भूमि, मिट्टी, पानी, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन

भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन

1. भूमि संसाधन

  • महत्व:
    • भूमि का उपयोग कृषि, आवास, उद्योग और सड़क निर्माण में किया जाता है।
    • विश्व की 90% जनसंख्या धरती के केवल 30% भूमि क्षेत्र पर निवास करती है।
  • भूमि उपयोग के प्रकार:
    • निजी भूमि – व्यक्तियों के स्वामित्व में।
    • सामुदायिक भूमि – समुदाय द्वारा साझा उपयोग (जैसे – चारागाह, बाग-बगीचे)।
  • चुनौतियाँ:
    • भूमि की गुणवत्ता में भिन्नता।
    • अत्यधिक दोहन, अतिक्रमण और अयोग्य प्रबंधन के कारण संसाधनों का ह्रास।

2. मृदा (मिट्टी)

  • निर्माण के कारक:
    • जलवायु (तापमान, वर्षा), मूल चट्टान, जैविक पदार्थ और समय।
  • मृदा अपरदन के कारण:
    • वनों की कटाई, अत्यधिक चराई, ढलानों पर असावधानी से की गई खेती।
  • संरक्षण के उपाय:
    • सोपानी खेती – पहाड़ी क्षेत्रों में सीढ़ीनुमा खेत बनाना।
    • वायु रोधक पंक्तियाँ – खेतों के चारों ओर वृक्षों की पंक्तियाँ लगाना।
    • मल्चिंग – मिट्टी को पौधों के अवशेषों से ढककर संरक्षण करना।


3. जल संसाधन

  • वितरण:
    • पृथ्वी का 97% जल खारा है (समुद्री जल)।
    • केवल 3% जल ही मीठा है, जिसमें 70% से अधिक ध्रुवीय हिमनदों में जमा है।
  • जल संकट के कारण:
    • जनसंख्या वृद्धि, प्रदूषण, और जल का अत्यधिक दोहन।
  • संरक्षण के उपाय:
    • वर्षा जल संचयन।
    • जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना।
    • जल का विवेकपूर्ण उपयोग।

4. प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन

  • संरक्षण के तरीके:
    • राष्ट्रीय उद्यान (जैसे – काजीरंगा, सुंदरवन)।
    • वन्यजीव अभयारण्य – जानवरों की रक्षा के लिए संरक्षित क्षेत्र।
    • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र – जैव विविधता को संरक्षित करने वाले बड़े क्षेत्र।
    • CITES (साइट्स) – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विलुप्त होती प्रजातियों के व्यापार पर नियंत्रण।
  • खतरे:
    • अवैध शिकार।
    • वनों की कटाई।
    • मानवीय हस्तक्षेप से प्राकृतिक आवास का नष्ट होना।

5. भूस्खलन

  • मुख्य कारण:
    • भारी वर्षा, भूकंप और अनियंत्रित निर्माण गतिविधियाँ।
  • रोकथाम के उपाय:
    • पेड़ लगाकर ढलानों को स्थिर बनाना।
    • दीवारें बनाकर मिट्टी के खिसकने को रोकना।
    • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में निर्माण कार्य प्रतिबंधित करना।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • जल चक्र – वाष्पीकरण, संघनन, वर्षा और पुनः समुद्र में जल का पहुंचना।
  • मृदा अपरदन – एक सेमी मिट्टी बनने में सैकड़ों वर्ष लगते हैं।
  • भारत में संरक्षित क्षेत्र:
    • काजीरंगा – एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध।
    • गिर – एशियाई शेरों का आवास।
    • सुंदरवन – रॉयल बंगाल टाइगर के लिए प्रसिद्ध।

परीक्षा के लिए टिप्स

  • आरेख बनाएँ – जल चक्र, मृदा परतों, सोपानी खेती आदि के चित्र।
  • उदाहरण याद रखें – जैसे जल संकट से ग्रस्त राज्य (राजस्थान), मृदा संरक्षण उपाय।
  • महत्वपूर्ण शब्दावली
    • साइट्स (CITES)
    • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र
    • सोपानी खेती

प्रश्नों के उत्तर


1. लघु उत्तरीय प्रश्न

(i) मृदा निर्माण के लिए उत्तरदायी दो मुख्य जलवायु कारक कौन-से हैं?

  • तापमान
  • वर्षा

(ii) भूमि निम्नीकरण के कोई दो कारण लिखिए।

  • अत्यधिक चराई
  • वनों की कटाई

(iii) भूमि को एक महत्वपूर्ण संसाधन क्यों माना जाता है?

  • क्योंकि भूमि कृषि, आवास, उद्योग और परिवहन जैसी मानवीय गतिविधियों का आधार है।
  • विश्व की 90% जनसंख्या केवल 30% भूमि पर निवास करती है।

(iv) दो संरक्षित क्षेत्रों के नाम बताइए जिन्हें सरकार ने पौधों और जानवरों की सुरक्षा के लिए स्थापित किया है।

  • राष्ट्रीय उद्यान (उदा. काजीरंगा)
  • वन्यजीव अभयारण्य (उदा. गिर अभयारण्य)

(v) जल संरक्षण के तीन तरीके बताइए।

  • वर्षा जल संचयन
  • नदियों को प्रदूषण से बचाना
  • जल का विवेकपूर्ण उपयोग

2. बहुविकल्पीय प्रश्न

(i) निम्नलिखित में से कौन-सा कारक मृदा निर्माण का नहीं है?

  • उत्तर: (b) मृदा का गठन

(ii) निम्नलिखित में से कौन-सी विधि तीव्र ढलानों पर मृदा अपरदन को रोकने के लिए सबसे उपयुक्त है?

  • उत्तर: (c) सोपानी खेती

(iii) निम्नलिखित में से कौन-सा प्राकृतिक संरक्षण के अनुकूल नहीं है?

  • उत्तर: (c) खरीदारी के बाद पॉलीथिन को फेंक देना

3. स्तंभ मिलान

स्तंभ Aस्तंभ B
(a) भूमि उपयोगभूमि का उत्पादक उपयोग
(b) ह्यूमसमृदा की ऊपरी परत पर जमा जैव पदार्थ
(c) पत्थर की बाँधमृदा अपरदन को रोकना
(d) जैवमंडलस्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल के बीच संबंध
(e) सोपानी खेतीढलानों पर मृदा संरक्षण

4. सत्य / असत्य

(i) भारत का गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान अत्यधिक उर्वर क्षेत्र है।

  • उत्तर: सत्य
  • कारण: यह क्षेत्र जलोढ़ मिट्टी से भरपूर है, जो कृषि के लिए उपयुक्त है।

(ii) भारत में प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता घट रही है।

  • उत्तर: सत्य
  • कारण: जनसंख्या वृद्धि और जल संसाधनों के अत्यधिक उपयोग के कारण।

(iii) तटीय क्षेत्रों में पवन गति को रोकने के लिए पेड़ों की पंक्तियाँ लगाई जाती हैं, जिसे अंतराफसलीकरण कहते हैं।

  • उत्तर: असत्य
  • सही उत्तर: इसे वायु रोधक पंक्तियाँ कहा जाता है।

(iv) मानवीय हस्तक्षेप और जलवायु परिवर्तन पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रख सकते हैं।

  • उत्तर: असत्य
  • कारण: ये दोनों ही पारिस्थितिकी तंत्र को असंतुलित करते हैं।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

  • जल चक्र, मृदा परतों, और सोपानी खेती के आरेख अवश्य याद करें।
  • उत्तर लिखते समय उदाहरण अवश्य दें (जैसे – काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, गिर अभयारण्य)।
  • महत्वपूर्ण शब्दावली याद रखें:
    • साइट्स (CITES)
    • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र
    • सोपानी खेती

 

📚 याद रखें – “प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, उज्ज्वल भविष्य की नींव है।”

 

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