अध्याय 4: परमाणु की संरचना

अध्याय 4: परमाणु की संरचना – सारांश और नोट्स

1. परमाणु के घटक (Sub-atomic Particles)

परमाणु अविभाज्य नहीं है (जैसा डाल्टन ने कहा था), बल्कि यह तीन छोटे कणों से मिलकर बना है:

  • इलेक्ट्रॉन (Electron, e):
    • खोज: जे. जे. टॉमसन ने की।
    • आवेश: ऋणात्मक (-1)
    • द्रव्यमान: नगण्य (प्रोटॉन का लगभग 1/2000 भाग)
  • प्रोटॉन (Proton, p+):
    • खोज: ई. गोल्डस्टीन ने ‘कैनाल रे’ (Canal Rays) के प्रयोगों द्वारा 1886 में की।
    • आवेश: धनात्मक (+1)
    • द्रव्यमान: 1 इकाई (1 u)
  • न्यूट्रॉन (Neutron, n):
    • खोज: जे. चैडविक ने 1932 में की।
    • आवेश: कोई आवेश नहीं (उदासीन)
    • स्थान: हाइड्रोजन को छोड़कर सभी परमाणुओं के नाभिक में

2. परमाणु के प्रमुख मॉडल (Atomic Models)

A. टॉमसन का मॉडल (तरबूज मॉडल):

परमाणु एक धनावेशित गोला है (तरबूज का लाल भाग) और इलेक्ट्रॉन उसमें बीज की तरह धंसे होते हैं।

कमी: यह रदरफोर्ड के प्रयोगों को नहीं समझा सका।

B. रदरफोर्ड का मॉडल (नाभिकीय मॉडल):

  • प्रयोग: उन्होंने सोने की बहुत पतली पन्नी पर तेज अल्फ़ा कणों (α-particles) की बौछार की।
  • निष्कर्ष:
    1. परमाणु का अधिकतर भाग खाली है (क्योंकि अधिकतर कण सीधे निकल गए)।
    2. केंद्र में बहुत छोटा और भारी धनावेशित भाग होता है जिसे नाभिक (Nucleus) कहते हैं।
    3. इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर वर्तुलाकार मार्ग में चक्कर लगाते हैं।

कमी: गोलाकार मार्ग में घूमता इलेक्ट्रॉन ऊर्जा खोकर नाभिक में गिर जाएगा, जिससे परमाणु अस्थिर हो जाएगा (जो कि सच नहीं है)।

C. नील्स बोर का मॉडल:

रदरफोर्ड की कमियों को दूर किया।

  • इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं (विविक्त कक्षाओं) में ही घूमते हैं और ऊर्जा का विकिरण नहीं करते।
  • इन कक्षाओं को ऊर्जा स्तर (K, L, M, N…) कहा जाता है।

3. इलेक्ट्रॉन वितरण और संयोजकता

बोर-बरी स्कीम (Bohr-Bury Scheme): किसी कक्षा में अधिकतम इलेक्ट्रॉन 2n2 हो सकते हैं।

  • पहली कक्षा (K): 2 × 12 = 2 इलेक्ट्रॉन
  • दूसरी कक्षा (L): 2 × 22 = 8 इलेक्ट्रॉन
  • तीसरी कक्षा (M): 2 × 32 = 18 इलेक्ट्रॉन

सबसे बाहरी कोश में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।

संयोजकता (Valency): अपना अष्टक (8 इलेक्ट्रॉन) पूरा करने के लिए परमाणु जितने इलेक्ट्रॉन लेता, देता या साझा करता है, वह उसकी संयोजकता है।

  • उदाहरण: सोडियम (2, 8, 1) → 1 इलेक्ट्रॉन त्यागेगा → संयोजकता 1
  • उदाहरण: फ्लोरीन (2, 7) → 1 इलेक्ट्रॉन लेगा → संयोजकता 1

4. परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या

  • परमाणु संख्या (Z): नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या (उदा. कार्बन में 6 प्रोटॉन, तो Z=6)
  • द्रव्यमान संख्या (A): प्रोटॉन + न्यूट्रॉन की कुल संख्या (उदा. कार्बन: 6p + 6n = 12u)
  • समस्थानिक (Isotopes): एक ही तत्व के परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या अलग होती है (जैसे: 12C और 14C)
  • समभारिक (Isobars): अलग-अलग तत्व जिनकी द्रव्यमान संख्या समान होती है (जैसे: कैल्शियम और आर्गन दोनों का द्रव्यमान 40u है)

महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Important Questions for CBSE Exams)

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type)

Q1. कैनाल किरणें क्या हैं?
उत्तर: कैनाल किरणें धनावेशित विकिरण (positively charged radiations) हैं। इनकी खोज ई. गोल्डस्टीन ने 1886 में की थी, जिससे प्रोटॉन की खोज संभव हुई।

Q2. यदि K और L कोश भरे हुए हैं, तो उस परमाणु में कुल कितने इलेक्ट्रॉन होंगे?
उत्तर:
K कोश की क्षमता = 2 इलेक्ट्रॉन
L कोश की क्षमता = 8 इलेक्ट्रॉन
कुल इलेक्ट्रॉन = 2 + 8 = 10 इलेक्ट्रॉन

Q3. परमाणु उदासीन क्यों होता है?
उत्तर: परमाणु में धन आवेशित कणों (प्रोटॉन) और ऋण आवेशित कणों (इलेक्ट्रॉन) की संख्या बराबर होती है, जिससे वे एक-दूसरे के आवेश को संतुलित कर देते हैं।

Q4. समस्थानिकों (Isotopes) के तीन उपयोग लिखिए।
उत्तर:

  • यूरेनियम के समस्थानिक का उपयोग परमाणु भट्टी में ईंधन के रूप में होता है।
  • कोबाल्ट के समस्थानिक का उपयोग कैंसर के इलाज में होता है।
  • आयोडीन के समस्थानिक का उपयोग घेघा (Goitre) रोग के इलाज में होता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type)

Q5. रदरफोर्ड के अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग का वर्णन करें और इसके निष्कर्ष बताएं।
उत्तर:
प्रयोग: रदरफोर्ड ने सोने की पतली पन्नी पर तेज गति वाले अल्फा कणों की बौछार की।
परिणाम:

  • अधिकतर कण बिना मुड़े सीधे निकल गए।
  • कुछ कण छोटे कोण से विक्षेपित हुए।
  • प्रत्येक 12000 कणों में से एक कण वापस लौट आया।

निष्कर्ष: उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि परमाणु का केंद्र धनावेशित है (नाभिक), परमाणु का अधिकांश भाग खाली है, और नाभिक का आकार परमाणु की तुलना में बहुत छोटा है।

Q6. बोर के परमाणु मॉडल की मुख्य अवधारणाएँ क्या हैं?
उत्तर:

  • इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगाते हैं जिन्हें ‘विविक्त कक्षा’ कहते हैं।
  • चक्कर लगाते समय इलेक्ट्रॉन अपनी ऊर्जा का विकिरण (loss) नहीं करते, इसलिए परमाणु स्थायी रहता है।
  • इन कक्षाओं को ऊर्जा स्तर (K, L, M, N) कहा जाता है।

Q7. क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान भिन्नात्मक (35.5 u) क्यों है?
उत्तर: क्लोरीन प्रकृति में दो समस्थानिक रूपों में मिलता है: Cl-35 और Cl-37, जो 3:1 के अनुपात में होते हैं।
औसत द्रव्यमान की गणना:

(35 × 75/100) + (37 × 25/100) = 26.25 + 9.25 = 35.5 u

इसलिए क्लोरीन का द्रव्यमान 35.5 u लिया जाता है।

 

 

 

अभ्यास प्रश्न और उनके उत्तर

यहाँ कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 4 “परमाणु की संरचना” के अभ्यास (Exercise) प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। ये उत्तर आपकी NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 51-53) पर आधारित हैं।

1. इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए।

उत्तर:

गुणइलेक्ट्रॉन (e)प्रोटॉन (p+)न्यूट्रॉन (n)
आवेशऋणात्मक (-1)धनात्मक (+1)उदासीन (0)
द्रव्यमाननगण्य (प्रोटॉन का 1/2000 गुना)1 इकाई (1 u)1 इकाई (1 u)
स्थितिनाभिक के बाहर कक्षाओं मेंनाभिक के भीतरनाभिक के भीतर
खोजकर्ताजे.जे. टॉमसनई. गोल्डस्टीनजे. चैडविक

2. जे. जे. टॉमसन के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ हैं?

उत्तर:
टॉमसन के मॉडल की प्रमुख सीमा यह थी कि वह रदरफोर्ड और अन्य वैज्ञानिकों द्वारा किए गए प्रयोगों (जैसे अल्फा कण प्रकीर्णन) के परिणामों को नहीं समझा सका। यह मॉडल यह नहीं बता पाया कि धनावेशित गोले में इलेक्ट्रॉन कैसे धंसे रहकर भी परमाणु को स्थिर रखते हैं।

3. रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ हैं?

उत्तर:
रदरफोर्ड के मॉडल की प्रमुख कमी परमाणु के स्थायित्व को लेकर थी।
सिद्धांत के अनुसार, वर्तुलाकार (गोलाकार) मार्ग में चक्कर लगाता हुआ कोई भी आवेशित कण (इलेक्ट्रॉन) त्वरित होगा और ऊर्जा का विकिरण करेगा।
ऊर्जा खोने के कारण इलेक्ट्रॉन अंततः नाभिक में गिर जाएगा, जिससे परमाणु अस्थिर हो जाएगा। लेकिन हम जानते हैं कि परमाणु स्थायी होते हैं।

4. बोर के परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए।

उत्तर:
नील्स बोर ने रदरफोर्ड की कमियों को दूर करने के लिए निम्नलिखित अवधारणाएँ दीं:

  • इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगाते हैं जिन्हें ‘विविक्त कक्षा’ (Discrete Orbits) कहते हैं।
  • इन कक्षाओं में घूमते समय इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का विकिरण नहीं करते।
  • इन कक्षाओं को ऊर्जा स्तर कहते हैं और इन्हें K, L, M, N अक्षरों या 1, 2, 3, 4 संख्याओं द्वारा दर्शाया जाता है।

5. इस अध्याय में दिए गए सभी परमाणु मॉडलों की तुलना कीजिए।

उत्तर:

  • टॉमसन मॉडल: परमाणु एक धनावेशित गोला है जिसमें इलेक्ट्रॉन तरबूज के बीज की तरह धंसे हैं।
  • रदरफोर्ड मॉडल: परमाणु का केंद्र (नाभिक) धनावेशित है और इलेक्ट्रॉन उसके चारों ओर चक्कर लगाते हैं। परमाणु का अधिकांश भाग खाली है।
  • बोर मॉडल: इलेक्ट्रॉन केवल निश्चित ऊर्जा स्तरों (कक्षाओं) में ही घूमते हैं और ऊर्जा नहीं खोते, जिससे परमाणु स्थिर रहता है।

6. पहले अठारह तत्वों के विभिन्न कक्षों में इलेक्ट्रॉन वितरण के नियम को लिखिए।

उत्तर:
बोर-बरी स्कीम के अनुसार:

  • किसी कक्षा में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या 2n2 होती है (जहाँ n कक्षा संख्या है)।
  • पहला कक्ष (K): 2 × 12 = 2
  • दूसरा कक्ष (L): 2 × 22 = 8
  • तीसरा कक्ष (M): 2 × 32 = 18
  • सबसे बाहरी कोश में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।
  • इलेक्ट्रॉन तब तक अगली कक्षा में नहीं जाते जब तक भीतरी कक्षाएं पूरी नहीं भर जातीं।

7. सिलिकॉन और ऑक्सीजन का उदाहरण लेते हुए संयोजकता की परिभाषा दीजिए।

उत्तर:संयोजकता: परमाणु अपना अष्टक (8 इलेक्ट्रॉन) पूरा करने के लिए जितने इलेक्ट्रॉनों का साझा, त्याग या ग्रहण करता है, वह उसकी संयोजकता है।

  • सिलिकॉन (Si): परमाणु संख्या 14 (विन्यास: 2, 8, 4)। इसके बाहरी कक्ष में 4 इलेक्ट्रॉन हैं। अष्टक पूरा करने के लिए यह 4 इलेक्ट्रॉनों का साझा करता है, अतः संयोजकता = 4 ।
  • ऑक्सीजन (O): परमाणु संख्या 8 (विन्यास: 2, 6)। बाहरी कक्ष में 6 इलेक्ट्रॉन हैं। इसे अष्टक के लिए 2 और इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता है (8 – 6 = 2), अतः संयोजकता = 2 ।

8. उदाहरण के साथ व्याख्या कीजिए- परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक और समभारिक।

उत्तर:

  • परमाणु संख्या (Z): परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या。
    उदाहरण: कार्बन में 6 प्रोटॉन हैं, अतः Z = 6 ।
  • द्रव्यमान संख्या (A): परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या का योग。
    उदाहरण: कार्बन में 6 प्रोटॉन + 6 न्यूट्रॉन = 12 u ।
  • समस्थानिक (Isotopes): एक ही तत्व के परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है。
    उदाहरण: हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक: प्रोटियम (1H), ड्यूटीरियम (2H), ट्राइटियम (3H) ।
  • समभारिक (Isobars): अलग-अलग तत्व जिनकी परमाणु संख्या भिन्न लेकिन द्रव्यमान संख्या समान होती है。
    उदाहरण: कैल्शियम (परमाणु संख्या 20) और आर्गन (परमाणु संख्या 18) दोनों की द्रव्यमान संख्या 40 है।

9. Na+ के पूरी तरह से भरे हुए K व L कोश होते हैं- व्याख्या कीजिए।

उत्तर:
सोडियम (Na) की परमाणु संख्या 11 है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 1 है।
जब सोडियम एक इलेक्ट्रॉन त्याग देता है, तो यह Na+ (सोडियम आयन) बन जाता है।
अब इसमें 10 इलेक्ट्रॉन रह जाते हैं।
नया विन्यास: 2, 8
यहाँ K कोश में 2 (पूर्ण) और L कोश में 8 (पूर्ण) इलेक्ट्रॉन हैं।

10. ब्रोमीन परमाणु का औसत परमाणु द्रव्यमान ज्ञात करें।

उत्तर:
ब्रोमीन के समस्थानिक: 79Br (49.7%) और 81Br (50.3%)
औसत द्रव्यमान =
(79 × 49.7/100) + (81 × 50.3/100)
= 39.263 + 40.743
= 80.006 u

उत्तर: लगभग 80 u.

11. एक तत्व X का परमाणु द्रव्यमान 16.2 u है तो इसके किसी एक नमूने में समस्थानिक 16X और 18X का प्रतिशत क्या होगा?

उत्तर:
माना 16X का प्रतिशत = x
तो 18X का प्रतिशत = (100 – x)
औसत द्रव्यमान का सूत्र:

16.2 = (16 × x)/100 + (18 × (100 – x))/100
1620 = 16x + 1800 – 18x
1620 = 1800 – 2x
2x = 1800 – 1620 = 180
x = 90

अतः 16X का प्रतिशत 90% और 18X का प्रतिशत 10% है।

12. यदि तत्व का Z = 3 हो तो तत्व की संयोजकता क्या होगी? तत्व का नाम भी लिखिए।

उत्तर:
परमाणु संख्या (Z) = 3
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 1
बाहरी कक्ष में 1 इलेक्ट्रॉन है, जिसे यह आसानी से त्याग देगा।
संयोजकता = 1
तत्व का नाम = लीथियम (Li)

13. दो परमाणु स्पीशीज़ X और Y के केंद्रकों का संघटन नीचे दिया गया है:

X: प्रोटॉन = 6, न्यूट्रॉन = 6
Y: प्रोटॉन = 6, न्यूट्रॉन = 8

उत्तर:
X की द्रव्यमान संख्या = 6 + 6 = 12
Y की द्रव्यमान संख्या = 6 + 8 = 14
चूँकि दोनों में प्रोटॉनों की संख्या (परमाणु संख्या) समान (6) है, इसलिए ये समस्थानिक (Isotopes) हैं (ये कार्बन के समस्थानिक हैं)।

14. सही (T) या गलत (F) लिखें:

  • (a) जे.जे. टॉमसन ने प्रस्तावित किया था कि परमाणु के केंद्रक में केवल न्यूक्लीयॉन्स होते हैं। (F) – टॉमसन ने नाभिक या न्यूक्लीयॉन्स की बात नहीं की थी।
  • (b) एक इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन मिलकर न्यूट्रॉन का निर्माण करते हैं इसलिए यह अनावेशित होता है। (F) – न्यूट्रॉन एक मौलिक कण है।
  • (c) इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन से लगभग 1/2000 गुणा होता है। (T)
  • (d) आयोडीन के समस्थानिक का इस्तेमाल टिंक्चर आयोडीन बनाने में होता है। (F) – टिंक्चर आयोडीन में साधारण आयोडीन होता है, समस्थानिक का उपयोग घेंघा रोग के उपचार में होता है।

15 से 18 (बहुविकल्पीय प्रश्न):

15. रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग किसकी खोज के लिए उत्तरदायी था?
उत्तर: (a) परमाणु केंद्रक

16. एक तत्व के समस्थानिक में होते हैं:
उत्तर: (c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या

17. Cl आयन में संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या है:
(क्लोरीन का विन्यास 2, 8, 7 है। एक इलेक्ट्रॉन लेने पर Cl का विन्यास 2, 8, 8 हो जाता है। संयोजकता इलेक्ट्रॉन = सबसे बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉन)
उत्तर: (b) 8

18. सोडियम का सही इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न में कौन सा है?
(परमाणु संख्या 11 = 2, 8, 1)
उत्तर: (d) 2, 8, 1

19. निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए:

(NCERT सारणी के रिक्त स्थान भरने के लिए गणना)

  • प्रथम पंक्ति: परमाणु संख्या 9 → फ्लोरीन। प्रोटॉन = 9, इलेक्ट्रॉन = 9, न्यूट्रॉन = 19 – 9 = 10.
  • द्वितीय पंक्ति: परमाणु संख्या 16 → सल्फर। द्रव्यमान = 32. प्रोटॉन = 16, न्यूट्रॉन = 16, इलेक्ट्रॉन = 16.
  • तृतीय पंक्ति: द्रव्यमान 24, प्रोटॉन 12 → मैग्नीशियम। परमाणु संख्या = 12, न्यूट्रॉन = 24 – 12 = 12, इलेक्ट्रॉन = 12.
  • चतुर्थ पंक्ति: द्रव्यमान 2, प्रोटॉन 1 → ड्यूटीरियम (हाइड्रोजन का समस्थानिक)। परमाणु संख्या = 1, न्यूट्रॉन = 2 – 1 = 1, इलेक्ट्रॉन = 1.
  • पंचम पंक्ति: प्रोटॉन 1, न्यूट्रॉन 0 → प्रोटियम (हाइड्रोजन)। द्रव्यमान = 1, परमाणु संख्या = 1, इलेक्ट्रॉन = 1.

नोट: यह उत्तर सारणी के डेटा और गणना पर आधारित है।

 

Leave a comment