कानून और सामाजिक न्याय

📘 अध्याय 8 — “कानून और सामाजिक न्याय” 


🧾 अध्याय का सारांश 

इस अध्याय में बताया गया है कि समाज में न्याय और समानता बनाए रखने के लिए कानून (Law) की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कई बार मजदूरों, किसानों, और गरीब लोगों के साथ शोषण (exploitation) होता है — जैसे कि कम मजदूरी, असुरक्षित काम की स्थिति, या बच्चों से काम करवाना।
इन्हीं समस्याओं को रोकने के लिए सरकार ने विभिन्न कानून (laws) बनाए हैं, जिन्हें “सामाजिक न्याय के कानून” कहा जाता है।

🔹 मुख्य बिंदु:

  1. मजदूरों के अधिकार (Workers’ Rights):
    • सरकार ने “न्यूनतम वेतन कानून (Minimum Wages Act)” बनाया है, ताकि मजदूरों को तय से कम वेतन न दिया जाए।
    • मजदूरों को सुरक्षित काम की जगह, स्वास्थ्य की सुविधाएँ और उचित कार्य समय का अधिकार है।
  2. बच्चों के अधिकार (Child Rights):
    • बाल श्रम निषेध अधिनियम (Child Labour Act) के अनुसार 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना अपराध है।
    • इस कानून का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित बचपन देना है।
  3. पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection):
    • उद्योगों और कारखानों से निकलने वाले धुएँ और गंदे पानी से प्रदूषण होता है।
    • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (Environment Protection Act, 1986) बनाया गया ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
    • भोपाल गैस त्रासदी (1984) इसका एक बड़ा उदाहरण है।
  4. भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal Gas Tragedy):
    • यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से गैस रिसाव हुआ जिसमें हजारों लोग मारे गए और लाखों बीमार हुए।
    • यह घटना बताती है कि जब कंपनियाँ लापरवाही करती हैं तो उसके लिए कड़े कानून जरूरी हैं।
    • इस घटना के बाद भारत में औद्योगिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण कानून को और मजबूत किया गया।
  5. सरकार की जिम्मेदारी (Government’s Responsibility):
    • सरकार की जिम्मेदारी है कि वह बनाए गए कानूनों को ठीक से लागू करे।
    • अदालतें (Courts) भी यह सुनिश्चित करती हैं कि नागरिकों को न्याय मिले।

🧠 महत्वपूर्ण शब्द (Important Terms):

शब्दअर्थ
मज़दूरकाम करने वाला व्यक्ति
न्यूनतम वेतनसरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम मजदूरी
शोषणकिसी का गलत फायदा उठाना
पर्यावरणहमारे चारों ओर की प्रकृति – हवा, पानी, मिट्टी आदि
सामाजिक न्यायसबको समान अवसर और अधिकार मिलना

✍️ प्रश्न और उत्तर (CBSE Important Question Answers)

🔹 संक्षिप्त प्रश्न (Short Questions):

  1. प्रश्न: न्यूनतम वेतन कानून क्यों बनाया गया?
    उत्तर: यह कानून इसलिए बनाया गया ताकि मजदूरों को उनके काम के अनुसार उचित वेतन मिले और मालिक उनका शोषण न कर सकें।
  2. प्रश्न: बाल श्रम निषेध अधिनियम क्या है?
    उत्तर: यह कानून 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी काम या कारखाने में काम करवाने को अपराध मानता है।
  3. प्रश्न: भोपाल गैस त्रासदी क्या थी?
    उत्तर: 1984 में भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से जहरीली गैस रिस गई जिससे हजारों लोग मारे गए और लाखों बीमार हो गए।
  4. प्रश्न: पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 क्यों लाया गया?
    उत्तर: भोपाल गैस त्रासदी के बाद पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा के लिए यह कानून बनाया गया।
  5. प्रश्न: कानूनों को लागू करने की जिम्मेदारी किसकी होती है?
    उत्तर: कानूनों को लागू करने की जिम्मेदारी सरकार की होती है।

🔹 दीर्घ प्रश्न (Long Questions):

  1. प्रश्न: कानून और सामाजिक न्याय के बीच क्या संबंध है?
    उत्तर: कानून समाज में न्याय और समानता बनाए रखने का माध्यम है। यह गरीब, मजदूर, महिला और बच्चों जैसे कमजोर वर्गों को शोषण से बचाता है। जब कानून सही ढंग से लागू होता है, तब ही समाज में न्याय संभव होता है।
  2. प्रश्न: भोपाल गैस त्रासदी से हमें क्या सीख मिलती है?
    उत्तर: इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि उद्योगों में सुरक्षा के नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। सरकार को सख्ती से निगरानी करनी चाहिए और ऐसे कानून लागू करने चाहिए जिससे नागरिकों का जीवन सुरक्षित रहे।
  3. प्रश्न: पर्यावरण की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए?
    उत्तर:

    • उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाए जाएँ।
    • पेड़-पौधों की कटाई रोकी जाए।
    • प्लास्टिक और रासायनिक कचरे का सही निपटान किया जाए।
    • सरकार को पर्यावरणीय कानूनों को सख्ती से लागू करना चाहिए।

📚 निष्कर्ष (Conclusion):

कानून केवल किताबों में नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें सही ढंग से लागू (implemented) किया जाना चाहिए।
जब सरकार, कंपनियाँ और नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझते हैं, तभी “सामाजिक न्याय” और “समानता” स्थापित होती है।

 


📝 अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Extra Important CBSE Questions & Answers)

1. प्रश्न: मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार ने कौन-कौन से कदम उठाए हैं?

उत्तर:
सरकार ने मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए निम्न कदम उठाए हैं —

  • न्यूनतम वेतन कानून (Minimum Wages Act)
  • कारखाना अधिनियम (Factory Act)
  • बाल श्रम निषेध अधिनियम (Child Labour Prohibition Act)
  • कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य नियम

2. प्रश्न: ‘सामाजिक न्याय’ से क्या तात्पर्य है?

उत्तर:
सामाजिक न्याय का अर्थ है — समाज के सभी वर्गों को समान अवसर, समान अधिकार और समान सुरक्षा देना, ताकि कोई भी व्यक्ति या वर्ग शोषण का शिकार न हो।


3. प्रश्न: भोपाल गैस त्रासदी के लिए कौन जिम्मेदार था?

उत्तर:
भोपाल गैस त्रासदी के लिए यूनियन कार्बाइड कंपनी (Union Carbide Corporation) जिम्मेदार थी, जिसने सुरक्षा के उचित प्रबंध नहीं किए थे।


4. प्रश्न: पर्यावरण संरक्षण कानून की आवश्यकता क्यों पड़ी?

उत्तर:
औद्योगिक प्रदूषण, रासायनिक कचरे और भोपाल गैस त्रासदी जैसी घटनाओं से पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ। इसलिए 1986 में पर्यावरण संरक्षण कानून बनाया गया ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।


5. प्रश्न: बाल श्रम को अपराध क्यों माना गया है?

उत्तर:
क्योंकि यह बच्चों से उनका बचपन, शिक्षा और स्वास्थ्य छीन लेता है। बच्चे देश का भविष्य हैं, उन्हें शिक्षा और सुरक्षित जीवन का अधिकार है।


6. प्रश्न: कानून बनाना ही पर्याप्त क्यों नहीं है?

उत्तर:
कानून बनाना पहला कदम है, लेकिन जब तक उसे ठीक से लागू (implement) नहीं किया जाएगा, तब तक लोगों को न्याय नहीं मिलेगा। इसलिए उसका पालन करवाना भी जरूरी है।


7. प्रश्न: सरकार कानून कैसे लागू करती है?

उत्तर:
सरकार अपने विभिन्न विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से कानूनों को लागू करती है, और नियम तोड़ने वालों पर दंड लगाती है।


8. प्रश्न: न्यायालयों (Courts) की क्या भूमिका होती है?

उत्तर:
न्यायालय नागरिकों को न्याय दिलाते हैं, सरकार और कंपनियों को कानून का पालन करवाते हैं, तथा किसी अन्याय या शोषण के खिलाफ कार्रवाई करते हैं।


9. प्रश्न: भोपाल गैस त्रासदी से पीड़ित लोगों को क्या नुकसान हुआ?

उत्तर:

  • हज़ारों लोगों की मृत्यु हुई।
  • लाखों लोग स्थायी बीमारियों से ग्रसित हो गए।
  • बच्चों और महिलाओं की स्थिति अत्यंत खराब हुई।
  • कई परिवारों की आजीविका समाप्त हो गई।

10. प्रश्न: नागरिक पर्यावरण की रक्षा में क्या भूमिका निभा सकते हैं?

उत्तर:

  • पेड़ लगाना और कचरा सही ढंग से फेंकना।
  • प्लास्टिक और जहरीले पदार्थों का प्रयोग कम करना।
  • प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की शिकायत करना।
  • पर्यावरण जागरूकता फैलाना।

🌿 अंतिम सार (Quick Revision):

विषयमुख्य बिंदु
न्यूनतम वेतनमजदूरों को तय से कम मजदूरी देना अपराध
बाल श्रम कानून14 वर्ष से कम आयु के बच्चे से काम कराना अपराध
भोपाल गैस त्रासदी1984, यूनियन कार्बाइड, सबसे बड़ी औद्योगिक दुर्घटना
पर्यावरण कानून1986 में पर्यावरण की रक्षा के लिए बना
सामाजिक न्यायसमानता, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा

 

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