🟩 अध्याय 2: संघवाद (Federalism)
- संघवाद का अर्थ:
संघवाद एक ऐसी शासन व्यवस्था है जिसमें सत्ता दो या उससे अधिक स्तरों में बाँटी जाती है — जैसे केंद्र (Union) और राज्य (State)। - एकात्मक और संघीय शासन में अंतर:
- एकात्मक शासन में सारी शक्ति केंद्र के पास होती है (जैसे ब्रिटेन)।
- संघीय शासन में केंद्र और राज्यों के बीच शक्ति बाँटी जाती है (जैसे भारत, अमेरिका)।
- भारत एक संघीय देश है:
भारत में संविधान ने शक्ति का विभाजन तीन स्तरों में किया है —- केंद्र सरकार
- राज्य सरकार
- स्थानीय सरकार (नगरपालिका, पंचायत)
- सूचियाँ (Lists) और शक्तियों का विभाजन:
- संघ सूची (Union List): राष्ट्रीय विषय — रक्षा, विदेश नीति, मुद्रा, डाक।
- राज्य सूची (State List): राज्य विषय — पुलिस, व्यापार, कृषि।
- समवर्ती सूची (Concurrent List): साझा विषय — शिक्षा, विवाह, वन।
- संघीय व्यवस्था की विशेषताएँ:
- दो या अधिक स्तर की सरकारें
- संविधान में शक्तियों का स्पष्ट बँटवारा
- सर्वोच्च न्यायालय विवादों को सुलझाता है
- संविधान में संशोधन दोनों स्तरों की सहमति से ही होता है
- भाषाई राज्य (Linguistic States):
1956 में राज्यों का गठन भाषाओं के आधार पर हुआ, जिससे प्रशासन आसान और एकता मजबूत हुई। - भाषा नीति (Language Policy):
हिंदी राजभाषा है, लेकिन अंग्रेज़ी और अन्य 22 भाषाओं को भी मान्यता दी गई है ताकि किसी पर भाषा न थोपी जाए। - केंद्र-राज्य संबंध:
पहले केंद्र की शक्ति ज़्यादा थी, परंतु अब गठबंधन सरकारों और क्षेत्रीय दलों के बढ़ते प्रभाव से संतुलन बना है। - तीसरा स्तर — स्थानीय शासन (Local Government):
1992 में संविधान में संशोधन से पंचायतें और नगरपालिकाएँ सशक्त बनीं।- महिलाओं के लिए 33% आरक्षण
- पंचायत चुनाव अनिवार्य हुए
- राज्य चुनाव आयोग का गठन
🟨 महत्वपूर्ण नोट्स (Important Points)
| विषय | मुख्य बातें |
|---|---|
| शासन प्रणाली | संघीय (Federal System) |
| शक्तियों का विभाजन | केंद्र, राज्य, स्थानीय स्तर पर |
| संविधान की गारंटी | संविधान ही शक्तियों का निर्धारण करता है |
| संघ सूची | 97 विषय |
| राज्य सूची | 66 विषय |
| समवर्ती सूची | 47 विषय |
| अवशिष्ट शक्तियाँ | केंद्र के पास |
| न्यायिक संस्था | सर्वोच्च न्यायालय विवाद सुलझाता है |
| भाषा नीति | हिंदी + अंग्रेज़ी + 22 अनुसूचित भाषाएँ |
| स्थानीय शासन | पंचायतें, नगरपालिकाएँ — 73वां और 74वां संशोधन |
🟦 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (CBSE Important Q&A)
🟢 1 मार्क प्रश्न (Short Answer Type – Very Short)
- संघवाद क्या है?
👉 संघवाद वह व्यवस्था है जिसमें शक्ति केंद्र और राज्यों में बाँटी जाती है ताकि दोनों स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकें। - संविधान में शक्तियों का विभाजन कैसे किया गया है?
👉 तीन सूचियों के माध्यम से — संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची। - अवशिष्ट शक्तियाँ किसे दी गई हैं?
👉 केंद्र सरकार को। - किस वर्ष राज्यों का भाषाई पुनर्गठन हुआ?
👉 1956 ई. में। - स्थानीय शासन कब लागू हुआ?
👉 1992 के 73वें और 74वें संशोधन से।
🟡 3 मार्क प्रश्न (Short / Medium Answer Type)
- भारत की संघीय व्यवस्था की तीन विशेषताएँ लिखिए।
✅ दो स्तर की सरकारें।
✅ संविधान में शक्तियों का स्पष्ट विभाजन।
✅ सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका शक्तियों के विवाद सुलझाने में। - भाषाई राज्यों के गठन का क्या महत्व था?
✅ इससे प्रशासन सुगम हुआ, लोगों की भावनाओं का सम्मान हुआ और देश की एकता मजबूत हुई। - संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में क्या अंतर है?
सूची विषय शक्ति किसके पास संघ सूची राष्ट्रीय महत्व के विषय केंद्र राज्य सूची राज्य संबंधी विषय राज्य समवर्ती सूची साझा विषय दोनों - स्थानीय सरकार के क्या लाभ हैं?
✅ लोगों की भागीदारी बढ़ती है,
✅ समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर होता है,
✅ लोकतंत्र मजबूत होता है।
🔵 5 मार्क प्रश्न (Long Answer Type)
- संघीय शासन व्यवस्था को लोकतंत्र के लिए आवश्यक क्यों माना गया है?
✅ संघीय व्यवस्था देश की विविधता को सम्मान देती है।
✅ यह शक्ति का केंद्रीकरण रोकती है।
✅ स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखती है।
✅ इससे जनसहभागिता और जवाबदेही बढ़ती है।
✅ यह एकता में विविधता को सशक्त करती है। - केंद्र और राज्यों के बीच अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए कौन-कौन से उपाय किए गए हैं?
✅ संविधान में शक्तियों का स्पष्ट विभाजन।
✅ सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका।
✅ वित्त आयोग और अंतर-राज्य परिषद का गठन।
✅ गठबंधन सरकारों की वजह से केंद्र की शक्ति पर संतुलन बना।
🟩 अंत में याद रखने योग्य बातें
- भारत संघीय शासन व्यवस्था वाला देश है।
- संविधान इसकी एकता और विविधता दोनों को सुरक्षित रखता है।
- संघवाद सिर्फ संविधान की धाराओं में नहीं, बल्कि सहयोग, विश्वास और साझेदारी पर आधारित है।
🟢 अति-संक्षिप्त प्रश्न (1 अंक वाले Very Short Questions)
- संविधान में संघीय शासन प्रणाली का उल्लेख कहाँ किया गया है?
👉 संविधान के अनुच्छेद 1 में भारत को “राज्यों का संघ” कहा गया है। - संघ सूची में कितने विषय हैं?
👉 लगभग 97 विषय। - राज्य सूची में कितने विषय हैं?
👉 लगभग 66 विषय। - समवर्ती सूची में कितने विषय हैं?
👉 लगभग 47 विषय। - संविधान में स्थानीय शासन को कब मान्यता दी गई?
👉 1992 में 73वें और 74वें संशोधन द्वारा। - भारत में संघीय प्रणाली का अंतिम निर्णायक कौन है?
👉 सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court)। - अवशिष्ट शक्तियाँ क्या होती हैं?
👉 वे शक्तियाँ जो किसी भी सूची में नहीं आतीं, उन्हें केंद्र सरकार को दी जाती हैं।
🟡 लघु प्रश्न (3 अंक वाले Short Questions)
- संघीय शासन की दो मुख्य विशेषताएँ बताइए।
✅ दो स्तर की सरकारें होती हैं — केंद्र और राज्य।
✅ संविधान में शक्तियों का स्पष्ट विभाजन होता है। - भारत में संघीय शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कौन-कौन से संवैधानिक उपाय हैं?
✅ शक्तियों का विभाजन
✅ स्वतंत्र न्यायपालिका
✅ संविधान की सर्वोच्चता
✅ द्विसदनीय संसद - भारत के संघीय ढाँचे में सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका क्या है?
✅ केंद्र और राज्य के बीच विवाद सुलझाना।
✅ संविधान की व्याख्या करना।
✅ नागरिक अधिकारों की रक्षा करना। - भाषा नीति से भारत में एकता कैसे बनी रही?
✅ किसी भाषा को थोपे बिना हिंदी व अन्य 22 भाषाओं को मान्यता दी गई।
✅ अंग्रेज़ी को भी कार्यभाषा बनाए रखा गया।
✅ इसने भाषाई टकराव रोककर एकता बनाए रखी। - भारत में संघीय शासन को ‘अर्ध-संघीय (Quasi-Federal)’ क्यों कहा जाता है?
✅ क्योंकि केंद्र को अधिक शक्तियाँ दी गई हैं।
✅ संविधान संशोधन में केंद्र की प्रमुख भूमिका है।
✅ आपातकाल में सारी शक्ति केंद्र में केंद्रित हो जाती है।
🔵 दीर्घ प्रश्न (5 अंक वाले Long Questions)
- भारत की संघीय प्रणाली के निर्माण की आवश्यकता क्यों पड़ी?
✅ भारत एक विशाल और विविधता वाला देश है।
✅ विभिन्न धर्म, भाषाएँ, संस्कृतियाँ और भौगोलिक विविधता।
✅ सभी को समान अवसर और पहचान देना ज़रूरी था।
✅ केंद्र और राज्यों में शक्ति बाँटकर प्रशासन को आसान बनाया गया।
✅ इससे लोकतंत्र मजबूत हुआ।
- भारत में संघीय शासन को मज़बूत करने वाले चार कारक बताइए।
✅ (1) संविधान में शक्तियों का स्पष्ट विभाजन
✅ (2) सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका
✅ (3) वित्तीय संसाधनों का वितरण
✅ (4) गठबंधन सरकारों का उदय — जिससे राज्यों की आवाज़ केंद्र तक पहुँची।
- स्थानीय स्वशासन को लोकतंत्र का आधार क्यों कहा जाता है?
✅ यह लोगों को निर्णय-निर्माण में शामिल करता है।
✅ समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर होता है।
✅ इससे जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ती है।
✅ यह लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करता है।
✅ महिलाएँ, पिछड़े वर्ग और सामान्य जनता राजनीति में भाग लेते हैं।
- केंद्र और राज्य के बीच शक्तियों का विभाजन कैसे किया गया है?
सूची उदाहरण किसके पास शक्ति संघ सूची रक्षा, विदेश नीति, बैंकिंग केंद्र राज्य सूची पुलिस, कृषि, व्यापार राज्य समवर्ती सूची शिक्षा, विवाह, वन दोनों अवशिष्ट विषय कंप्यूटर, इंटरनेट आदि केंद्र
- केंद्र और राज्य के बीच मतभेद होने पर विवाद कैसे सुलझाया जाता है?
✅ सर्वोच्च न्यायालय संविधान के अनुसार निर्णय देता है।
✅ दोनों स्तरों को संविधान की सीमाओं में रहना होता है।
✅ न्यायपालिका का फैसला अंतिम होता है।
🟩 5 सबसे महत्वपूर्ण बोर्ड परीक्षा प्रश्न (Most Expected for Board Exams)
- भारत की संघीय व्यवस्था की विशेषताएँ बताइए।
- भाषा नीति से भारत की एकता कैसे मजबूत हुई?
- स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
- केंद्र और राज्यों के संबंधों में हुए परिवर्तन स्पष्ट कीजिए।
- भारत की संघीय व्यवस्था में केंद्र को अधिक शक्तियाँ क्यों दी गई हैं?