1. तत्सम शब्द (Tatsam Shabd)
अर्थ:
वे शब्द जो संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के हिंदी में आए हैं। इनका रूप लगभग वैसा ही रहता है जैसा संस्कृत में होता है।
उदाहरण:
- अग्नि
- सूर्य
- जल
- मनुष्य
- विद्या
पहचान:
- उच्चारण कठिन हो सकता है।
- अधिकतर शुद्ध और साहित्यिक भाषा में प्रयुक्त होते हैं।
2. तद्भव शब्द (Tadbhav Shabd)
अर्थ:
वे शब्द जो संस्कृत शब्दों से बदलते-बदलते प्राकृत, अपभ्रंश और फिर हिंदी में आए हैं। इनका रूप थोड़ा बदल चुका होता है।
उदाहरण:
- अग्नि (संस्कृत) → आग (तद्भव)
- दन्त (संस्कृत) → दाँत (तद्भव)
- नयन (संस्कृत) → नैन (तद्भव)
- पुष्प (संस्कृत) → फूल (तद्भव)
पहचान:
- बोलचाल में अधिक प्रयोग होते हैं।
- सरल और प्रचलित रूप होते हैं।
3. देशज शब्द (Deshaj Shabd)
अर्थ:
वे शब्द जो किसी विदेशी भाषा या संस्कृत से नहीं आए, बल्कि स्वदेशी बोलियों या स्थानीय भाषाओं से उत्पन्न हुए हैं।
उदाहरण:
- कुत्ता
- टोटा
- लोटा
- चिमटा
- भौंकना
पहचान:
- ये शब्द किसी दूसरी भाषा से लिए नहीं जाते।
- ये आम बोलचाल की भाषा में बहुत मिलते हैं।
- ग्राम्य और स्थानीयता लिए होते हैं।
संक्षेप में फर्क:
प्रकार | स्रोत | रूपांतरण | प्रयोग क्षेत्र |
---|---|---|---|
तत्सम | संस्कृत | नहीं | साहित्यिक, शुद्ध भाषा |
तद्भव | संस्कृत | हाँ | आम बोलचाल |
देशज | देशी/स्थानीय | नहीं | स्थानीय भाषाएं |