विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

 

🧭 अध्याय 11 – विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

🌟 अध्याय का सारांश 

  1. विद्युत चालक (Conductor):
    वे पदार्थ जिनसे होकर विद्युत धारा प्रवाहित होती है, चालक कहलाते हैं — जैसे तांबा, एल्यूमिनियम, लोहा आदि।
  2. विद्युत कुचालक (Insulator):
    वे पदार्थ जिनसे होकर विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती — जैसे रबर, प्लास्टिक, लकड़ी आदि।
  3. विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव:
    जब विद्युत धारा किसी द्रव (जैसे नमक का घोल या अम्लीय घोल) से होकर गुजरती है, तो वह रासायनिक परिवर्तन कर सकती है — जैसे बुलबुले बनना, रंग बदलना, धातु का जमाव होना आदि।
  4. विभिन्न द्रवों की चालकता:
    • नमक का घोल, अम्लीय घोल, नींबू का रस — विद्युत प्रवाहित करते हैं।
    • शुद्ध जल — विद्युत प्रवाहित नहीं करता।
    • नल का पानी या साबुन का पानी — आयन होने के कारण थोड़ा विद्युत प्रवाहित करता है।
  5. विद्युत अपघटन (Electrolysis):
    जब विद्युत किसी द्रव से गुजरती है और उस द्रव के तत्व अलग हो जाते हैं या धातु किसी इलेक्ट्रोड पर जम जाती है, इसे विद्युत अपघटन कहते हैं।
  6. इलेक्ट्रोप्लेटिंग (Electroplating):
    किसी वस्तु की सतह पर धातु की परत जमाने की प्रक्रिया — जैसे लोहे की वस्तु पर सोने, चांदी, तांबे की परत चढ़ाना।
  7. LED का प्रयोग:
    एलईडी (Light Emitting Diode) बहुत कम ऊर्जा में प्रकाश देती है और यह यह बताने में मदद करती है कि विद्युत धारा बह रही है या नहीं।
  8. विद्युत का सही उपयोग:
    बिजली के साथ सावधानी बरतनी चाहिए। गीले हाथों से बिजली के स्विच या उपकरण नहीं छूने चाहिए।

📘 महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points):

  • चालक और कुचालक के बीच का अंतर समझना ज़रूरी है।
  • सभी द्रव बिजली के चालक नहीं होते।
  • धातुएँ अच्छे चालक होती हैं।
  • विद्युत धारा द्रव में रासायनिक परिवर्तन करती है।
  • विद्युत अपघटन और इलेक्ट्रोप्लेटिंग का प्रयोग उद्योगों में होता है।

✍️ अध्याय के प्रश्न-उत्तर (Chapter Question Answers)

🟢 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):

  1. निम्न में से कौन विद्युत का अच्छा चालक है?
    (a) लकड़ी (b) रबर (c) तांबा (d) प्लास्टिक
    👉 उत्तर: (c) तांबा
  2. शुद्ध जल विद्युत का प्रवाह क्यों नहीं करता?
    👉 क्योंकि इसमें आयन (ions) नहीं होते।
  3. एलईडी का पूरा नाम क्या है?
    👉 Light Emitting Diode
  4. विद्युत अपघटन में किसका प्रयोग होता है?
    👉 द्रव घोल और इलेक्ट्रोड का

🟠 संक्षिप्त प्रश्न (Short Questions):

  1. चालक और कुचालक में क्या अंतर है?
    👉 चालक से होकर विद्युत प्रवाहित होती है, जबकि कुचालक से नहीं।
  2. शुद्ध जल विद्युत का प्रवाह क्यों नहीं करता?
    👉 क्योंकि उसमें कोई मुक्त आयन नहीं होते।
  3. विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव क्या हैं?
    👉 धातु का जमना, गैस बनना, रंग बदलना आदि।
  4. इलेक्ट्रोप्लेटिंग क्या है?
    👉 जब किसी वस्तु पर दूसरी धातु की परत विद्युत द्वारा चढ़ाई जाती है।
  5. विद्युत अपघटन से क्या लाभ है?
    👉 इससे धातु शुद्ध करने और वस्तुओं पर परत चढ़ाने में मदद मिलती है।

🔵 दीर्घ प्रश्न (Long Questions):

  1. विद्युत धारा के तीन मुख्य प्रभावों को समझाइए।
    👉
    (i) उष्मीय प्रभाव (Heating Effect) – तार गर्म हो जाता है।
    (ii) चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effect) – चुंबकत्व उत्पन्न होता है।
    (iii) रासायनिक प्रभाव (Chemical Effect) – द्रवों में रासायनिक परिवर्तन होते हैं।
  2. विद्युत अपघटन का प्रयोग कहाँ होता है?
    👉

    • धातु शुद्ध करने में
    • वस्तुओं पर धातु की परत चढ़ाने में
    • औद्योगिक उत्पाद बनाने में
  3. इलेक्ट्रोप्लेटिंग की प्रक्रिया समझाइए।
    👉

    • जिस वस्तु पर परत चढ़ानी है, उसे एक इलेक्ट्रोड से जोड़ते हैं।
    • दूसरी धातु (जैसे तांबा, चांदी) दूसरे इलेक्ट्रोड से जोड़ते हैं।
    • दोनों को धातु के नमक के घोल में डालते हैं।
    • विद्युत प्रवाहित करने पर धातु की परत जम जाती है।

📚 CBSE परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न:

  1. LED के फायदे क्या हैं?
    👉 यह कम ऊर्जा में प्रकाश देती है, जल्दी खराब नहीं होती और बिजली की बचत करती है।
  2. किस प्रकार का पानी बिजली प्रवाहित करता है?
    👉 खारा पानी या अशुद्ध पानी, क्योंकि उसमें आयन होते हैं।
  3. इलेक्ट्रोप्लेटिंग के वास्तविक जीवन में उपयोग लिखिए।
    👉 आभूषण चमकाने, गाड़ियों के पुर्जे चमकदार बनाने, और लोहे को जंग से बचाने में।
  4. कौन से द्रव अच्छे चालक हैं और कौन नहीं?
    👉 अच्छे चालक: नींबू रस, अम्ल, नमक का घोल
    कुचालक: शुद्ध जल, तेल, चीनी का घोल

 

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