अध्याय 5: जीवन की मौलिक इकाई (The Fundamental Unit of Life)
यहाँ कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 5 के सरल हिंदी नोट्स, सारांश और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं। यह सामग्री आपकी NCERT पाठ्यपुस्तक पर आधारित है।
अध्याय सारांश (Chapter Summary)
1. कोशिका की खोज और इतिहास
- रॉबर्ट हुक (1665): इन्होंने सबसे पहले कॉर्क की पतली काट में कोशिकाओं को देखा और उन्हें ‘कोशिका’ (Cell) नाम दिया, जिसका अर्थ है ‘छोटा कमरा’।
- ल्युवेनहॉक (1674): इन्होंने सबसे पहले उन्नत सूक्ष्मदर्शी से तालाब के जल में जीवित कोशिकाओं का पता लगाया।
- रॉबर्ट ब्राउन (1831): इन्होंने कोशिका में केंद्रक (Nucleus) की खोज की।
- पुरकिंजे (1839): इन्होंने कोशिका के तरल पदार्थ को ‘जीवद्रव्य’ (Protoplasm) नाम दिया।
- कोशिका सिद्धांत: स्लाइडेन और स्वान ने बताया कि सभी पौधे और जंतु कोशिकाओं से बने हैं। विरचो (1855) ने बताया कि सभी नई कोशिकाएँ पूर्ववर्ती कोशिकाओं से बनती हैं।
2. कोशिका की संरचना
प्रत्येक कोशिका के तीन मुख्य भाग होते हैं:
- प्लैज्मा झिल्ली (Plasma Membrane): यह कोशिका की सबसे बाहरी परत है। यह वर्णात्मक पारगम्य (Selectively Permeable) होती है, यानी यह कुछ चुने हुए पदार्थों को ही अंदर-बाहर आने देती है। यह विसरण और परासरण की क्रियाओं को नियंत्रित करती है।
- केंद्रक (Nucleus): यह कोशिका का नियंत्रण केंद्र है। इसमें क्रोमोसोम होते हैं जो DNA और प्रोटीन के बने होते हैं। DNA में आनुवंशिक गुण होते हैं।
- कोशिका द्रव्य (Cytoplasm): यह एक तरल पदार्थ है जिसमें विभिन्न कोशिका अंगक तैरते रहते हैं।
3. प्रमुख कोशिका अंगक (Cell Organelles)
- अंतर्द्रव्यी जालिका (ER): यह पदार्थों के परिवहन का कार्य करती है।
- खुरदरी ER (RER): इस पर राइबोसोम होते हैं और यह प्रोटीन बनाती है।
- चिकनी ER (SER): यह वसा (Lipid) बनाती है और विषैले पदार्थों को नष्ट (निराविषीकरण) करती है।
- गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus): यह पदार्थों का संचयन, रूपांतरण और पैकिंग करता है। यह लाइसोसोम भी बनाता है।
- लाइसोसोम (Lysosome): इसे कोशिका की ‘आत्मघाती थैली’ कहते हैं। इसमें शक्तिशाली पाचक एंजाइम होते हैं जो कोशिका के खराब होने पर उसे ही पचा जाते हैं।
- माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria): इसे कोशिका का ‘बिजलीघर’ (Powerhouse) कहते हैं। यह भोजन से ऊर्जा (ATP) बनाता है। इसका अपना DNA और राइबोसोम होता है।
- प्लैस्टिड (Plastids): ये केवल पादप कोशिकाओं में होते हैं।
- क्रोमोप्लास्ट (क्लोरोप्लास्ट): इनमें क्लोरोफिल होता है जो प्रकाश संश्लेषण करता है (रसोईघर)।
- ल्यूकोप्लास्ट: ये स्टार्च, तेल और प्रोटीन का संचय करते हैं।
- रसधानियाँ (Vacuoles): ये ठोस या तरल पदार्थों की संग्राहक थैलियाँ हैं। पादप कोशिकाओं में ये बहुत बड़ी होती हैं और कोशिका को कठोरता प्रदान करती हैं।
4. पादप और जंतु कोशिका में अंतर
| लक्षण | पादप कोशिका (Plant Cell) | जंतु कोशिका (Animal Cell) |
|---|---|---|
| कोशिका भित्ति | उपस्थित (सेल्यूलोज की बनी) | अनुपस्थित |
| प्लैस्टिड | उपस्थित (जैसे क्लोरोप्लास्ट) | अनुपस्थित |
| रसधानी | बहुत बड़ी और केंद्रीय | बहुत छोटी या अनुपस्थित |
| आकार | प्रायः आयताकार और निश्चित | प्रायः गोलाकार और अनियमित |
महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Important Questions for Exams)
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type)
प्रश्न 1. कोशिका का ‘बिजलीघर’ (Powerhouse) किस अंगक को कहते हैं और क्यों?
उत्तर: माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का बिजलीघर कहते हैं। क्योंकि यह जीवन के लिए आवश्यक विभिन्न रासायनिक क्रियाओं के लिए ATP (ऐडिनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में ऊर्जा प्रदान करता है।
प्रश्न 2. लाइसोसोम को ‘आत्मघाती थैली’ क्यों कहते हैं?
उत्तर: जब कोशिका क्षतिग्रस्त या मृत हो जाती है, तो लाइसोसोम फट जाते हैं और इनमें मौजूद शक्तिशाली पाचक एंजाइम अपनी ही कोशिका को पाचित (digest) कर देते हैं। इसलिए इसे आत्मघाती थैली कहते हैं।
प्रश्न 3. प्लैज्मा झिल्ली को ‘वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली’ क्यों कहते हैं?
उत्तर: प्लैज्मा झिल्ली केवल कुछ चुने हुए पदार्थों को ही कोशिका के अंदर या बाहर आने-जाने देती है, जबकि अन्य पदार्थों की गति को रोकती है। इसलिए इसे वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली कहते हैं।
प्रश्न 4. प्रोकैरियोटी और यूकैरियोटी कोशिका में दो मुख्य अंतर लिखिए।
उत्तर:
- प्रोकैरियोटी: आकार में छोटी होती हैं और इनमें स्पष्ट केंद्रक नहीं होता (केंद्रक झिल्ली अनुपस्थित होती है)। उदाहरण: बैक्टीरिया।
- यूकैरियोटी: आकार में बड़ी होती हैं और इनमें सुस्पष्ट केंद्रक (केंद्रक झिल्ली के साथ) होता है। उदाहरण: पादप और जंतु कोशिका।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type)
प्रश्न 5. परासरण (Osmosis) क्या है? इसके तीन प्रकार (अल्पपरासारी, समपरासारी, अतिपरासारी) को समझाइए।
उत्तर: परासरण: जल के अणुओं की गति जब वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा उच्च जल सांद्रता से निम्न जल सांद्रता की ओर होती है, तो उसे परासरण कहते हैं।
- अल्पपरासरण दाबी विलयन (Hypotonic): यदि बाहरी माध्यम में जल की सांद्रता कोशिका से अधिक है, तो जल कोशिका के अंदर जाएगा और कोशिका फूल जाएगी।
- समपरासारी विलयन (Isotonic): यदि बाहरी माध्यम और कोशिका में जल की सांद्रता समान है, तो जल की कोई शुद्ध गति नहीं होगी। कोशिका का आकार समान रहेगा।
- अतिपरासरण दाबी विलयन (Hypertonic): यदि बाहरी माध्यम में जल की सांद्रता कोशिका से कम (गाढ़ा घोल) है, तो जल कोशिका से बाहर निकल जाएगा और कोशिका सिकुड़ जाएगी।
प्रश्न 6. अमीबा अपना भोजन कैसे प्राप्त करता है?
उत्तर: अमीबा एककोशिकीय जीव है। इसकी कोशिका झिल्ली लचीली होती है, जो इसे अपने बाहरी पर्यावरण से भोजन ग्रहण करने में मदद करती है। इस प्रक्रिया को एन्डोसाइटोसिस (Endocytosis) कहते हैं। अमीबा कूटपाद (Pseudopodia) की मदद से भोजन को घेर लेता है और खाद्य रसधानी में उसे पचाता है।
प्रश्न 7. कोशिका भित्ति का पौधों में क्या महत्व है? यह जंतुओं में क्यों नहीं होती?
उत्तर: पादप कोशिका भित्ति मुख्यतः सेल्यूलोज की बनी होती है। यह पौधों को संरचनात्मक दृढ़ता और कठोरता प्रदान करती है। यह पौधों को परिवर्तनीय माध्यम (जैसे बहुत अधिक पानी या सूखा) में बिना फटे जीवित रहने में मदद करती है। जंतुओं को चलने-फिरने के लिए लचीले शरीर की आवश्यकता होती है, इसलिए उनमें कठोर कोशिका भित्ति नहीं होती।