूट गया होगा, या फिर वह मूर्ति की फिनिशिंग के चक्कर में इसे बारीकी से नहीं बना पाया।

5. बालगोबिन भगत

  • प्रश्न:
    ‘भगत जी ने अपने पुत्र की मृत्यु पर अपनी भावनाओं को किस प्रकार व्यक्त किया?’
    उत्तर:
    भगत जी ने रोने के बजाय उत्सव मनाया। उन्होंने कबीर के पदों को गाया और कहा कि आत्मा का परमात्मा से मिलन हो गया है, जो कि विलाप का नहीं बल्कि आनंद का विषय है।
  • प्रश्न:
    ‘पुत्रवधू को अकेले न छोड़ने का भगत जी का क्या तर्क था?’
    उत्तर:
    उन्हें डर था कि यदि वह अकेली रह गई तो उसका शेष जीवन कष्टमय होगा और उसकी सुरक्षा कौन करेगा। वे चाहते थे कि उसका पुनर्विवाह हो और वह नया जीवन शुरू करे।

6. लखनवी अंदाज़

  • प्रश्न:
    ‘बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है? लेखक के विचार स्पष्ट करें।’
    उत्तर:
    लेखक यशपाल के अनुसार, जिस तरह नवाब साहब ने बिना खीरा खाए केवल सूंघकर डकार ले ली, वैसे ही बिना पात्रों के नई कहानी भी लिखी जा सकती है (यह एक व्यंग्य है)। असल में, बिना आधार के कहानी संभव नहीं है।

 

 

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अध्यायों के महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर (Formatted Notes)

🔹 अध्याय 1: सूरदास के पद

प्रश्न: गोपियों ने कृष्ण के प्रति अपने प्रेम को किस प्रकार व्यक्त किया है?
उत्तर: गोपियों ने अपने प्रेम को गुड़ और चींटी के उदाहरण से समझाया है; वे कहती हैं कि जैसे चींटी गुड़ से चिपक जाती है और अलग नहीं हो पाती, वैसे ही वे कृष्ण से अलग नहीं हो सकतीं।


🔹 अध्याय 2: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

प्रश्न: परशुराम के क्रोध को शांत करने के लिए राम ने क्या किया?
उत्तर: राम ने अत्यंत विनम्रता के साथ स्वयं को परशुराम का दास बताया और शीतल वचनों का प्रयोग किया।


🔹 अध्याय 3: आत्मकथ्य (जयशंकर प्रसाद)

प्रश्न: कवि अपनी आत्मकथा लिखने से क्यों बचना चाहते हैं?
उत्तर: कवि का मानना है कि उनका जीवन साधारण रहा है और वे अपने व्यक्तिगत दुखों को सार्वजनिक कर दुनिया का मजाक नहीं बनना चाहते।


🔹 अध्याय 4: उत्साह / अट नहीं रही है

प्रश्न: ‘उत्साह’ कविता में बादल किन-किन अर्थों की ओर संकेत करता है?
उत्तर: बादल प्यासी धरती की प्यास बुझाने वाली शक्ति, नई चेतना और क्रांति (बदलाव) लाने वाले कवि के रूप में संकेत करता है।


🔹 अध्याय 5: यह दंतुरित मुस्कान / फसल

प्रश्न: ‘फसल’ को ‘हजारों हाथों के स्पर्श की गरिमा’ क्यों कहा गया है?
उत्तर: क्योंकि फसल केवल बीज या धूप से नहीं उगती, उसे उगाने में अनगिनत किसानों और मजदूरों का कठिन परिश्रम लगा होता है।


🔹 अध्याय 6: संगतकार (मंगलेश डबराल)

प्रश्न: संगतकार की मुख्य विशेषता क्या होती है?
उत्तर: संगतकार मुख्य गायक के स्वर को बिखरने से बचाता है और अपनी पहचान पीछे रखकर उसे सफल बनाता है; वह अपनी आवाज को मुख्य गायक से ऊँचा नहीं होने देता।


📖 गद्य खंड (Prose Section)

🔹 अध्याय 7: नेताजी का चश्मा

प्रश्न: सेनानी न होते हुए भी चश्मे वाले को लोग ‘कैप्टन’ क्यों कहते थे?
उत्तर: चश्मे वाले के मन में नेताजी और देश के प्रति अगाध सम्मान था; उसकी इसी देशभक्ति को देखकर लोग उसे सम्मानवश ‘कैप्टन’ कहते थे।


🔹 अध्याय 8: बालगोबिन भगत

प्रश्न: भगत जी की पुत्रवधू उन्हें अकेले क्यों नहीं छोड़ना चाहती थी?
उत्तर: क्योंकि भगत जी बूढ़े थे और बहू को चिंता थी कि उनके बीमार पड़ने पर उन्हें पानी देने वाला या भोजन बनाने वाला कोई नहीं होगा।


🔹 अध्याय 9: लखनवी अंदाज़

प्रश्न: नवाब साहब के व्यवहार से लेखक को क्या संदेश मिला?
उत्तर: लेखक को महसूस हुआ कि नवाब साहब केवल दिखावे और खोखली खानदानी रईसी की दुनिया में जीते हैं।


🔹 अध्याय 10: एक कहानी यह भी

प्रश्न: लेखिका मन्नू भंडारी के व्यक्तित्व पर किनका प्रभाव पड़ा?
उत्तर: लेखिका पर उनके पिता के अंतर्विरोधों और उनकी शिक्षिका शीला अग्रवाल के क्रांतिकारी विचारों का गहरा प्रभाव पड़ा।


🔹 अध्याय 11: नौबतखाने में इबादत

प्रश्न: बिस्मिल्ला खाँ को मिली-जुली संस्कृति का प्रतीक क्यों माना जाता है?
उत्तर: क्योंकि वे एक सच्चे मुसलमान होने के साथ-साथ काशी विश्वनाथ और बालाजी मंदिर के प्रति अटूट श्रद्धा रखते थे।


🔹 अध्याय 12: संस्कृति (भदंत आनंद कौसल्यायन)

प्रश्न: लेखक ने वास्तविक ‘संस्कृत व्यक्ति’ किसे कहा है?
उत्तर: वह व्यक्ति जो अपनी बुद्धि और कौशल से किसी नई चीज़ या सत्य की खोज करता है (जैसे न्यूटन), वही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है।

 


परीक्षा के लिए विशेष सुझाव (Exam Tips)

  • काव्य की व्याख्या:
    बोर्ड परीक्षाओं में पंक्तियों का ‘आशय स्पष्ट कीजिए’ वाले प्रश्न बहुत आते हैं।
  • भाषा शैली:
    उत्तर लिखते समय पाठ में प्रयुक्त विशिष्ट शब्दों का प्रयोग करें
    (जैसे: ‘व्यंग्य’, ‘मर्यादा’, ‘क्रांति’)।
  • चरित्र चित्रण:
    बालगोबिन भगत और कैप्टन चश्मे वाले के चरित्र की विशेषताओं को अच्छी तरह याद कर लें।

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