भारत में राष्ट्रीय आंदोलन

भारत में राष्ट्रीय आंदोलन (Indian Nationalism in India) 


🟩 अध्याय सारांश 

  1. प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918)
    • युद्ध के दौरान भारत पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा।
    • कर बढ़ाए गए, महँगाई बढ़ी, लोगों में असंतोष फैला।
  2. महात्मा गांधी का आगमन (1915)
    • दक्षिण अफ्रीका से लौटकर गांधीजी ने सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धांतों पर आंदोलन शुरू किया।
    • उन्होंने चंपारण (1917), खेड़ा (1918) और अहमदाबाद में सफल सत्याग्रह किए।
  3. रॉलेट एक्ट (1919)
    • इस कानून से ब्रिटिश सरकार को बिना मुकदमे के गिरफ्तारी का अधिकार मिला।
    • गांधीजी ने इसके विरोध में सत्याग्रह आंदोलन चलाया।
  4. जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919)
    • जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर गोली चलवाई; सैकड़ों लोग मारे गए।
    • पूरे देश में आक्रोश फैल गया।
  5. असहयोग आंदोलन (1920–22)
    • गांधीजी ने विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार, सरकारी नौकरियाँ छोड़ने, और स्वदेशी वस्त्र अपनाने का आग्रह किया।
    • यह आंदोलन किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों तक फैल गया।
    • चौरी-चौरा कांड (1922) में हिंसा के बाद गांधीजी ने आंदोलन वापस ले लिया।
  6. सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–34)
    • 1930 में गांधीजी ने नमक सत्याग्रह शुरू किया — दांडी यात्रा की।
    • इसमें नमक कानून का उल्लंघन किया गया।
    • ब्रिटिश सरकार ने दमनात्मक कार्रवाई की परंतु यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर फैल गया।
  7. गोलमेज सम्मेलन (1930–32)
    • भारतीय नेताओं को संविधान निर्माण पर चर्चा के लिए बुलाया गया।
    • गांधीजी ने दूसरे गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा लिया पर कोई परिणाम नहीं निकला।
  8. निष्कर्ष:
    • इन आंदोलनों ने भारत में राष्ट्रीय चेतना और एकता को मजबूत किया।
    • ब्रिटिश शासन की नींव हिल गई और स्वतंत्रता की दिशा स्पष्ट हुई।

🟨 महत्वपूर्ण नोट्स (Important Points)

  • गांधीजी के तीन प्रमुख हथियार: सत्य, अहिंसा, और सत्याग्रह।
  • रॉलेट एक्ट (1919): बिना मुकदमे के गिरफ्तारी।
  • जलियांवाला बाग (1919): जनरल डायर की क्रूरता।
  • असहयोग आंदोलन (1920–22): विदेशी वस्त्र बहिष्कार, सरकारी स्कूलों/नौकरियों से इस्तीफा।
  • चौरी-चौरा कांड (1922): हिंसा से आंदोलन स्थगित।
  • नमक सत्याग्रह (1930): दांडी यात्रा — नमक कानून का उल्लंघन।
  • गोलमेज सम्मेलन: ब्रिटिश द्वारा भारतीय प्रतिनिधियों से संविधान पर चर्चा।
  • 1934: सविनय अवज्ञा आंदोलन समाप्त।

🟩 CBSE परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

🔹 बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)

  1. रॉलेट एक्ट किस वर्ष लागू हुआ?
    👉 1919
  2. जलियांवाला बाग हत्याकांड कहाँ हुआ था?
    👉 अमृतसर
  3. चौरी-चौरा घटना कब हुई थी?
    👉 1922
  4. दांडी यात्रा कब प्रारंभ हुई?
    👉 12 मार्च 1930
  5. असहयोग आंदोलन के नेता कौन थे?
    👉 महात्मा गांधी

🔸 लघु उत्तरीय प्रश्न (3–4 अंक)

  1. रॉलेट एक्ट क्या था?
    👉 यह 1919 में ब्रिटिश सरकार द्वारा बनाया गया कानून था, जिसमें किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के जेल भेजा जा सकता था। इससे पूरे भारत में आक्रोश फैल गया।
  2. जलियांवाला बाग कांड का प्रभाव क्या हुआ?
    👉 इस घटना से भारतीय जनता में गुस्सा और राष्ट्रीय एकता की भावना जागी। गांधीजी ने ब्रिटिश सरकार से सहयोग समाप्त कर दिया।
  3. असहयोग आंदोलन क्यों रोका गया?
    👉 चौरी-चौरा कांड में हिंसा होने के कारण गांधीजी ने अहिंसा के सिद्धांत की रक्षा के लिए आंदोलन वापस ले लिया।
  4. नमक सत्याग्रह का महत्व क्या था?
    👉 इसने पूरे देश में अंग्रेजी कानूनों के प्रति असहयोग का भाव जगाया और यह आंदोलन जन-आंदोलन बन गया।

🔹 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5–6 अंक)

  1. महात्मा गांधी के नेतृत्व में चलाए गए आंदोलनों का वर्णन कीजिए।
    👉 गांधीजी ने भारत लौटने के बाद तीन प्रमुख आंदोलनों का नेतृत्व किया —

    • सत्याग्रह आंदोलन (1919) – रॉलेट एक्ट के विरोध में।
    • असहयोग आंदोलन (1920–22) – विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार।
    • सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–34) – नमक सत्याग्रह से आरंभ।
      इन आंदोलनों ने भारतीयों में देशभक्ति की भावना को मजबूत किया और अंग्रेजों की नींव हिला दी।
  2. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महात्मा गांधी की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
    👉 गांधीजी ने संघर्ष को अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों पर आधारित किया। उन्होंने किसानों, मजदूरों, स्त्रियों और विद्यार्थियों तक स्वतंत्रता आंदोलन को पहुँचाया। वे भारत के “राष्ट्रपिता” कहलाए क्योंकि उन्होंने आज़ादी की दिशा में जन-आंदोलन खड़ा किया।

बिलकुल 👍 नीचे अध्याय “भारत में राष्ट्रीय आंदोलन” (Indian Nationalism in India) से जुड़े और भी महत्वपूर्ण CBSE बोर्ड के प्रश्न–उत्तर (Short, Medium, Long) दिए जा रहे हैं — जो पिछले वर्षों के पेपरों और संभावित 2025 परीक्षा प्रश्नों पर आधारित हैं।


🟩 अतिरिक्त महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्न (2–3 अंक वाले)

1️⃣ गांधीजी ने “असहयोग आंदोलन” क्यों प्रारंभ किया?

👉 क्योंकि रॉलेट एक्ट और जलियांवाला बाग जैसी घटनाओं से ब्रिटिश सरकार का असली चेहरा सामने आ गया था। गांधीजी ने निर्णय लिया कि अब अंग्रेजी शासन से किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं किया जाएगा।


2️⃣ “सविनय अवज्ञा आंदोलन” का क्या अर्थ है?

👉 इसका अर्थ है — सरकार के अन्यायपूर्ण कानूनों की अवज्ञा करना, परंतु अहिंसा के मार्ग से।
इस आंदोलन की शुरुआत गांधीजी ने दांडी यात्रा द्वारा नमक कानून तोड़कर की थी।


3️⃣ “दांडी यात्रा” का क्या महत्व था?

👉 गांधीजी और उनके 78 साथियों ने साबरमती आश्रम से दांडी तक 240 मील की यात्रा की और नमक बनाया।
👉 इससे अंग्रेजों के कानून के खिलाफ देशव्यापी विरोध शुरू हुआ।
👉 इसने गरीब और अमीर — सभी वर्गों को जोड़ा।


4️⃣ “चौरी-चौरा कांड” क्या था?

👉 1922 में उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस थाने में आग लगा दी और 22 पुलिसकर्मी मारे गए।
👉 गांधीजी ने हिंसा के कारण तुरंत असहयोग आंदोलन समाप्त कर दिया।


5️⃣ रॉलेट एक्ट के विरोध में गांधीजी ने कौन-सा आंदोलन चलाया?

👉 सत्याग्रह आंदोलन (1919) — जो पूरे देश में फैला और अहिंसक विरोध का प्रतीक बना।


6️⃣ गांधीजी के तीन प्रमुख सिद्धांत कौन-से थे?

👉 सत्य, अहिंसा, और आत्मबल (Satyagraha, Ahimsa, Self-confidence)
इन सिद्धांतों ने लाखों भारतीयों को एकजुट किया।


7️⃣ गांधीजी ने “सत्याग्रह” शब्द का क्या अर्थ बताया?

👉 “सत्याग्रह” का अर्थ है — सत्य पर डटे रहना और अन्याय के खिलाफ अहिंसक ढंग से संघर्ष करना।
यह कोई हिंसक विरोध नहीं, बल्कि आत्मबल से किया गया संघर्ष है।


8️⃣ जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद क्या हुआ?

👉 गांधीजी ने कायदे-आजम अली जिन्ना सहित कांग्रेस के सभी नेताओं के साथ ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध असहयोग का प्रस्ताव रखा।
👉 रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपनी “सर” की उपाधि लौटा दी।


🟨 मध्यम उत्तरीय प्रश्न (4–5 अंक वाले)

1️⃣ गांधीजी के नेतृत्व में हुए तीन प्रमुख आंदोलन बताइए और उनका प्रभाव लिखिए।

👉

  1. चंपारण सत्याग्रह (1917) — नील की खेती करने वाले किसानों की जीत।
  2. असहयोग आंदोलन (1920–22) — विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार, शिक्षा और नौकरियाँ छोड़ी गईं।
  3. सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–34) — नमक कानून तोड़ा गया।
    प्रभाव:
  • जन-जन में स्वतंत्रता की भावना फैली।
  • ब्रिटिश शासन की नींव हिल गई।
  • जनता में एकता की भावना जागी।

2️⃣ “नमक सत्याग्रह” कैसे एक राष्ट्रीय आंदोलन बना?

👉 गांधीजी ने दांडी यात्रा के दौरान गांव-गांव सभाएं कीं, लोगों को नमक कानून तोड़ने के लिए प्रेरित किया।
👉 महिलाएं, विद्यार्थी, किसान, मजदूर सभी इसमें शामिल हुए।
👉 यह आंदोलन संपूर्ण भारत में स्वतंत्रता की लहर बन गया।


3️⃣ गोलमेज सम्मेलन क्या था और इसके परिणाम क्या रहे?

👉 ब्रिटिश सरकार ने भारतीय नेताओं को संविधान निर्माण पर चर्चा के लिए 1930–32 के बीच तीन गोलमेज सम्मेलन बुलाए।

  • गांधीजी ने दूसरे सम्मेलन (1931) में भाग लिया।
  • पर कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
    👉 इसके बाद गांधीजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन फिर से आरंभ किया।

4️⃣ गांधीजी ने असहयोग आंदोलन को स्थगित क्यों किया?

👉 क्योंकि चौरी-चौरा में हिंसा हुई थी।
गांधीजी का विश्वास था कि हिंसा से आज़ादी नहीं मिल सकती।
👉 उन्होंने कहा – “अहिंसा हमारे आंदोलन की आत्मा है।”


🟩 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (6 अंक वाले)

1️⃣ गांधीजी द्वारा चलाए गए आंदोलनों का विस्तृत वर्णन कीजिए।

👉
(क) चंपारण सत्याग्रह (1917) – नील की खेती करने वाले किसानों को राहत मिली।
(ख) खेड़ा आंदोलन (1918) – फसल खराब होने पर कर माफी।
(ग) अहमदाबाद मिल आंदोलन – मजदूरों को उचित मजदूरी मिली।
(घ) असहयोग आंदोलन (1920–22) – विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार, स्कूलों और नौकरियों से त्यागपत्र।
(ङ) सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–34) – नमक कानून का उल्लंघन और ब्रिटिश सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध।
(च) भारत छोड़ो आंदोलन (1942) – “अंग्रेज़ो भारत छोड़ो” नारा दिया गया।
👉 गांधीजी ने स्वतंत्रता संघर्ष को जन-आंदोलन बना दिया।


2️⃣ गांधीजी के आंदोलनों ने भारतीय समाज पर क्या प्रभाव डाला?

👉

  • राष्ट्रीय एकता की भावना बढ़ी।
  • किसानों, मजदूरों और स्त्रियों की भागीदारी बढ़ी।
  • अंग्रेजों के प्रति भय समाप्त हुआ।
  • अहिंसा और सत्य की शिक्षा फैली।
  • “स्वराज्य” की मांग जन-जन की आवाज़ बन गई।

3️⃣ भारत के राष्ट्रीय आंदोलन में किसानों की भूमिका पर प्रकाश डालिए।

👉

  • चंपारण और खेड़ा में किसानों ने गांधीजी का साथ दिया।
  • कर माफी और न्याय की मांग की।
  • असहयोग व सविनय अवज्ञा आंदोलन में ग्रामीणों की भागीदारी से आंदोलन मज़बूत हुआ।
  • किसानों ने “अंग्रेज़ी माल का बहिष्कार” किया और “स्वदेशी” अपनाया।

4️⃣ राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाओं की भूमिका क्या रही?

👉

  • सरोजिनी नायडू, कस्तूरबा गांधी, कमला नेहरू, अनी बेन पटेल जैसी महिलाएँ आंदोलन में सक्रिय रहीं।
  • नमक सत्याग्रह में महिलाओं ने नमक बनाया और गिरफ्तार हुईं।
  • महिलाओं ने पहली बार राजनीति में भागीदारी की, जिससे समाज में समानता का मार्ग खुला।

🟩 अतिरिक्त CBSE संभावित प्रश्न (2025 के लिए)

  1. गांधीजी के अनुसार “सत्याग्रह” का वास्तविक उद्देश्य क्या था?
  2. 1930 के नमक सत्याग्रह की तैयारी गांधीजी ने कैसे की?
  3. असहयोग आंदोलन में विद्यार्थियों की क्या भूमिका थी?
  4. सविनय अवज्ञा आंदोलन की प्रमुख माँगें क्या थीं?
  5. गोलमेज सम्मेलन असफल क्यों रहा?
  6. गांधीजी के “स्वराज्य” की परिभाषा क्या थी?
  7. राष्ट्रीय आंदोलन में प्रेस (अख़बारों) की क्या भूमिका रही?
  8. गांधीजी के सत्याग्रह आंदोलन में जनता की भागीदारी क्यों विशेष थी?

 

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