📘 अध्याय 1: संसाधन एवं विकास
1️⃣ संसाधन (Resources) क्या हैं?
हमारे पर्यावरण में उपलब्ध प्रत्येक वस्तु जो मानव की आवश्यकताओं को पूरा कर सकती है, जिसके निर्माण के लिए तकनीक उपलब्ध हो, जो आर्थिक रूप से संभाव्य तथा सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हो, संसाधन कहलाती है।
2️⃣ संसाधनों का वर्गीकरण (Classification of Resources)
(क) उत्पत्ति के आधार पर
- जैव (Biotic): सजीव संसाधन जैसे वन, पशु
- अजैव (Abiotic): निर्जीव संसाधन जैसे खनिज, जल
(ख) समाप्यता के आधार पर
- नवीकरण योग्य: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा
- अनवीकरण योग्य: कोयला, पेट्रोलियम
(ग) स्वामित्व के आधार पर
- व्यक्तिगत
- सामुदायिक
- राष्ट्रीय
- अंतर्राष्ट्रीय
(घ) विकास के स्तर के आधार पर
- संभावी
- विकसित
- भंडार
- संचित कोष
3️⃣ सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development)
सतत पोषणीय विकास का अर्थ है ऐसा विकास जो पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना हो और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता न करे।
🌍 रियो डी जेनेरो पृथ्वी सम्मेलन (1992):
- स्थान: ब्राजील
- 100 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों की भागीदारी
- उद्देश्य: पर्यावरण संरक्षण
- परिणाम: एजेंडा 21 को स्वीकृति
4️⃣ भारत में भू-संसाधन (Land Resources)
- मैदान (43%): कृषि व उद्योग के लिए उपयुक्त
- पर्वत (30%): नदियों का स्रोत, पर्यटन
- पठार (27%): खनिज, जीवाश्म ईंधन व वन
5️⃣ भारत में मृदा (Soil) के प्रमुख प्रकार
🔸 जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil)
- सबसे विस्तृत व महत्वपूर्ण
- सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा निर्मित
- बांगर: पुराना जलोढ़, कंकर अधिक
- खादर: नया जलोढ़, अधिक उपजाऊ
🔸 काली मृदा (Black Soil)
- रेगर या काली कपास मृदा
- दक्कन पठार में पाई जाती है
- नमी धारण क्षमता अधिक
🔸 लाल एवं पीली मृदा
- आग्नेय चट्टानों से निर्मित
- लौह तत्व से लाल रंग
🔸 लेटराइट मृदा
- अधिक वर्षा व ताप वाले क्षेत्र
- चाय, कॉफी, काजू के लिए उपयुक्त
🔸 मरुस्थली मृदा
- रेतीली व लवणीय
- नमी की कमी
6️⃣ मृदा अपरदन एवं संरक्षण
मृदा के कटाव और बहाव को मृदा अपरदन कहते हैं।
संरक्षण के उपाय:
- समोच्च जुताई
- सीढ़ीदार (सोपान) खेती
- रक्षक मेखला
📝 महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न-उत्तर (CBSE Exam Oriented)
प्रश्न 1️⃣ सतत पोषणीय विकास क्या है? यह क्यों आवश्यक है?
उत्तर: सतत पोषणीय विकास वह विकास है जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग इस प्रकार किया जाता है कि भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताएँ प्रभावित न हों। यह आवश्यक है क्योंकि संसाधनों का अंधाधुंध दोहन पर्यावरणीय संकट पैदा कर सकता है।
प्रश्न 2️⃣ बांगर और खादर में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
- बांगर: पुराना जलोढ़, कंकर अधिक, कम उपजाऊ
- खादर: नया जलोढ़, महीन कण, अधिक उपजाऊ
प्रश्न 3️⃣ काली मृदा की विशेषताएँ एवं उपयुक्त फसल बताइए।
उत्तर:
- महीन कणों वाली मृदा
- नमी धारण क्षमता अधिक
- गर्मी में दरारें पड़ती हैं
- उपयुक्त फसल: कपास
प्रश्न 4️⃣ भारत में संसाधन नियोजन के प्रमुख चरण लिखिए।
उत्तर:
- संसाधनों की पहचान व सूचीकरण
- उपयुक्त तकनीक व संस्थागत ढाँचा
- राष्ट्रीय विकास योजनाओं से समन्वय
प्रश्न 5️⃣ रियो पृथ्वी सम्मेलन 1992 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से संबंधित वैश्विक समस्याओं का समाधान ढूँढ़ना तथा एजेंडा 21 को अपनाना।
प्रश्न 6️⃣ एजेंडा 21 क्या है?
उत्तर: यह 1992 में स्वीकृत एक वैश्विक कार्यसूची है, जिसका उद्देश्य समान जिम्मेदारियों के साथ सतत विकास को बढ़ावा देना है।
प्रश्न 7️⃣ मृदा अपरदन रोकने के तीन उपाय लिखिए।
उत्तर:
- समोच्च जुताई
- सीढ़ीदार खेती
- रक्षक मेखला
प्रश्न 8️⃣ “हमारे पास हर व्यक्ति की आवश्यकता पूर्ति के लिए बहुत कुछ है, लेकिन किसी के लालच के लिए नहीं।” यह कथन किसका है?
उत्तर: यह कथन महात्मा गांधी का है। इसका अर्थ है कि संसाधन आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त हैं, लालच के लिए नहीं।
प्रश्न 9️⃣ भूमि निम्नीकरण के कारण लिखिए।
उत्तर:
- खनन
- अति पशुचारण
- अधिक सिंचाई
- औद्योगिक धूल
प्रश्न 🔟 स्वामित्व के आधार पर संसाधनों का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर:
- व्यक्तिगत संसाधन
- सामुदायिक संसाधन
- राष्ट्रीय संसाधन
- अंतर्राष्ट्रीय संसाधन
📌 यह सामग्री CBSE बोर्ड परीक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी है।
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प्रश्न 1️⃣ (2015)
प्रश्न: संसाधन नियोजन की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर: संसाधन नियोजन आवश्यक है क्योंकि संसाधन सीमित हैं और उनका वितरण असमान है। बिना योजना के संसाधनों का अंधाधुंध उपयोग पर्यावरणीय असंतुलन और भविष्य की पीढ़ियों के लिए संकट पैदा कर सकता है।
प्रश्न 2️⃣ (2016)
प्रश्न: जैव और अजैव संसाधनों में अंतर लिखिए।
उत्तर: जैव संसाधन सजीव होते हैं जैसे वन और पशु, जबकि अजैव संसाधन निर्जीव होते हैं जैसे खनिज और जल। दोनों मानव जीवन के लिए आवश्यक हैं।
प्रश्न 3️⃣ (2017)
प्रश्न: काली मृदा को कपास की खेती के लिए उपयुक्त क्यों माना जाता है?
उत्तर: काली मृदा में नमी धारण करने की क्षमता अधिक होती है और यह धीरे-धीरे पानी छोड़ती है, जो कपास जैसी फसल के लिए अनुकूल है।
प्रश्न 4️⃣ (2018)
प्रश्न: भूमि निम्नीकरण से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: भूमि की उपजाऊ शक्ति में कमी को भूमि निम्नीकरण कहते हैं। यह खनन, अति पशुचारण, वनों की कटाई और अधिक सिंचाई से होता है।
प्रश्न 5️⃣ (2019)
प्रश्न: एजेंडा 21 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: एजेंडा 21 का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर सतत पोषणीय विकास को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 6️⃣ (2020)
प्रश्न: जलोढ़ मृदा की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: जलोढ़ मृदा बहुत उपजाऊ होती है और इसमें महीन कण पाए जाते हैं। यह मुख्य रूप से नदी घाटियों में पाई जाती है।
प्रश्न 7️⃣ (2021)
प्रश्न: समोच्च जुताई क्या है?
उत्तर: ढाल वाली भूमि पर समोच्च रेखाओं के समानांतर हल चलाने की विधि को समोच्च जुताई कहते हैं। इससे मृदा अपरदन कम होता है।
प्रश्न 8️⃣ (2022)
प्रश्न: संभावी संसाधन से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: वे संसाधन जिनकी मात्रा ज्ञात है लेकिन जिनका पूर्ण उपयोग नहीं हो रहा, संभावी संसाधन कहलाते हैं।
प्रश्न 9️⃣ (2023)
प्रश्न: मरुस्थली मृदा की एक विशेषता लिखिए।
उत्तर: मरुस्थली मृदा रेतीली होती है और इसमें नमी की मात्रा बहुत कम होती है।
प्रश्न 🔟 (2024)
प्रश्न: सतत विकास का एक वास्तविक जीवन उदाहरण दीजिए।
उत्तर: सौर ऊर्जा का उपयोग सतत विकास का अच्छा उदाहरण है क्योंकि यह पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना ऊर्जा प्रदान करती है।