अध्याय 11: ध्वनि (Sound)

अध्याय 11: ध्वनि (Sound)

यहाँ कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 11 (पुरानी पुस्तकों में अध्याय 12) के सरल हिंदी नोट्स, सारांश और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं। यह सामग्री आपकी NCERT पाठ्यपुस्तक पर आधारित है।

अध्याय सारांश (Chapter Summary)

1. ध्वनि का उत्पादन और संचरण (Production and Propagation)

  • उत्पादन: ध्वनि वस्तुओं के कंपन (Vibration) करने से उत्पन्न होती है।
  • माध्यम की आवश्यकता: ध्वनि के संचरण के लिए एक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता होती है। ध्वनि निर्वात (Vacuum) में यात्रा नहीं कर सकती।
  • यांत्रिक तरंगें: ध्वनि तरंगों को यांत्रिक तरंगें कहते हैं क्योंकि इन्हें चलने के लिए माध्यम के कणों की गति की आवश्यकता होती है।

2. अनुदैर्ध्य तरंगें (Longitudinal Waves)

ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं। इसमें माध्यम के कण विक्षोभ के संचरण की दिशा के समांतर (आगे-पीछे) कंपन करते हैं।

  • संपीडन (Compression – C): उच्च दाब और उच्च घनत्व का क्षेत्र जहाँ कण पास-पास होते हैं।
  • विरलन (Rarefaction – R): निम्न दाब और निम्न घनत्व का क्षेत्र जहाँ कण दूर-दूर होते हैं।

3. ध्वनि तरंग के अभिलक्षण (Characteristics of Sound Waves)

  • तरंगदैर्ध्य (Wavelength, λ): दो क्रमागत संपीडनों या विरलनों के बीच की दूरी। मात्रक: मीटर (m)।
  • आवृत्ति (Frequency, ν): एक सेकंड में होने वाले दोलनों की कुल संख्या। मात्रक: हर्ट्ज़ (Hz)।
  • आवर्त काल (Time Period, T): एक दोलन पूरा करने में लगा समय। सूत्र: T = 1/ν
  • आयाम (Amplitude, A): कणों का अपनी मूल स्थिति से अधिकतम विस्थापन। यह ध्वनि की प्रबलता (Loudness) को निर्धारित करता है।
  • तारत्व (Pitch): यह ध्वनि की आवृत्ति पर निर्भर करता है। उच्च आवृत्ति = उच्च तारत्व (तीखी आवाज़), निम्न आवृत्ति = निम्न तारत्व (मोटी आवाज़)।
  • वेग और संबंध: वेग (v) = तरंगदैर्ध्य (λ) × आवृत्ति (ν)

4. ध्वनि का परावर्तन (Reflection of Sound)

  • प्रतिध्वनि (Echo): किसी सतह से टकराकर ध्वनि का वापस सुनाई देना। स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि के बीच कम से कम 0.1 सेकंड का समय अंतराल होना चाहिए। इसके लिए परावर्तक सतह की न्यूनतम दूरी (वायु में 22°C पर) लगभग 17.2 मीटर होनी चाहिए।
  • अनुरणन (Reverberation): किसी बड़े हॉल में ध्वनि का बार-बार परावर्तन जिसके कारण ध्वनि देर तक बनी रहती है। इसे कम करने के लिए दीवारों पर ध्वनि-अवशोषक पदार्थ (जैसे फाइबर बोर्ड, पर्दे) लगाए जाते हैं।

5. श्रव्यता का परिसर (Range of Hearing)

  • श्रव्य ध्वनि: 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) तक (मनुष्यों के लिए)।
  • अवश्रव्य (Infrasonic): 20 Hz से कम आवृत्ति (उदा: व्हेल, हाथी, भूकंप की तरंगें)।
  • पराध्वनि (Ultrasonic): 20,000 Hz से अधिक आवृत्ति (उदा: चमगादड़, डॉल्फिन)।

6. पराध्वनि के अनुप्रयोग (Applications of Ultrasound)

  • सफाई: उन भागों की सफाई जहाँ पहुँचना कठिन हो (सर्पिलाकार नली, पुर्जे)।
  • दोष का पता लगाना: धातु के ब्लॉकों में दरारों का पता लगाना।
  • चिकित्सा:
    • इकोकार्डियोग्राफ़ी (ECG): हृदय का प्रतिबिंब बनाना।
    • अल्ट्रासोनोग्राफी (USG): शरीर के आंतरिक अंगों (गुर्दे, यकृत, भ्रूण) की जाँच।
    • लिथोट्रिप्सी: गुर्दे की पथरी को तोड़ना।

महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Important Questions for Exams)

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type)

प्रश्न 1. ध्वनि तरंगों को यांत्रिक तरंगें क्यों कहते हैं?

उत्तर: ध्वनि तरंगों को यांत्रिक तरंगें इसलिए कहते हैं क्योंकि इनके संचरण (एक जगह से दूसरी जगह जाने) के लिए किसी द्रव्यात्मक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता होती है। ये माध्यम के कणों की गति द्वारा आगे बढ़ती हैं।

प्रश्न 2. अनुरणन (Reverberation) क्या है? इसे कैसे कम किया जा सकता है?

उत्तर: किसी बड़े हॉल में ध्वनि के बार-बार परावर्तन के कारण ध्वनि का लंबे समय तक बने रहना ‘अनुरणन’ कहलाता है। इसे कम करने के लिए ऑडिटोरियम की छतों और दीवारों पर ध्वनि अवशोषक पदार्थ जैसे फाइबर बोर्ड, खुरदरे प्लास्टर या भारी पर्दे लगाए जाते हैं।

प्रश्न 3. प्रतिध्वनि (Echo) सुनने के लिए आवश्यक शर्तें क्या हैं?

उत्तर: स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए:

  1. मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि के बीच कम से कम 0.1 सेकंड का समय अंतराल होना चाहिए।
  2. स्रोत और परावर्तक सतह के बीच की न्यूनतम दूरी (22°C वायु में) लगभग 17.2 मीटर होनी चाहिए।

प्रश्न 4. तारत्व (Pitch) और प्रबलता (Loudness) किन कारकों पर निर्भर करते हैं?

उत्तर:

  • तारत्व: यह आवृत्ति पर निर्भर करता है। (अधिक आवृत्ति = उच्च तारत्व)।
  • प्रबलता: यह आयाम पर निर्भर करती है। (अधिक आयाम = अधिक प्रबल ध्वनि)।

दीर्घ उत्तरीय और आंकिक प्रश्न (Long Answer & Numerical Type)

प्रश्न 5. एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 2 kHz और तरंगदैर्ध्य 35 cm है। यह 1.5 km दूरी चलने में कितना समय लेगी?

उत्तर:
आवृत्ति (ν) = 2 kHz = 2000 Hz
तरंगदैर्ध्य (λ) = 35 cm = 0.35 m
दूरी (d) = 1.5 km = 1500 m

चरण 1: ध्वनि का वेग ज्ञात करें।
वेग (v) = λ × ν
v = 0.35 × 2000 = 700 m/s

चरण 2: समय ज्ञात करें।
समय (t) = दूरी / वेग
t = 1500 / 700 = 2.14 सेकंड (लगभग)
उत्तर: ध्वनि को 1.5 km चलने में लगभग 2.1 सेकंड लगेंगे।

प्रश्न 6. पराध्वनि (Ultrasound) के तीन उपयोग लिखिए।

उत्तर:

  1. धातुओं में दोष का पता लगाना: पराध्वनि तरंगें धातु के ब्लॉक से गुजारी जाती हैं। यदि कोई दरार या छिद्र होता है, तो तरंगें वापस परावर्तित हो जाती हैं, जिससे दोष का पता चल जाता है।
  2. सफाई में: इसका उपयोग उन वस्तुओं (जैसे सर्पिलाकार नली, इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे) को साफ करने में होता है जहाँ पहुँचना मुश्किल है। विलयन में उच्च आवृत्ति की तरंगें भेजने से धूल/चिकनाई अलग हो जाती है।
  3. चिकित्सा में (अल्ट्रासोनोग्राफी): इसका उपयोग शरीर के आंतरिक अंगों (जैसे गुर्दे, यकृत) का प्रतिबिंब बनाने और गर्भाशय में भ्रूण की जाँच करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 7. एक पनडुब्बी सोनार (SONAR) संकेत भेजती है और उसकी प्रतिध्वनि 5 सेकंड बाद प्राप्त करती है। यदि समुद्र के पानी में ध्वनि की चाल 1531 m/s है, तो पनडुब्बी से वस्तु की दूरी ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
समय (t) = 5 s (जाने और आने का कुल समय)
ध्वनि की चाल (v) = 1531 m/s
दूरी (d) = ?

सूत्र: 2d = v × t (क्योंकि ध्वनि जाती है और वापस आती है)
d = (v × t) / 2
d = (1531 × 5) / 2
d = 7655 / 2
d = 3827.5 मीटर
उत्तर: वस्तु की दूरी 3827.5 मीटर है।

प्रश्न 8. कन्सर्ट हॉल की छतें वक्राकार क्यों बनाई जाती हैं?

उत्तर: कन्सर्ट हॉल, सिनेमा हॉल और सम्मेलन कक्षों की छतें वक्राकार इसलिए बनाई जाती हैं ताकि ध्वनि परावर्तन के बाद हॉल के सभी कोनों तक समान रूप से पहुँच सके। यह ध्वनि को अवशोषित होने से बचाता है और पीछे बैठे दर्शकों तक भी स्पष्ट आवाज़ पहुँचाता है।

 

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