अध्याय 7: भारत की सांस्कृतिक जड़ें

अध्याय 7: भारत की सांस्कृतिक जड़ें (India’s Cultural Roots)

यह अध्याय हमें प्राचीन भारत की समृद्ध संस्कृति, साहित्य और विचारों के बारे में बताता है। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • 1. वेद (The Vedas):
    भारत के सबसे पुराने साहित्य को ‘वेद’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है ‘ज्ञान’। चार वेद हैं: ऋग्वेद (सबसे पुराना), सामवेद, यजुर्वेद, और अथर्ववेद।
  • 2. उपनिषद (Upanishads):
    वेदों के अंतिम भाग को उपनिषद कहते हैं। इसमें ‘आत्मा’ और ‘परमात्मा’ की चर्चा है। हमारा आदर्श वाक्य “सत्यमेव जयते” मुंडक उपनिषद से लिया गया है।
  • 3. महाकाव्य (The Epics):
    दो प्रमुख महाकाव्य हैं:
    रामायण: महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित (राम के जीवन की कहानी)।
    महाभारत: महर्षि वेद व्यास द्वारा रचित (कौरवों और पांडवों का युद्ध)। श्रीमद्भगवद्गीता इसी का हिस्सा है।
  • 4. पुराण (Puranas):
    इसमें प्राचीन कहानियाँ हैं जो आम लोगों को धर्म और नैतिकता सिखाती हैं।
  • 5. संगम साहित्य (Sangam Literature):
    यह दक्षिण भारत का प्राचीन साहित्य है जो तमिल भाषा में लिखा गया है।
  • 6. सांस्कृतिक मूल्य:
    अध्याय में “वसुधैव कुटुम्बकम” (पूरी धरती एक परिवार है) और अहिंसा पर जोर दिया गया है।

प्रश्न और उत्तर (Questions & Answers)

प्रश्न 1: ‘वेद’ शब्द का क्या अर्थ है? चारों वेदों के नाम लिखिए।
उत्तर: ‘वेद’ शब्द का अर्थ है ‘ज्ञान’ (Knowledge)।
चार वेद निम्नलिखित हैं: ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, और अथर्ववेद।
प्रश्न 2: भारत के दो प्रमुख महाकाव्यों के नाम और उनके रचयिताओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
1. रामायण: रचयिता – महर्षि वाल्मीकि
2. महाभारत: रचयिता – महर्षि वेद व्यास
प्रश्न 3: “सत्यमेव जयते” का क्या अर्थ है और यह कहाँ से लिया गया है?
उत्तर: “सत्यमेव जयते” का अर्थ है “सत्य की ही जीत होती है”। यह भारत के प्राचीन ग्रंथ ‘मुंडक उपनिषद’ से लिया गया है।
प्रश्न 4: संगम साहित्य किस भाषा में लिखा गया है?
उत्तर: संगम साहित्य तमिल (Tamil) भाषा में लिखा गया है।
प्रश्न 5: “वसुधैव कुटुम्बकम” का क्या अर्थ है?
उत्तर: “वसुधैव कुटुम्बकम” का अर्थ है “पूरी धरती ही एक परिवार है”। यह भारतीय संस्कृति का प्रमुख विचार है।
प्रश्न 6: पंचतंत्र की कहानियों का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: पंचतंत्र की कहानियों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बुद्धिमानी और व्यवहारिक ज्ञान (Practical wisdom) सिखाना था। इसके रचयिता विष्णु शर्मा थे।
💡 सुझाव (Tip): परीक्षा के लिए वेदों के नाम और “सत्यमेव जयते” किस उपनिषद से लिया गया है, यह जरूर याद करें।

 

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