🟩 अध्याय का सारांश -राजनीतिक दल
- राजनीतिक दलों की आवश्यकता
लोकतंत्र में राजनीतिक दल जरूरी हैं क्योंकि ये जनता और सरकार के बीच सेतु का काम करते हैं। बिना दलों के लोकतंत्र चलाना कठिन है। - राजनीतिक दल क्या है?
ऐसा संगठित समूह जो चुनाव लड़कर सत्ता प्राप्त करना चाहता है और नीतियाँ बनाता है ताकि समाज का विकास हो सके। - राजनीतिक दलों के कार्य
- चुनाव लड़ना
- नीतियाँ बनाना
- सरकार बनाना
- विपक्ष की भूमिका निभाना
- जनमत बनाना
- लोगों की समस्याएँ सरकार तक पहुँचाना
- राजनीतिक दलों की आवश्यकता क्यों है?
बिना दलों के चुनाव असंगठित हो जाएंगे, सरकार स्थिर नहीं रहेगी और नीतियों की दिशा तय नहीं हो पाएगी। - दलीय व्यवस्था के प्रकार
- एकदलीय व्यवस्था: एक ही दल शासन करता है (जैसे – चीन)
- द्विदलीय व्यवस्था: दो प्रमुख दल सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं (जैसे – अमेरिका, ब्रिटेन)
- बहुदलीय व्यवस्था: कई दल चुनाव लड़ते हैं और गठबंधन बनाते हैं (जैसे – भारत)
- भारत के प्रमुख राष्ट्रीय दल (2023 तक)
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)
- भारतीय जनता पार्टी (BJP)
- बहुजन समाज पार्टी (BSP)
- आम आदमी पार्टी (AAP)
- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M)
- नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP)
- क्षेत्रीय दल
ऐसे दल जो किसी विशेष राज्य या क्षेत्र में सक्रिय हैं, जैसे DMK, BJD, TRS आदि। - राजनीतिक दलों के सामने चुनौतियाँ
- पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की कमी
- वंशवाद
- धन और अपराध का प्रभाव
- नीतियों में विकल्पों की कमी
- दल सुधार के उपाय
- दल-बदल कानून (Anti-Defection Law)
- उम्मीदवारों की सम्पत्ति और अपराध की जानकारी अनिवार्य
- चुनाव आयोग द्वारा पारदर्शिता के नियम
- महिलाओं को एक-तिहाई टिकट
- सरकारी सहायता से चुनाव खर्च
🟦 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important CBSE Q&A)
✳️ लघु उत्तरीय प्रश्न (2 Marks)
- राजनीतिक दल क्या है?
👉 ऐसा समूह जो चुनाव लड़कर सत्ता प्राप्त करना और शासन चलाना चाहता है। - राजनीतिक दलों की आवश्यकता क्यों है?
👉 क्योंकि ये जनता और सरकार के बीच सेतु का काम करते हैं और नीति निर्माण में भूमिका निभाते हैं। - भारत में कौन-सी दलीय व्यवस्था है?
👉 भारत में बहुदलीय व्यवस्था है। - द्विदलीय व्यवस्था का उदाहरण दीजिए।
👉 अमेरिका और ब्रिटेन। - एकदलीय व्यवस्था क्यों लोकतांत्रिक नहीं मानी जाती?
👉 क्योंकि उसमें चुनाव में कोई वास्तविक प्रतिस्पर्धा नहीं होती।
✳️ मध्यम उत्तरीय प्रश्न (3-4 Marks)
- राजनीतिक दलों के मुख्य कार्य बताइए।
👉- चुनाव लड़ना
- सरकार बनाना
- नीतियाँ तैयार करना
- विपक्ष की भूमिका निभाना
- जनमत बनाना
- राजनीतिक दलों की चार प्रमुख चुनौतियाँ बताइए।
👉- आंतरिक लोकतंत्र की कमी
- वंशवाद
- धन और अपराध का प्रभाव
- नीतियों में समानता (कोई वास्तविक विकल्प नहीं)
- राजनीतिक दलों में सुधार के उपाय बताइए।
👉- दल-बदल कानून
- उम्मीदवारों की संपत्ति की जानकारी
- आंतरिक चुनाव
- महिलाओं को टिकट
- सरकारी चुनाव फंडिंग
- भारत के छह राष्ट्रीय दलों के नाम लिखिए।
👉- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)
- भारतीय जनता पार्टी (BJP)
- बहुजन समाज पार्टी (BSP)
- आम आदमी पार्टी (AAP)
- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M)
- नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP)
✳️ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 Marks)
- लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
👉
लोकतंत्र में दल सरकार और जनता के बीच पुल का काम करते हैं।
वे चुनाव लड़ते हैं, नीतियाँ बनाते हैं, सरकार चलाते हैं, विपक्ष की भूमिका निभाते हैं और जनमत तैयार करते हैं।
उनके बिना लोकतंत्र अस्थिर और दिशाहीन हो जाएगा। - राजनीतिक दलों के सामने कौन-कौन सी चुनौतियाँ हैं और उनका समाधान बताइए।
👉
चुनौतियाँ:- आंतरिक लोकतंत्र की कमी
- वंशवाद
- धन और अपराध का प्रभाव
- नीतियों में समानता
समाधान:
- पारदर्शिता लाना
- महिलाओं को अधिक भागीदारी
- सरकार द्वारा चुनाव खर्च वहन
- ईमानदार नेताओं को प्रोत्साहन
- भारत में दलीय व्यवस्थाओं के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
👉- एकदलीय प्रणाली – एक दल ही शासन करता है (चीन)
- द्विदलीय प्रणाली – दो दलों में सत्ता का परिवर्तन होता है (अमेरिका, ब्रिटेन)
- बहुदलीय प्रणाली – कई दल चुनाव लड़ते हैं (भारत)
🟩 अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Extra Important Q&A)
✳️ लघु उत्तरीय प्रश्न (2 Marks)
- राजनीतिक दलों के तीन मुख्य घटक कौन-से हैं?
👉 (i) नेता, (ii) सक्रिय सदस्य, (iii) अनुयायी या समर्थक। - भारत में “मान्यता प्राप्त दल” से क्या तात्पर्य है?
👉 वह दल जिसे चुनाव आयोग द्वारा विशेष अधिकार मिले हों, जैसे – स्थायी चुनाव चिन्ह और राष्ट्रीय या राज्यीय दर्जा। - दल-बदल कानून क्यों बनाया गया?
👉 सांसदों और विधायकों को पैसे या पद के लालच में पार्टी बदलने से रोकने के लिए। - विपक्षी दल की भूमिका क्या होती है?
👉 सरकार की नीतियों की आलोचना करना और जनता के मुद्दे उठाना। - राजनीतिक दल जनता से कैसे जुड़े रहते हैं?
👉 रैलियों, आंदोलनों, प्रचार, जनसम्पर्क और मीडिया के माध्यम से। - एकदलीय प्रणाली का एक लाभ और एक हानि बताइए।
👉 लाभ – निर्णय लेने में स्थिरता;
हानि – लोकतांत्रिक विकल्पों का अभाव। - बहुदलीय व्यवस्था का एक लाभ बताइए।
👉 समाज के विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व मिलता है।
✳️ मध्यम उत्तरीय प्रश्न (3–4 Marks)
- राजनीतिक दलों के बिना लोकतंत्र क्यों अधूरा है?
👉 दल चुनावों को संगठित करते हैं, नीतियाँ बनाते हैं, सरकार बनाते हैं और विपक्ष के रूप में जनमत तैयार करते हैं। इनके बिना शासन अव्यवस्थित और अस्थिर हो जाएगा। - भारत में राजनीतिक दलों के प्रकार बताइए।
👉- राष्ट्रीय दल – पूरे देश में कार्यरत, जैसे कांग्रेस, भाजपा, आप, बसपा, सीपीएम, एनपीपी।
- राज्यीय या क्षेत्रीय दल – किसी विशेष राज्य में सक्रिय, जैसे टीएमसी, बीजद, डीएमके, टीआरएस।
- राजनीतिक दलों में पारदर्शिता कैसे लाई जा सकती है?
👉- सभी दलों के नियमित आंतरिक चुनाव हों।
- दलों की आय-व्यय की जानकारी सार्वजनिक हो।
- उम्मीदवार अपनी संपत्ति और आपराधिक मामलों की जानकारी दें।
- वंशवाद लोकतंत्र के लिए खतरा क्यों है?
👉 क्योंकि इससे योग्य लोगों को अवसर नहीं मिलता और शक्ति कुछ परिवारों में सीमित रह जाती है। - राजनीतिक दलों में महिलाओं की भागीदारी कैसे बढ़ाई जा सकती है?
👉- दल टिकट वितरण में कम-से-कम 33% सीटें महिलाओं को दें।
- पार्टी के प्रमुख पदों पर भी महिलाओं को नियुक्त करें।
✳️ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5–6 Marks)
- राजनीतिक दलों के मुख्य कार्यों का वर्णन कीजिए।
👉
1️⃣ चुनाव लड़ना और उम्मीदवार चयन करना।
2️⃣ जनता से संपर्क बनाना और नीतियाँ बनाना।
3️⃣ सरकार बनाना और चलाना।
4️⃣ विपक्ष के रूप में कार्य करना।
5️⃣ जनमत तैयार करना।
6️⃣ समाज की समस्याओं को उठाना। - राजनीतिक दलों की चार प्रमुख चुनौतियाँ समझाइए।
👉
1️⃣ आंतरिक लोकतंत्र की कमी – निर्णय कुछ नेताओं तक सीमित।
2️⃣ वंशवाद – परिवार आधारित राजनीति।
3️⃣ धन और अपराध का प्रभाव – चुनाव खर्च और भ्रष्टाचार।
4️⃣ नीति विकल्पों की कमी – सभी दल समान नीतियाँ अपनाते हैं। - राजनीतिक दलों में सुधार लाने के उपाय बताइए।
👉- दलों के आंतरिक चुनाव अनिवार्य हों।
- उम्मीदवार की संपत्ति और मामलों की जानकारी सार्वजनिक हो।
- चुनाव आयोग द्वारा सख्त निगरानी।
- महिलाओं के लिए आरक्षण।
- सरकारी चुनाव फंडिंग।
- जनदबाव और मीडिया की सक्रिय भूमिका।
- भारत की बहुदलीय व्यवस्था के लाभ और हानि बताइए।
👉
लाभ:- विविधता का प्रतिनिधित्व।
- जनमत का बेहतर प्रतिबिंब।
- गठबंधन से सामंजस्य की राजनीति।
हानि:
- राजनीतिक अस्थिरता।
- नीतियों का असमंजस।
- गठबंधन टूटने से सरकार गिरना।
🟦 संभावित 2025 परीक्षा प्रश्न (Expected Board Questions)
- लोकतंत्र में राजनीतिक दल क्यों आवश्यक हैं?
- भारत के छह राष्ट्रीय दलों के नाम लिखिए।
- राजनीतिक दलों के सामने चार चुनौतियाँ बताइए।
- वंशवाद लोकतंत्र के लिए हानिकारक कैसे है?
- दल-बदल कानून की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- राजनीतिक दलों में सुधार के कोई तीन उपाय लिखिए।
- क्षेत्रीय दल लोकतंत्र को कैसे मज़बूत बनाते हैं?
- भारत में बहुदलीय प्रणाली के लाभ बताइए।